उभरते अनुप्रयोगों के लिए मैटलैब के साथ मॉडलिंग और सिमुलेशन पर आई.ई.ई.ई. कार्यशाला

उभरते अनुप्रयोगों के लिए मैटलैब के साथ मॉडलिंग और सिमुलेशन पर आई.ई.ई.ई. कार्यशाला

डी.ई.आई. आगरा, एवं सी. यू. एच. महेंद्रगढ़ की आई.ई.ई.ई. छात्र शाखाओं एवं मैथवर्क्स के सहयोग से १० दिवसीय आई.ई.ई.ई. वर्कशॉप का अयोजन
गुरुग्राम। आई.ई.ई.ई. दयालबाग एजुकेशनल इंस्टीट्यूट आगरा की छात्र शाखा ने आई.ई.ई.ई. सेंट्रल यूनिवर्सिटी ऑफ हरियाणा महेंद्रगढ़ और मैथवर्क्स के सहयोग से, छात्रों के लिए उभरते अनुप्रयोगों के लिए मैटलैब के साथ मॉडलिंग और सिमुलेशन पर 10-दिवसीय आई.ई.ई.ई. कार्यशाला का आयोजन किया। व्याख्यानों की यह श्रृंखला 18 अक्टूबर 2021 को शुरू हुई और 28 अक्टूबर 2021 को समाप्त हुई। कार्यशाला में मैटलैब के क्षेत्र में अग्रणी विशेषज्ञों द्वारा दी गई संवादात्मक वार्ताओं की एक श्रृंखला शामिल थी। विशेषज्ञों के इस पैनल में विशेषज्ञ मनोज कुमार जो कि डिज़ाइन टेक लिमिटेड में कार्यरत हैं, एवं डॉ. सौविक चटर्जी, जो मैथवर्क्स में एकेडमिक पार्टनर के पद पर कार्य हैं। एवं उनकी सहयोगी आशिता गुप्ता, जो मैथवर्क्स में कस्टमर सक्सेस स्पेशलिस्ट के पद पर कार्य हैं।
कार्यशाला के दस दिनों में, विशेषज्ञों ने मैटलैब और सिमुलिंक ऑनरैंप, नियंत्रण उप-प्रणालियों की मूल बातें, भौतिक मॉडलिंग, नियंत्रण प्रणाली और सर्किट सिमुलेशन, सिमुलेशन ऑनरैंप, सिमस्केप ऑनरैंप जैसे विषयों का विवरण दिया। ए. आई, मशीन लर्निंग और डीप लर्निंग ऑन रैंप, और यहां तक कि प्रोजेक्ट-आधारित लर्निंग को संबोधित करते हुए, व्यापक और गहन प्रस्तुतियों, अत्याधुनिक तकनीकों के उदाहरणों और वास्तविक दुनिया के अनुप्रयोगों का विवरण भी दिया।
लाइव सत्रों के अलावा, भाग लेने वाले छात्रों को उनकी सीखने की प्रक्रिया में तेजी लाने और उनके कौशल को लागू करने में मदद करने के लिए मैथवर्क्स प्लेटफॉर्म पर विभिन्न ऑनलाइन पाठ्यक्रम मुफ्त में प्रदान किए गए। विशेष रूप से सभी छात्रों के लिए, गैर-आई.ई.ई.ई. सदस्यों के लिए भी कार्यशाला मुफ्त थी, जिससे सभी पृष्ठभूमि के छात्रों को ज्ञान प्राप्त करने का उचित अवसर मिलना संभव हो गया। दोनों विश्वविद्यालयों की इस अद्भुत पहल में प्रतिभागियों को पाठ्यक्रम पूरा होने पर प्रमाणन भी प्रदान किया गया।
यह 10-दिवसीय कार्यक्रम ऑनलाइन वीडियो-कॉन्फ्रेंसिंग मोड में किया गया था, जिससे छात्रों को चल रही महामारी के दौरान अपने समय का अधिकतम लाभ उठाने में मदद मिली। कार्यशाला में देश भर के छात्रों की भागीदारी देखी गई, जिन्होंने अपने बौद्धिक क्षितिज को व्यापक बनाने के लिए बहुत जोश और उत्साह के साथ भाग लिया और कार्यशाला का लाभ उठाया।
डॉ. राजीव कुमार चौहान, समन्वयक (प्रशिक्षण) और काउंसलर आई. ई. ई. ई. छात्र शाखा डी. ई. आई. आगरा ने बताया की यह कार्यशाला छात्रों को हार्डवेयर के बिना परियोजना कार्य का विश्लेषण करने में मदद करेगी। अपनी परियोजनाओं के लिये योजना बनाने और उनकी वास्तविकता को समझने के लिये, इस कार्यशाला में छात्रों को मैटलैब सिम्युलेशन इस्तमाल करने के लिए प्रेरित किया गया, जिससे वे बिना हार्डवेयर, धन, समय या किसी अन्य संसाधन की उपलब्धता के बारे में चिंतित हुए अनुसंधान में जुट जाएँ। यह अंतिम और तीसरे वर्ष के इंजीनियरिंग छात्रों के लिए विशेष रूप से उपयोगी है, जिन्हें काम करने वाले मॉडल और प्रोजेक्ट बनाने होते हैं, और यहां तक कि वैज्ञानिक पत्रिकाओं और प्रकाशनों में अपने शोध को प्रकाशित करना होता है। यह आयोजन एक समृद्ध अनुभव और एक बड़ी सफलता थी, जिसे प्रतिभागियों, विशेषज्ञों और संकाय सदस्यों से समान रूप से सकारात्मक प्रतिक्रिया मिली। डॉ. कल्पना चौहान, समन्वयक (प्रशिक्षण) और काउंसलर आई.ई.ई.ई. छात्र शाखा सी.यू.एच. महेंद्रगढ़, ने बताया कि इस प्रयोगशाला में प्रतिभाओं को अब हार्डवेयर बनाने से पहले इस बात की जानकारी करने में मदद मिलेगी की जो घटक या डिजाइन वो सोच रहे हैं वो सही फिट हो रहा है या नहीं। इस तरह से पैसे और समय की बचत होगी। अच्छे से अच्छे प्रोजेक्ट बनेंगे।
प्रो. (डॉ.) अजय कुमार सक्सेना, विभागाध्यक्ष, इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग, डी. ई. आई. आगरा, एवं डॉ. राजेश कुमार दुबे, डीन, एस.ओ.ई.टी., सी.यू.एच. महेंद्रगढ़, ने आयोजन टीम को इस तरह की प्रयोगशालाओं को आयोजित करने के लिए प्रोतसाहित किया और सफलता के लिए बधाई दी। इस प्रयोगशाला में आई.ई.ई.ई. छात्र शाखा में कार्यरत विद्यार्थी अधिकारी कुसुम सिंह, वागीश अमौरिया, श्रेया वर्मा, यशस्वनी सिंह ने प्रतिभागियों और आयोजको में तालमेल रखने में महत्वपूर्ण योगदान दिया।

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