देश में धर्मान्तरण बन गया है नासूर, प्रलोभन व दिग्भ्रमित करके खेला जा रहा है खेल, “धर्म परिवर्तन का प्रपंच” पर चिन्तन की जरुरत

Religious conversion has become a problem in the country, the game is being played by luring and misleading, there is a need to think about the "plot of religious conversion"

ग्रेटर नोएडा। राष्ट्रचिंतना की 29वीं गोष्ठी “धर्म परिवर्तन का प्रपंच” विषय पर ईशान इंस्टीट्यूट आफ टेक्नोलॉजी के सभागार में आयोजित की गई। कार्यक्रम का प्रारंभ मां भारती के चित्र के सम्मुख दीप प्रज्वलित कर किया गया। विषय परिचय करवाते हुए अपने स्वागत उद्बोधन में राष्ट्रचिंतना ग्रेटर नोएडा अध्यक्ष राजेश बिहारी जी ने कहा कि आठ राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में हिंदू अल्पसंख्यक हो गए हैं। पूर्वोत्तर के अनेक राज्यों में ईसाई धर्म को मानने वाले 87 से 92% हो गए। प्रोफेसर विवेक कुमार ने कहा कि नियो क्रिश्चियनिटी या क्रिप्टो क्रिश्चियनिटी अधिक खतरनाक हैं क्योंकि वे लालचवश और जोर शोर से धर्म परिवर्तन में लग जाते हैं। मुस्लिम लड़कियां हिंदू युवाओं से मित्रता कर उन्हें जम्मू कश्मीर भ्रमण पर ले जाती हैं। उनके विदेश में बैठे आकाओं से प्रलोभन दिलवाती हैं,  जिनका लक्ष्य 2050 तक भारत को इस्लामी देश बनाना है।

मुख्य वक्ता ईशान ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस के चेयरमैन डॉक्टर डी. के. गर्ग ने कहा कि इस्लामी, बौद्ध या इसाई धर्म परिवर्तन भारतवर्ष को हिंदुविहीन करने का षड्यंत्र है। उन्होंने रहस्योद्घाटन करने के लिए 2012 में न केवल धर्म परिवर्तन के लिए अप्लाई किया बल्कि छद्म वेश में रहकर उनके प्रपंचों के बारे में जाना। आज का बौद्ध धर्म, गौतम बुद्ध के समय का बौद्ध धर्म नहीं है। भारतवर्ष में सर्वप्रथम 1952 में सेंट थॉमस ने तमिलनाडु में धर्म परिवर्तन का कुचक्र चलाया।गोवा में अत्यंत क्रूर सेंट जेवियर ने ईसाई धर्म पुर्तगालियों के समर्थन से फैलाया। पंजाब में ईसाई धर्म अंकुर नरूला ने चंगाई सभा के माध्यम से फैलाया। पंजाब में आज 65000 पादरी हैं। जहां जालंधर में भारत का सबसे बड़ा चर्च बन गया है। वहां गरीब भारतीयों को चार रविवार चर्च जाने पर  रुपये 2000 मिलते हैं। यहां तक की ग्रेटर नोएडा औद्योगिक विकास प्राधिकरण में भी कई धर्मांतरित ईसाई हैं। तमिलनाडु की तत्कालीन मुख्यमंत्री जयललिता ने धर्मांतरण के विरुद्ध कानून बनाने का प्रयास किया, लेकिन वह प्रस्ताव उन्हें विरोध के कारण वापस लेना पड़ा। ईसाई धर्म का प्रचार करने के लिए पादरी कहते हैं की बाइबिल में लिखा है जो यीशु पर विश्वास करते हैं उन पर जहर भी असर नहीं करता। ऐसे सभी गलत जानकारी द्वारा कम पढ़े लिखे गरीब भारतीयों को फंसाया जाता है।

संविधान का अनुच्छेद 26 और 30 अल्पसंख्यकों को अपने विद्यालय, विश्वविद्यालय खोलने की अनुमति देता है। वर्ष 2008 से 2014 तक केरल में 12000 विद्यालयों को अनुमति दी गई। अगर आप एक विद्यालय को बनाने की लागत 1 करोड़ भी मन लें तो 12000 करोड़ रूपया कहां से और कौन निवेशित कर रहा था।

