महर्षि पाणिनि वेद-वेदांग विद्यापीठ गुरुकुल में प्रवेश प्रक्रिया हुई शुरु, बच्चों को सभी विषयों की मिलेगी शिक्षा

Admission process has started in Maharishi Panini Veda-Vedang Vidyapeeth Gurukul, children will get education in all subjects.

ग्रेटर नोएडा। महर्षि पाणिनि वेद-वेदांग विद्यापीठ गुरुकुल सेक्टर-ईटा-एक में शैक्षणिक सत्र 2026-27 हेतु कक्षा 6-9 एवं 11 कक्षाओं में प्रवेश प्रारंभ शुरु कर दिए गए हैं। ऑनलाइन पंजीकरण की अंतिम तारीख 28 मार्च  है। बच्चों का प्रवेश पूरी तरह निःशुल्क है। वीरेन्द्र शर्मा, प्रवेश प्रमुख ने प्रेस वार्ता में बताया कि प्रवेश के लिए आयु-सीमा एवं शैक्षणिक योग्यता केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय, नई दिल्ली द्वारा समय-समय पर निर्धारित मानकों के अनुसार होगी। संबंधित कक्षा में प्रवेश के लिए पूर्ववर्ती कक्षा उत्तीर्ण होना अनिवार्य है। संस्कृत/वेद/ वेदांग अथवा सामान्य पाठ्यक्रम से अध्ययनरत विद्यार्थी, विश्वविद्यालय के नियमानुसार प्रवेश हेतु पात्र माने जाएंगे। यह गुरुकुल आवासीय (हॉस्टल) एवं ओपन डे-स्कॉलर दोनों प्रकार के विद्यार्थियों के लिए संचालित हो रहा है।

इस बार बालक एवं बालिका दोनों के लिए प्रवेश दिया जा रहा है। बालिकाओं के लिए केवल ओपन डे स्कॉलर की ही व्यवस्था है। प्रवेश प्रक्रिया लिखित परीक्षा एवं मौखिक साक्षात्कार के आधार पर होगा। परीक्षा की तिथि, समय एवं स्थान की सूचना गुरुकुल की वेबसाइट, व्हाट्सएप/ ईमेल के माध्यम से दी जाएगी। प्रवेशार्थियों के लिए जन्म प्रमाण पत्र (छात्र), आधार कार्ड (छात्र), छात्र का पेन नंबर, अंकपत्र या विद्यालय द्वारा दिए गया आई कार्ड जिससे यह प्रमाणित हो कि छात्र किस कक्षा में पढ़ रहा है। प्रवेश पाने वाले छात्रों को संस्कृत विषयों के साथ एनसीईआरटी पाठ्यक्रम अनिवार्य रूप से पढ़ना होगा। कक्षा ग्यारहवीं और बारहवीं में सेमेस्टर प्रणाली से परीक्षा होती है। समस्त पाठ्यक्रम केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय द्वारा निर्धारित नियमानुसार पढ़ाए जाते है। प्रवेश के पश्चात न्यूनतम 6 वर्ष तक अध्ययन अनिवार्य होगा।

आचार्य रविकांत दीक्षित, संस्थापक अध्यक्ष, गुरुकुल ने  ने बताया कि विद्यार्थियों के लिए सभी व्यवस्थाएं समाज के सहयोग से करता है, कोई शासकीय सहायता नहीं मिलती है। इस दौरान वीरेन्द्र शर्मा, प्रवेश प्रमुख, रविशंकर शर्मा, निर्माण समिति प्रमुख, वेद प्रकाश शर्मा, अध्यक्ष संचालन समिति, दिकपाल सिंह शिक्षक मौजूद रहे।

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