जिम्स संस्थान ने कोविड-19 के बाद  नए अवसर एवं चुनौतियां के विषय पर आयोजित की राष्ट्रीय संगोष्ठी

जिम्स संस्थान ने कोविड-19 के बाद  नए अवसर एवं चुनौतियां के विषय पर आयोजित की राष्ट्रीय संगोष्ठी

-प्रो. बी. शर्मा कुलपति जीबीयू ने नीतिगत हस्तक्षेप, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की भूमिका पर डाला प्रकाश

ग्रेटर नोएडा,12जुलाई। ग्रेटर नोएडा के जिम्स  इंजीनियरिंग कॉलेज के व्यवसाय प्रबंधन विभाग द्वारा ऑनलाइन राष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन किया गया। संगोष्ठी का शुभारंभ डिजिटल दीप प्रज्वलन से हुआ, कार्यक्रम के मुख्य अतिथि गौतमबुद्ध विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर बी.पी.शर्मा,  विशिष्ट अतिथि उपकार सिंह निदेशक-तकनीकी,  आईएसएस ग्लोबल,  मुख्य वक्ता आशीष श्रीवास्तव डायरेक्टर आवाई फाउंडेशन रहे। संस्थान के निदेशक डॉ. आर.के.रघुवंशी ने अपने स्वागत भाषण में भारतीय कंपनियों द्वारा हाल ही में किए गए एडवांसमेंट और भारत सरकार की भूमिका के बारे में बताया। समारोह में मुख्य अतिथि, प्रो.बी.पी.शर्मा ने कहा कि भारत से चीनी उच्च प्रौद्योगिकी निर्यात 30 गुना अधिक है। उनके अनुसार, सॉफ्टवेयर उत्पाद बाजार में, भारत की हिस्सेदारी 1 प्रतिशत से कम है। उन्होंने नीतिगत हस्तक्षेप, नियामक तंत्र, तीसरी औद्योगिक क्रांति के वर्तमान परिदृश्य, लघुउद्योग और खेती से रक्षा तक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की भूमिका पर प्रकाश डाला। सम्मेलन को संबोधित करते हुए, उपकार सिंह ने कहा कि घर से काम करने से सामाजिक परिवर्तन होगा। उन्होंने उद्योग 4.0 में स्मार्ट प्रौद्योगिकी की भूमिका के बारे में बताया। उनके अनुसार, घर से काम करना एक व्यवहार्य विकल्प नहीं है। अपने उद्बोधन में कोविड-19 के बाद आईटी उद्योग क्रांति पर पर जोर दिया। मुख्य वक्ता आशीष श्रीवास्तव ने तकनीकी विकास की भूमिका के बारे में बताया। उन्होंने स्थायी विकास लक्ष्यों और सहस्राब्दी विकास लक्ष्यों पर चर्चा की। उन्होंने बेहतर डेटा विश्लेषण के महत्व को भी समझाया। इसके अलावा, उनके अनुसार, संपूर्ण सीएसआर  गतिविधियाँ प्रभावित होती हैं। इस संगोष्ठी में पूरे भारतवर्ष की 12 राज्यों से 80 से अधिक शोध पत्र प्राप्त हुए जिनमें से  44 शोधार्थियों ने अपने शोध पत्रों को प्रस्तुत किया। कार्यक्रम के उद्घाटन सत्र में शोध पत्रों के संकलन का पुस्तक के रूप में विमोचन किया गया। शोध पत्रों के प्रस्तुतीकरण के लिए उत्कृष्ट प्रस्तुतीकरण का पुरस्कार चंडीगढ़ के सिमरन जीत कौर बग्गा,  बेंगलुरु से फ़िरदौस ख़ान तथा नोएडा के दीपक चक्रवर्ती को उत्कृष्ट शोध कार्य तथा प्रस्तुती करण के लिए दिया गया।

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