NIU में दो दिवसीय फैकल्टी डेवलपमेंट में शोध, कौशल व नवाचार पर हुई चर्चा

Research, skills and innovation were discussed in the two-day faculty development at Noida International University.

ग्रेटर नोएडा। नोएडा इंटरनेशनल यूनिवर्सिटी (एनआईयू) के स्कूल ऑफ नर्सिंग द्वारा इंस्टीट्यूट ऑफ एप्लाइड स्टैटिस्टिक्स, कानपुर के सहयोग से दो दिवसीय फैकल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम (इनोवेशन, रिसर्च एवं बौद्धिक कौशल) का सफल आयोजन एसबीएम कॉन्फ्रेंस हॉल में किया गया। इस कार्यक्रम में नर्सिंग एवं संबद्ध विषयों के 200 से अधिक फैकल्टी सदस्यों ने भाग लिया। इस एफडीपी का उद्देश्य शिक्षकों की शिक्षण क्षमता, शोध कौशल, नवाचार और पेशेवर विकास को मजबूत करना था, ताकि वे वर्तमान शैक्षणिक और स्वास्थ्य क्षेत्र की आवश्यकताओं के अनुरूप स्वयं को अपडेट कर सकें।

कार्यक्रम का उद्घाटन विश्वविद्यालय के वरिष्ठ अधिकारियों और शिक्षाविदों की गरिमामयी उपस्थिति में हुआ। कार्यक्रम के मुख्य संरक्षक डॉ. देवेश कुमार सिंह, अध्यक्ष, एनआईयू तथा डॉ. विक्रम सिंह, कुलाधिपति, एनआईयू ने फैकल्टी विकास को संस्थागत उत्कृष्टता के लिए आवश्यक बताया। प्रो. (डॉ.) उमा भारद्वाज,  कुलपति, ने अपने संबोधन में शिक्षकों के लिए नवाचार, शोध और क्षमता निर्माण के महत्व पर प्रकाश डाला। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि ने प्रतिभागियों को सतत सीखने और शोध आधारित शिक्षा को अपनाने के लिए प्रेरित किया। कार्यक्रम के संयोजक प्रो. (डॉ.) दीपक सेठी, निदेशक, स्कूल ऑफ नर्सिंग रहे। एफडीपी का समन्वयन मनी सक्सेना, प्रो. विनीत रामावत, सैयद सदाब अली, डॉ. आरती एवं यूरी वर्मा द्वारा किया गया। कार्यक्रम में विशेषज्ञों द्वारा आधुनिक शिक्षण पद्धतियों, शोध नैतिकता, प्रकाशन रणनीतियों और पेशेवर कौशल विकास पर तकनीकी सत्र आयोजित किए गए। प्रतिभागियों की ओर से कार्यक्रम को अत्यंत उपयोगी और प्रेरणादायक बताया गया।

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