किसानों ने जेवर चौराहा किया जाम, गन्नो में लगाई आग

बीकेयू ने जेवर चौराहा किया जाम, गन्नो में लगाई आग

जेवर। जेवर के मुख्य चौराहे पर भारतीय किसान यूनियन ने गन्ने के रेट बढाये जाने की मांग को लेकर धरना प्रदर्शन किया। किसानों ने गन्ने लेकर उनमे आग लगाई। यूनियन ने करीब दो घंटे तक चौराहे को जाम रखा। सूचना मिलने पर एसडीएम मौके पर पहुंची और यूनियन ने उनको मुख्यमंत्री के नाम एक ज्ञापन दिया।
जेवर के खुर्जा रोड पर यमुना एक्सप्रेस वे के पुल के पास बुधवार को भारतीय किसान यूनियन के कार्यकर्ता जमा हुए। जिसके बाद सेंकडो कार्यकर्ता पैदल जुलूस निकालते हुए जेवर के मुख्य चौराहे पर पहुंचे। साथ ही यहां ट्रैक्टर ट्राली व कारों से भी किसान पहुंचे और मुख्य चौराहे को जाम कर दिया। यूनियन नेता महेंद्र सिंह चोरौली ने कहा कि बीजेपी सरकार में किसानों की फसलों के सही दाम नही दिए जा रहे हैं। किसानों की फसलों को कम कीमत में लिया जा रहा है। प्याज जब किसानों से ली जा रही थी तक 10 रुपये किलों थी, अब प्लाज जब किसानों पर नही है, तो 150 रुपये किलो हो रही है। उन्होंने कहा जब कांग्रेस की सरकार में प्याज के दाम बढ़े थे तो बीजेपी के बयान थे कि रिश्तेदार आये तो प्याज की खुशबू सुंघाकर वापस रख दो। महेंद्र सिंह ने कहा कि अरे मोदी जी अब आपकी सरकार है अब देख लो प्याज के दाम कहा जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि गन्ने के रेट तीन साल से नही बढ़े हैं, गेंहू के रेट ऊंट में जीरा के समान बढाये गए हैं। धान के रेट 4000 से 1200 तक आ गए हैं। ट्यूबेल का बिल 1500 रुपये माह है, जबकि हरियाणा में 200 और पंजाब में फ्री है। रुपयेजबकि किसान की फसल की लागत लगातार बढ़ रही है। यूनियन ने करीब दो घाटे तक चौराहे को जाम रखा। यूनियन ने गन्ने के रेट 450 रूपये कुंटल किये जाने, प्रदेश की किसानों को गन्ने के बकाया भुगतान का ब्याज सहित भुगतान किया जाए आदि यूनियन ने कहा कि अगर जल्द मांग पूरी नही हुई तो, प्रदेश के किसान 21 दिसंबर को जिला मुख्यालय पर हल क्रांति करेंगे। एसडीएम गुंजा सिंह ने सूचना पर धरना स्थल पर पहुंची और यूनियन ने अपनी मांगों को लेकर एक ज्ञापन दिया। इस मौके पर प्रदीप चौधरी, पवन खटाना, अनिल कसाना, रमेश, पूरन पहलवान, सुनील, विजय, सुरेंद्र, अशोक, देवेंद्र आदि मौजूद रहे।

धरने में एम्बुलेंस को फसी
यूनियन नेता महेंद्र चोरौली ने धरने के दौरान किसी भी एम्बुलेंस को न रोकने व उसे हर हाल में निकालने के लिए कार्यकर्ताओं से कहा। लेकिन इसके बाद भी एक सरकारी अस्पताल की एम्बुलेंस जाम में फस गई। हालांकि उसमे कोई मरीज नही था, लेकिन एम्बुलेंस मरीज को लेने के लिए जा रही थी। करीब एक घंटे के बाद एम्बुलेंस निकली।

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