गणित में हमारी प्राचीन पद्धति सबसे उत्तम रही है-प्रो. आर.एस. निर्जर

-फ्रंटियर्स इन इंडस्ट्रियल एंड एप्लाइड मैथमेटिक्स पर दो दिवसीय अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन

ग्रेटर नोएडा,21 दिसम्बर। गलगोटिया कॉलेज ऑफ़ इंजीनियरिंग टेक्नोलॉजी के गणित विभाग के द्वारा फ्रंटियर्स इन इंडस्ट्रियल एंड एप्लाइड मैथमेटिक्स पर दो दिवसीय अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन किया जा रहा है। जिसमें देश-विदेश से लगभग 150 गणितज्ञ और शोधार्थी शामिल होंगे। संगोष्ठी में मुख्य अतिथि ए.आई.सी.टी.ई. पूर्व चेयरमैन एवं गौतमबुद्ध यूनिवर्सिटी के पूर्व वाइस चांसलर प्रो.आर.एस. निर्  जर तथा अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी के पूर्व प्रो. वाइस चांसलर प्रोफ़ेसर अब्दुल हसन सिद्दीक़ी ने भाग लेकर गणित विषय पर अपने महत्वपूर्ण विचार रखते हुए शोधार्थियों का मार्गदर्शन किया। पहले दिन के सत्र में यूनाइटेड स्टेट ऑफ़ अमेरिका, यूनाइटेड किंगडम और ओमान सहित भारत के अनेक शिक्षण संस्थानों के गणितज्ञ अपने अपने शोधों की आगामी शिक्षण प्रणाली के महत्व पर प्रकाश डालेंगे। प्रोफ़ेसर निरजर ने कहा कि गणित एक कविता और विज्ञान की व्याकरण है। उन्होंने आगे कहा कि शोधार्थियों के शोध और नए आविष्कारों से ही इक्कीसवीं सदीं भारत की ही होगी। क्योंकि भारत महान प्रतिभाओं का एक धनी देश है। और गणित में हमारी प्राचीन पद्धति सबसे उत्तम है। क्योंकि वह हमारी चेतना में समाहित है, परंतु आज की आधुनिक औद्योगिकी में हमारे हाथों के दस्तकारों और कामगारों को पूर्ण रूप से मौक़ा नहीं मिलेगा अन्यथा भारत विश्व के औद्योगिक जगत के लिये नये-से नये आयामों की संरचना करके दुनिया को एक नयी ऊँचाई प्रदान करता। संगोष्ठी की रूपरेखा प्रोफ़ेसर दुष्यंत कुमार ने और संचालन डॉ. अंजुम ने किया। कार्यक्रम के दौरान कॉलेज के सभी अध्यापक गण मौजूद रहे।

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