अयोध्या में श्रीराम मंदिर भूमि पूजन में रबूपुरा के आचार्य शामिल, अयोध्या में दीपोत्सव

अयोध्या/ रबूपुरा। लम्बे अर्से के इंतजार के बाद 5 अगस्त से अयोध्या में शुरू होने जा भव्य श्रीराम मंदिर निर्माण के लिए हो रहे भूमि पूजन में रबूपुरा के निवासी वेदाचार्य भी शामिल हुए हैं। शुभ कार्य के लिए चयनित 21 वेदाचार्याें की टीम में कस्बा के मूल निवासी वेद आचार्य पंड़ित संदीप शर्मा का भी चयन किया गया है जोकि कार्यक्रम में पिछले कई दिनों से योगदान दे रहे हैं। गांव में रहकर सामान्य किसान की तरह खेती बाड़ी कर जीवन यापन करने वाले उनके पिता चैना शर्मा ने बताया कि संदीप शर्मा उनके सबसे बड़े पुत्र हैं तथा कस्बे में पांचवी तक की पढ़ाई करने के बाद उन्हें इलाहाबाद भेज दिया था।

अयोध्या में श्रीराम मंदिर भूमि पूजन में रबूपुरा के आचार्य शामिल, अयोध्या में दीपोत्सव अयोध्या में श्रीराम मंदिर भूमि पूजन में रबूपुरा के आचार्य शामिल, अयोध्या में दीपोत्सव

जहां उन्होंने प्रसिद्ध वेदाचार्य चन्द्रभानु, विष्णुदत्त मिश्र और वेदरत्न बालकिशन जी के सानिध्य में संदीप ने ज्योतिष और शिक्षा शस्त्र अध्ययन पूरा किया तथा देश के विभिन्न विश्वविद्यालयों में अध्यापन कार्य किया। उन्हें भारत सरकार से वेदविभूषण की उपाधि प्राप्त हुई है। पंड़ित संदीप शर्मा ने बताया कि भूमि पूजन के लिए देश भर से कुल 21 विद्वान पंड़ितों को चुना गया है जिनमें एक वह भी शामिल हुए है और यह उनके लिए अत्यंत सौभाग्य की बात है।

अयोध्या में भगवान श्रीराम के भव्य व दिव्य मंदिर का सदियों पुराना सपना साकार होने ही वाला है। बुधवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अयोध्या में राम मंदिर के लिए भूमिपूजन व शिलान्यास करेंगे। इसके लिए सारी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। नगर में गणमान्य व्यक्तियों के पहुंचने का सिलसिला जारी है। मंगलवार को ही राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के प्रमुख मोहन भागवत व योग गुरू बाबा रामदेव अयोध्या पहुंच चुके हैं। देर रात तक कई अन्य लोग भी पहुंचेंगे। वहीं, राम मंदिर निर्माण के लिए सोमवार से ही अयोध्या में अनुष्ठानों का दौर शुरू हो चुका है। 21 वैदिक आचार्यों ने सोमवार सुबह 9 बजे यजमान महेश भरतचक्रा को संकल्प दिलाते हुए पूजन प्रारंभ किया। मंगलवार को रामार्चा पूजा हो रही है, जिसे डॉ.रामानंद दास करा रहे हैं। कल भूमिपूजन के दिन अयोध्या, मथुरा, काशी व दिल्ली के आचार्य पूजन कराएंगे। उधर, शाम से ही राम की नगरी अयोध्या दीपोत्सव के साथ ही भक्तिभाव में डूब गई। सरयू के तट पर लंबी कतारें बनाकर दीपमालिकाएं तैयार की गईं और इन्हें प्रज्वलित किया गया। इसके साथ ही नगर में लोग अपने घरों में दीप जलाकर, रामायण व सुंदरकांड का पाठ कर रहे हैं।

 

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