मुम्बई पहुंचे सीएम योगी, लखनऊ म्युनिसिपल बॉण्ड बीएसई में सूचीबद्ध, क्या होता है म्युनिसिपल बॉण्ड देखिए…

यूपी का यह पहला म्युनिसिपल बॉन्ड, 10 साल में होगा मेच्यौर

मुंबई(एजेन्सी)। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ बुधवार को बीएसई के हेरिटेज हॉल में आयोजित ‘रिंगिंग बेल सेरेमनी’ में मुख्यमंत्री ने परंपरानुसार बेल बजाकर लखनऊ नगर निगम का म्युनिसिपल बॉन्ड जारी किया। सीएम योगी ने इस मौके पर कहा कि कोरोना के इस कालखंड में लखनऊ नगर निगम का 200 करोड़ रुपये के म्युनिसिपल बॉन्ड की लिस्टिंग के साथ ‘आत्मनिर्भरता के लक्ष्य को प्राप्त करने की दिशा में आगे बढ़ेगा। निगम का यह प्रयास न केवल लखनऊ वासियों को बेहतर अवस्थापना सुविधाएं देने के लिए वित्तीय जरूरतों को पूरा करने वाला होगा, बल्कि उत्तर प्रदेश के अन्य नगर निगमों को भी इस दिशा में कार्य करने के लिए प्रेरित करेगा। तमाम उद्यमियों, निवेशकों, बीएसई के अधिकारियों व अनेक गणमान्य जनों की मौजूदगी में मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि लखनऊ के बाद अब अतिशीघ्र गाजियाबाद नगर निगम भी बीएसई में अपने म्युनिसिपल बांड की लिस्टिंग कराएगा। सीएम योगी ने कहा कि निवेशकों की रुचि के कारण ही यह बॉण्ड ओवर सब्सक्राइब हुआ। साढ़े चार गुना अधिक ओवर सब्सक्रिप्शन मिलना शानदार है। यह हमें और बेहतर करने को प्रेरित करेगा। लखनऊ नगर निगम का यह म्युनिसिपल बॉन्ड न केवल यूपी में नगर निगमों की कार्यप्रणाली में आवश्यक सुधार का प्रतीक है, बल्कि जनता के प्रति नगरीय निकायों की प्रतिबद्धता का परिचायक भी है। बॉण्ड के माध्यम से निकायों में प्रशासनिक और वित्तीय सुधार सम्भव हो सकेंगे।

यूपी का यह पहला म्युनिसिपल बॉन्ड, 10 साल में होगा मेच्यौर
नगर विकास मंत्री आशुतोष टंडन के मुताबिक कि बॉन्ड लाने के लिए केंद्र सरकार लखनऊ नगर निगम 26 करोड़ रुपए की सब्सिडी देगी। उन्होंने बताया कि यूपी का यह पहला म्युनिसिपल बॉन्ड 225 फीसदी से ज्यादा सब्सक्राइब हुआ है. अब बीएसई में लिस्टिंग के बाद यह ट्रेडिंग के लिए भी उपलब्ध होगा। नगर विकास मंत्री ने बताया कि बॉन्ड के माध्यम से जुटाई गई धनराशि को राज्य की राजधानी में विभिन्न बुनियादी ढांचागत योजनाओं में निवेश किया जाएगा. नवंबर के शुरुआती हफ्ते में लखनऊ नगर निगम ने बीएसई बॉन्ड मंच के माध्यम से नगरपालिका बॉन्ड जारी करके 200 करोड़ रुपये जुटाए हैं। लखनऊ नगर निगम के बॉन्ड पर निवेशकों को 8.5 फीसदी वार्षिक ब्याज मिलेगा और इसकी परिपक्वता अवधि 10 साल है। उम्मीद है कि इस बॉन्ड की सफल लॉन्चिंग से लखनऊ नगर निगम की तस्वीर बदलेगी और उसे देश-विदेश से निवेश जुटाने में मदद भी मिलेगी. इसके साथ ही सरकार अन्य जिलों के नगर निगम के बॉन्ड भी जल्द जारी होंगे. सीएम योगी आदित्यनाथ ने बताया कि स्टॉक एक्सचेंज में म्युनिसिपल बॉण्ड के सूचीबद्ध हो जाने से जनता को बुनियादी सुविधाएं देने के लिए धन की कोई कमी नहीं होगी।

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