प्रधानमंत्री ने राजमाता विजया राजे सिंधिया के जन्मशती समारोह में 100 रुपये का स्मारक सिक्का किया जारी

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से राजमाता विजया राजे सिंधिया के जन्मशती समारोह के समापन के उपलक्ष्य में 100 रुपये के मूल्य का विशेष स्मारक सिक्का जारी किया। उन्होंने राजमाता को उनकी जयंती के अवसर पर श्रद्धाजंलि भी अर्पित की। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने विजया राजे की पुस्तक का उल्लेख करते हुए कहा कि इस पुस्तक में उन्हें गुजरात के युवा नेता के रूप में प्रस्तुत किया गया था और आज इतने वर्षों के बाद, वह देश के प्रधान सेवक के रूप में देश की सेवा कर रहे हैं। प्रधानमंत्री ने कहा कि राजमाता ने हमें जन सेवा के बारे में सिखाया है और बताया है कि इसके लिए किसी विशेष परिवार में जन्म लेना जरूरी नहीं है। इसके लिए राष्ट्र प्रेम और लोकतांत्रिक स्वभाव की जरूरत है। इन विचारों और आदर्शों को उनके जीवन में देखा जा सकता है। राजमाता के पास हजारों कर्मचारी थे, एक शानदार महल था और सभी सुविधाएं उपलब्ध थीं, लेकिन उन्होंने अपना जीवन आम लोगों के लिए और गरीबों की आकांक्षाओं के प्रति समर्पित कर दिया था। वो हमेशा जन सेवा से जुड़ी रहीं और उसके प्रति ही प्रतिबद्ध रहीं। उन्होंने कहा कि राजमाता ने अपने आपको राष्ट्र के भविष्य के लिए समर्पित कर दिया था। राजमाता ने देश की भावी पीढि़यों के लिए अपनी सारी खुशियां न्योछावर कर दी थीं। राजमाता पद और प्रतिष्ठा के लिए नहीं जीती थीं, और न ही उन्होंने कोई राजनीति की। प्रधानमंत्री ने कहा कि देश के विभिन्न क्षेत्रों में आज नारी शक्ति आगे बढ़ रही। प्रधानमंत्री ने कहा कि यह भी एक अद्भुत संयोग है कि जिस रामजन्मभूमि मंदिर का उन्होंने सपना देखा और जिसके लिए उन्होंने संघर्ष किया, वह सपना उनके जन्म शताब्दी के वर्ष में पूरा हुआ है। उन्होंने कहा कि ‘आत्मनिर्भर भारत’ की सफलता एक मजबूत, सुरक्षित और समृद्ध भारत के उनके विजन को साकार करने में हमारी मदद करेगा।

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