ग्रेटर नोएडा। विक्रम साराभाई इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी (वीएसआईईटी) ने विद्यार्थियों को उद्योगोन्मुख शिक्षा, आधुनिक तकनीकी प्रशिक्षण और वैश्विक स्तर के अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की है। संस्थान ने अमेरिका, सिंगापुर और भारत सहित देश-विदेश की 13 प्रतिष्ठित कंपनियों एवं संस्थाओं के साथ समझौता ज्ञापन (एमओयू) किया है। इन समझौतों के तहत विद्यार्थियों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई), उद्यमिता, डिजिटल मार्केटिंग, साइबर सिक्योरिटी और रोबोटिक्स जैसे तेजी से विकसित हो रहे क्षेत्रों में प्रशिक्षण, मेंटरिंग और इंडस्ट्री सपोर्ट उपलब्ध कराया जाएगा। एमओयू के माध्यम से छात्रों को तकनीकी ज्ञान के साथ-साथ वास्तविक औद्योगिक वातावरण को समझने और अपने कौशल को व्यावहारिक रूप से विकसित करने का अवसर मिलेगा।
संस्थान की ओर से किए गए समझौतों में वीआरटी मैनेजमेंट ग्रुप और वेगा (यूएसए), हैकी सिक्योरिटी प्राइवेट लिमिटेड सहित अन्य प्रतिष्ठित कंपनियां एवं संस्थाएं शामिल हैं। इन सहयोगों का उद्देश्य शिक्षा और उद्योग के बीच की दूरी को कम करना तथा विद्यार्थियों को वर्तमान रोजगार बाजार की आवश्यकताओं के अनुरूप तैयार करना है। संस्थान प्रबंधन के अनुसार, बदलती तकनीकी आवश्यकताओं को देखते हुए छात्रों के लिए केवल पारंपरिक अकादमिक शिक्षा पर्याप्त नहीं है। उन्हें उद्योग की कार्यप्रणाली, नवीन तकनीकों और वैश्विक बाजार की जरूरतों से परिचित कराना भी जरूरी है। एमओयू के जरिए विद्यार्थियों को विशेषज्ञों से मार्गदर्शन, प्रशिक्षण कार्यक्रमों, इंडस्ट्री प्रोजेक्ट्स और भविष्य में रोजगार एवं उद्यमिता के अवसरों से जोड़ने पर जोर दिया जाएगा।
संस्थान के चेयरमैन सुजीत रॉय के मार्गदर्शन तथा निदेशक डॉ. ए. पी. श्रीवास्तव और डीन एकेडमिक्स-इंजीनियरिंग डॉ. विजय कुमार यादव के नेतृत्व में हुई यह पहल वीएसआईईटी की उद्योगोन्मुख शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। संस्थान का कहना है कि राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय कंपनियों के साथ इस प्रकार के सहयोग से विद्यार्थियों को वैश्विक अनुभव, व्यावहारिक कौशल और रोजगार के बेहतर अवसर मिलेंगे। साथ ही, नवाचार और स्टार्टअप संस्कृति को बढ़ावा देकर छात्रों को भविष्य में नौकरी तलाशने वालों के साथ-साथ उद्यमी बनने के लिए भी प्रोत्साहित किया जाएगा।






