नोएडा इंटरनेशनल यूनिवर्सिटी ने हार्टफुलनेस मेडिटेशन सेंटर के साथ किया समझौता, IKS, योग, ध्यान और UN SDGs को बढ़ावा 

Noida International University signs MoU with Heartfulness Meditation Centre, promotes IKS, Yoga, Meditation and UN SDGs

ग्रेटर नोएडा। नोएडा इंटरनेशनल यूनिवर्सिटी (NIU) ने अपने स्कूल ऑफ जर्नलिज़्म एंड मास कम्युनिकेशन (SJMC) के माध्यम से हार्टफुलनेस मेडिटेशन सेंटर के साथ एक समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए हैं। इस सहयोग का उद्देश्य भारतीय ज्ञान परंपरा (IKS), योग, ध्यान, मानसिक स्वास्थ्य और संयुक्त राष्ट्र के सतत विकास लक्ष्यों (SDGs) को बढ़ावा देना है। यह पहल समग्र शिक्षा और सतत विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। इस MoU के तहत विश्वविद्यालय में छात्रों और शिक्षकों के बीच मानसिक संतुलन, नैतिक नेतृत्व, सामाजिक जिम्मेदारी और आत्मिक विकास को प्रोत्साहित किया जाएगा। ध्यान और मूल्य-आधारित शिक्षा को शैक्षणिक और सह-शैक्षणिक गतिविधियों से जोड़ा जाएगा, ताकि छात्र संतुलित और उद्देश्यपूर्ण जीवन जी सकें।

यह समझौता प्रो. (डॉ.) उमा भारद्वाज, कुलपति, नोएडा इंटरनेशनल यूनिवर्सिटी; डॉ. मुकेश पाराशर, रजिस्ट्रार; डॉ. तनवीर वानी, डीन – क्वालिटी एश्योरेंस एंड एक्रेडिटेशन; और प्रो. (डॉ.) आरफा राजपूत, डीन, स्कूल ऑफ जर्नलिज़्म एंड मास कम्युनिकेशन की गरिमामयी उपस्थिति में संपन्न हुआ। हार्टफुलनेस मेडिटेशन सेंटर की ओर से वेंकटेशन श्रीनिवासन, रीजनल फेसीलिटेटर, और सुलभ मिश्रा उपस्थित रहे।

इस अवसर पर प्रो. (डॉ.) उमा भारद्वाज, कुलपति ने कहा कि “यह सहयोग विश्वविद्यालय के उस दृष्टिकोण के अनुरूप है, जिसमें शैक्षणिक उत्कृष्टता के साथ-साथ समग्र विकास को महत्व दिया जाता है। ऐसे प्रयास छात्रों के मानसिक और भावनात्मक स्वास्थ्य को मजबूत करते हैं और उन्हें जिम्मेदार व संवेदनशील वैश्विक नागरिक बनने के लिए तैयार करते हैं। इस साझेदारी के अंतर्गत नियमित ध्यान सत्र, कार्यशालाएं, फैकल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम, छात्र सहभागिता गतिविधियां और जागरूकता अभियान आयोजित किए जाएंगे। इन कार्यक्रमों में स्वास्थ्य, भारतीय ज्ञान प्रणाली और SDG से जुड़े सामाजिक विषयों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। SJMC के माध्यम से छात्रों को जिम्मेदार और संवेदनशील मीडिया प्रोफेशनल बनने के लिए प्रेरित किया जाएगा। हार्टफुलनेस मेडिटेशन सेंटर के प्रतिनिधियों ने इस सहयोग पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि यह प्राचीन भारतीय ज्ञान और आधुनिक शिक्षा प्रणाली के बीच एक सार्थक सेतु का कार्य करेगा, जिससे छात्र आत्मिक शांति के साथ समाज में सकारात्मक योगदान दे सकेंगे। यह MoU नोएडा इंटरनेशनल यूनिवर्सिटी की नवाचार, वेलनेस और सतत विकास के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाता है और देशभर के उच्च शिक्षण संस्थानों के लिए एक प्रेरणादायक उदाहरण प्रस्तुत करता है।

 

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