गौतमबुद्ध विवि में शिक्षण शुरु करने को लेकर बैठक, पहले चरण में आएंगे शोधार्थी, अभिभावक से अनुमति होगा जरुरी

Gautam Buddha University, Greater Noida

ग्रेटर नोएडा,26 नवम्बर। उत्तर प्रदेश सरकार ने विश्वविद्यालय में शैक्षिक कार्यकलाप को चलाने हेतू सरकारी आदेश जारी किया गया है, जिसके तहत विश्वविद्यालय को चरणवार तरीके से खोलने की संतुष्टि की है और साथ ही अनिवार्य ढंग से किविड-19 के तहत जारी दिशा निर्देश को पूर्णतया पालन करने की हिदायत भी दी है। इसके तहत विश्वविद्यालय की एक उच्च स्तरीय समिति की बैठक हुई और विश्वविद्यालय को पुन: खोलने पर विचार किया गया। समिति में विचार के लिए निम्न बिन्दुओं पर विशेष विचार हुई।
1. गौतम बुद्ध विश्वविद्यालय एक आवसिय विश्वविद्यालय है।
2. विश्वविद्यालय के सभी छात्र-छात्रा को छात्रावास में रहना अनिवार्य है
3. छात्रावास खोलने के पहले हॉस्टलों में कोविड दिशानिर्देश के तहत पूरी तैयारी सुनिश्चित करना
4. छात्रों के बिच छात्रावास में सामाजिक दूरी स्थापित करना तथा मेस में खाने पीने की उचित व्यवस्था के साथ दूरी बनाए रखने जैसी अहम बिन्दों पर विचार

उपर्युक्त बिदुओं को ध्यान में रखते हुये निम्नलिखित निर्णय लिए गये हैं:
1. पहले चरण में फिलहाल विश्वविद्यालय शोधार्थीयों के लिए ही खोला जायेगा और वो भी वैसे शोधार्थीओं के लिए जो आस-पास के हैं और छात्रावास में नहीं रहते थे या छात्रावास में रहने की मांग नहीं करेंगे उन्हें ही विश्वविद्यालय आने की अनुमति दी जाएगी।
2. दूसरे चरण में विश्वविद्यालय सिर्फ शोधार्थीयों एवं वैसे छात्रों के लिए खोला जायेगा जो विभिन्न प्रोजेक्टस और शोध कार्यों में संलग्न हैं और शोध कार्य ना आने से शोध पर बुरा असर पद रहा हो। इस चरण में छात्रों को छात्रावास में रहने के लिए अनुमती रहेगी एवं उसके लिए छात्र एवं छात्राओं के लिए अलग-अलग छात्रावासों को चिन्हित कर जरूरी व्यवस्था की जायेगी ताकि किसी भी प्रकार कोविड दिशानिर्देश का उलंघन ना हो।
3. साथ ही छात्र एवं छात्राओं के लिए दो अलग-अलग क्वारंटाइन सेंटर को भी चिन्हित कर तैयार रखा जायेगा ताकि जरूरत पड़ने पर कोई परेशानी का सामना ना करना पडे।
4. फिलहाल स्नातक एवं स्नातकोत्तर के छात्रों के लिए विश्वविद्यालय तीसरे चरण में खोलने पर विचार करेगी। इस विषय पर अभी दिल्ली एवं नोएडा-ग्रेटर नोएडा में बढते कोरोना की स्थिति को देखते हुये कोई निर्णय नहीं लिया गया है। इस पर उचित समय पर निर्णय होगा।

यहाँ यह जानकारी देना भी जरूरी है की छात्रों को जब भी विश्वविद्यालय आने को कहा जायेगा उन्हें विश्वविद्यालय में प्रवेश उन छात्रों को ही मिलेगा जो अपने माता-पिता या अभिवावक से अनुमती ले कर आयेंगे।
इस बीच हमे यह बताते हुये अपार हर्ष हो रहा है कि इस महामारी के दौर में भी विश्वविद्यालय ने इस शैक्षणिक सत्र में भी पिछले वर्ष हुये नामांकन के आस पास इस वर्ष भी नामांकन कर लिया है जो की एक बडी उपलब्धि है। यहाँ यह जानकारी देना भी आवश्यक है कि विश्वविद्यालय में नामांकन की प्रक्रिया 20 नवंबर से समाप्त हो गयी है एवं नव-प्रवेशित लगभग सभी छात्रों की क्लासेस भी शुरु हो गयी हैं।

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