एनआईईटी में एंटीबॉयटिक प्रतिरोध, कारण एवं डिजिटल भारत में चुनौतियां विषय पर आयोजित कांफ्रेस का हुआ समापन

एनआईईटी में एंटीबॉयटिक प्रतिरोध, कारण एवं डिजिटल भारत में चुनौतियां विषय पर आयोजित कांफ्रेस का हुआ समापन

ग्रेटर नोएडा,12 सितम्बर। एनआईईटी फार्मेसी इंस्टिट्यूट में एआईसीईटी प्रायोजित तीन दिवसीय ई-कांफ्रेंस “एंटीबॉयटिक प्रतिरोध: कारण एवं डिजिटल भारत में भविष्य की चुनौतियां” का समापन हुआ। कांफ्रेंस को कई शिक्षाविदों एवं उद्द्योग व चिकित्सा जगत के लोगों ने सम्बोधित किया। समापन समारोह में एनआईईटी के उपाध्यक्ष रमन बत्रा ने सभी प्रतिभागियों को इस महत्वपूर्ण कॉन्फ्रेंस का हिस्सा होने की बढ़ायी दी एवं उम्मीद जताई की सभी प्रतिभागी समाज में चेतना फ़ैलाने का कार्य करेंगे। डॉक्टर प्रवीण सोनेजा, डायरेक्टर जनरल ने भी समारोह को सम्बोधित किया। डॉक्टर रूपा मजूमदार, डीन ने समारोह की संक्षिप्त व्यख्या प्रस्तुत की। समारोह के मुख्य अतिथि डॉक्टर आर.के. खार, पूर्व डीन, जामिया हमदर्द एवं निदेशक, बी.एस. अनगपुरिया इंस्टिट्यूट ऑफ़ फार्मेसी ने विभिन्न नए प्रकार के ड्रग डिलीवरी तंत्र के बारे में बताया जो एंटीबॉयटिक प्रतिरोध में उपयोगी साबित होगा। डॉक्टर वी. कालासेल्वम, मुख्य वैज्ञानिक अधिकारी, आईपीसी एवं डॉक्टर एस. जैद ए. हुसैन, ग्लोबल सेफ्टी अधिकारी, रेकिट बेनकाइजर ने भी वर्तमान में विभिन्न प्रकार के कार्यक्रमों एवं उपलब्ध दवाओं के बारे में बताया। कार्यक्रम का समापन डॉक्टर अविजित मजूमदार के द्वारा सबको धन्यवाद प्रेषित करने के बाद हुआ।

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