रबूपुरा। कोतवाली क्षेत्र अंर्तगत करीब एक सप्ताह पूर्व गांव कलूपुरा स्थित घर में सोते समय व्यक्ति को गोली लगने के बाद गांव के ही युवकों पर आरोप लगाते हुए रिपोर्ट दर्ज कराने के मामले में रविवार को उस समय नया मोड़ आया जब सैकडों ग्रामीणों ने पंचायत कर अभियुक्त बनाये गये युवकों को झूठे मुकदमें फंसाने का आरोप लगाया। साथ ही ग्रामीणों ने कोतवाली प्रभारी से मुलाकात कर न्याय की गुहार लगाते हुए वादी पर पूर्व में भी ऐसे ही एक फर्जी मुकदमा दर्ज कराने का आरोप लगाया है। कोतवाली प्रभारी विनीत कुमार ने उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया है। लोगों के मुताबिक गांव कलूपुरा में गत 17 फरवरी की घटना को लेकर रविवार को एक पंचायत आयोजित की गई। जिसमें गांव योगेश बाल्मिकी द्वारा गोली लगने के बाद गांव के रिंकू एवं ललित के खिलाफ झूठी रिपोर्ट दर्ज कराने की बात सामने आई। इसके बाद दर्जनों ग्रामीणों ने कोतवाली प्रभारी से मिलकर समूचे घटनाक्रम से अवगत कराया तथा योगेश द्वारा करीब 1 वर्ष पहले भी इसी प्रकार की घटना को अंजाम देने का गांव के ही दो युवकों पर आरोप लगाते हुए रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। जिसके बाद जांच में मामला फर्जी पाया गया था। आरोप है कि इसी प्रकार उसने फिर से मामला बनाते हुए युवकों को फंसाया है। इस दौरान देवेन्द्र गौड़, हरस्वरूप शर्मा, प्रेमदत्त, रामेश्वर, जयप्रकाश, रोशनलाल, नौरतन, राजवीर, संजय, सुखवीर, हरिचंद, त्रिलोक, तेजसिंह, त्रिभुवन, ओमदत्त, कंचन, नेत्रपाल, जयभगवान, गिर्राज, सुरेश, सुभाष, नरेन्द्र आदि मौजूद रहे। गौरतलब है कि गत 17 फरवरी को गांव कलूपुरा निवासी योगेश बाल्मिकी को संदिग्ध परस्थिति में गोली लगने से वह घायल हो गया था। मामले में गांव के दो युवकों पर घटना को अंजाम देने का आरोप लगाते हुए रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी।
फर्जी मुकदमें में फंसाने का ग्रामीणों ने लगाया आरोप, की पंचायत