तलवार के जोर पर अत्याचार करने वाले मोहम्मद बिन कासिम ने 712 ईस्वी में राजा दाहिर को धोखे से हराकर 6000  ठोस सोने की मूर्तियां ले गया था।  कश्मीर के सभी मुसलमान स्वामी श्रद्धानंद के सामने घर वापसी करना चाहते थे। हैदराबाद के निजाम के सामने भी ऐसा ही प्रकरण हुआ। वहां के ब्राह्मणों ने घर वापसी पर विरोध जिताया।  जब के ऋग्वेद के दसवें अध्याय के 137 वें श्लोक में कहा गया है कि जो मनुष्य सत्य से गिर गए हैं उन्हें भी वापस लाओ। शुद्धि आंदोलन आवश्यक है। बप्पा रावल ने मुस्लिम कन्याओं से हिंदुओं के विवाह करवा तथा उन्हें घर वापसी को प्रेरित किया। राव सूरजमल, छत्रपति शिवाजी, संभाजी आदि ने घर वापसी का प्रयास किया।

आधुनिक काल में अग्निवीर संस्था, विश्व हिंदू परिषद, आर्य समाज आदि घर वापसी के प्रयास कर रहे हैं। आचार्य प्रणव शास्त्री ने मस्जिद को गुरुकुल में बदला। डॉ आनंद सुमन जो बुखारी के सुपुत्र हैं उन्होंने वेदों, उपनिषदों का अध्ययन किया। आजकल निरंकारी मत, मथुरा समुदाय, आनंद मार्ग, ब्रह्माकुमारी, राधे मां, रामपाल महाराज, सतनामी समाज, रामकृष्ण मिशन, राधा स्वामी सत्संग आदि अनेक पथ प्रचलित हैं जो हिंदुओं की एकता में बाधक हैं। पिछले 150 वर्ष में 1000 बाबा धर्म परिवर्तन या पंथ परिवर्तन में संलिप्त हैं।

राष्ट्रचिंतना अध्यक्ष बलवंत सिंह राजपूत ने अपने प्रेरक उद्बोधन में कहा कि धर्मांतरण प्रकरण का अध्ययन हिंदुओं के लिए शिक्षाप्रद है। बाबर ने भी जरिया और जिहाद की बात की थी। हमें  मतांतरण, पथांतरण और धर्मांतरण में अंतर समझना होगा। महाराणा संग्राम सिंह ने बाबर को तीन बार युद्ध में हराया। परंतु खंडवा के युद्ध में एक मुस्लिम सेनापति और कुछ हिंदुओं द्वारा गद्दारी के फल स्वरूप उन्हें पराजय का सामना करना पड़ा। उन्होंने कहा कि कल का कायर हिंदू मुसलमान बना। आज के कायर हिंदू कल के मुसलमान बनेंगे।  गांधी जी ने स्वामी श्रद्धानंद की हत्या करने वाले का बचाव किया था। जबकि घर वापसी का बहुत बड़ा कार्य स्वामी श्रद्धानंद ने किया था।  सभी ने राष्ट्रचिंतना ग्रेटर नोएडा अध्यक्ष राजेश बिहारी के स्वर्गवासी पिताजी डॉ नरेंद्र बिहारी को श्रद्धांजलि अर्पित की तथा 2 मिनट का मौन रखा। डॉ. नलिन बिहारी संयुक्त बिहार प्रांत में संघ के कई दायित्वों पर रहे। राष्ट्रगान के पश्चात कार्यक्रम का विधिवत समापन किया गया। गोष्ठी में मीडिया प्रभारी डॉ. नीरज कौशिक, डॉ. दिव्या अग्रवाल, संगीता वर्मा, डॉ. निधि माहेश्वरी, प्रो. आर एन शुक्ला, नीरज जिंदल, अजय सिंह, लोकेश, विजय सिंह कंबोज, हर्ष चेतन, प्रीति चेतन, तेज बहादुर, नवीन, उमेश आदि प्रबुद्धजन उपस्थित रहे।

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