जेपी पब्लिक स्कूल में तीन दिवसीय आर्बिटर चेस सेमिनार का सफल समापन,शतरंज के भविष्य को लेकर दिखा दूरदर्शी विजन

Jaypee Public School successfully concludes three-day Arbiter Chess Seminar, showcases vision for the future of chess

-पूरे देश से आये 20 प्रतिभागियों ने दी लिखित एवं प्रायोगिक परीक्षा

ग्रेटर नोएडा। जेपी पब्लिक स्कूल, ग्रेटर नोएडा में उत्तर प्रदेश चेस एसोसिएशन के तत्वावधान में आयोजित तीन दिवसीय आर्बिटर चेस सेमिनार का रविवार को समापन हुआ। सेमिनार के दौरान प्रतिभागियों को शतरंज के नवीनतम नियमों, प्रतियोगिता संचालन, आर्बिटर की जिम्मेदारियों तथा निष्पक्ष एवं अनुशासित खेल संचालन की बारीकियों का प्रशिक्षण दिया गया। समापन समारोह में विद्यालय की प्रधानाचार्या मीता बंधुला, उप-प्रधानाचार्या मिसेज अनीता पिल्लई एवं एडिशनल वाइस प्रिंसिपल (स्पोर्ट्स) नीरज सिंह की गरिमामयी उपस्थिति रही। कार्यक्रम के अंतिम दिन सभी 20 प्रतिभागियों की लिखित एवं प्रायोगिक परीक्षा आयोजित की गई। प्रायोगिक परीक्षा में प्रतिभागियों ने वास्तविक प्रतियोगिता परिस्थितियों में नियमों को लागू करने, निर्णय लेने तथा खेल का निष्पक्ष संचालन करने की अपनी दक्षता का प्रदर्शन किया। इस अवसर पर मुख्य आर्बिटर ने प्रतिभागियों को संबोधित करते हुए कहा कि शतरंज प्रतियोगिताओं को सुचारु एवं निष्पक्ष रूप से संचालित करने में आर्बिटर की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण होती है। एक कुशल आर्बिटर के लिए नियमों की गहन जानकारी के साथ निष्पक्षता, धैर्य, अनुशासन और सही समय पर निर्णय लेने की क्षमता आवश्यक है। विद्यालय की प्रधानाचार्या मीता बंधुला ने सभी प्रतिभागियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि शतरंज विद्यार्थियों में एकाग्रता, तार्किक सोच, रणनीतिक क्षमता और निर्णय लेने की योग्यता विकसित करता है। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के प्रशिक्षण कार्यक्रम खेल के स्तर को ऊंचा उठाने के साथ-साथ प्रशिक्षित एवं कुशल आर्बिटरों की नई पीढ़ी तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने उत्तर प्रदेश चेस एसोसिएशन का विद्यालय में इस महत्वपूर्ण सेमिनार के आयोजन के लिए आभार व्यक्त किया।

एडिशनल वाइस प्रिंसिपल (स्पोर्ट्स) मिस नीरज सिंह ने सभी प्रतिभागियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि किसी भी खेल की सफलता केवल खिलाड़ियों पर निर्भर नहीं करती, बल्कि उसे नियमों के अनुरूप निष्पक्षता और खेल भावना के साथ संचालित करने वाले आर्बिटरों की दक्षता भी उतनी ही महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि एक अच्छा आर्बिटर केवल नियमों को लागू नहीं करता, बल्कि खेल की गरिमा, निष्पक्षता और खिलाड़ियों के विश्वास को भी बनाए रखता है।

मिस नीरज सिंह ने कहा, “भविष्य में हमारा लक्ष्य इस पहल को और व्यापक बनाना है, ताकि अधिक से अधिक बच्चे और युवा शतरंज से जुड़ें, अपनी प्रतिभा को निखारें और राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन करें। हमारा सपना है कि आने वाले समय में जेपी पब्लिक स्कूल और ग्रेटर नोएडा की धरती से ऐसे प्रतिभाशाली खिलाड़ी निकलें, जो आगे चलकर ग्रैंडमास्टर बनकर देश, प्रदेश और विद्यालय का गौरव बढ़ाएं।”

उन्होंने आगे कहा कि शतरंज को केवल एक प्रतियोगिता के रूप में नहीं, बल्कि बौद्धिक क्षमता, अनुशासन, रणनीतिक सोच और व्यक्तित्व विकास के प्रभावी माध्यम के रूप में आगे बढ़ाने की आवश्यकता है। उन्होंने सभी प्रतिभागियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए उन्हें आगामी प्रतियोगिताओं एवं उनके भविष्य के प्रयासों के लिए हार्दिक शुभकामनाएं दीं। तीन दिवसीय सेमिनार में प्रतिभागियों को शतरंज के नवीनतम नियमों और टूर्नामेंट संचालन से संबंधित विभिन्न महत्वपूर्ण पहलुओं की जानकारी दी गई। प्रतिभागियों ने सेमिनार को अत्यंत ज्ञानवर्धक और उपयोगी बताते हुए जेपी पब्लिक स्कूल द्वारा उपलब्ध कराई गई सुविधाओं, बेहतर व्यवस्थाओं और आतिथ्य की सराहना की। समापन के साथ ही प्रतिभागियों ने शतरंज प्रतियोगिताओं के निष्पक्ष, पारदर्शी और प्रभावी संचालन के लिए आवश्यक सैद्धांतिक ज्ञान के साथ-साथ व्यावहारिक अनुभव भी हासिल किया। सेमिनार शतरंज के क्षेत्र में गुणवत्तापूर्ण आर्बिटरों को तैयार करने के साथ-साथ नई शतरंज प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल साबित हुआ।

 

 

 

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