सेंट जोसेफ विद्यालय में कक्षा 12वीं के विद्यार्थियों को दी गयी विदायी, प्रधानाचार्य ने बच्चों को किया प्रोत्साहित

St. Joseph's School bids farewell to Class 12 students; Principal encourages students

ग्रेटर नोएडा। सेंट जोसेफ विद्यालय ग्रेटर नोएडा में शनिवार को कक्षा 12वीं के विद्यार्थियों के लिए विदाई समारोह का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में विद्यालय के प्रधानाचार्य फादर जिप्सन पलाटी, सभी अध्यापक अध्यापिकाएं एवं कक्षा 11 वीं और 12 वीं के सभी विद्यार्थी उपस्थित रहे। इस कार्यक्रम का शुभारंभ  दीप प्रज्वलन एवम् ईश्वर वंदना से  किया गया तथा कक्षा ग्यारहवीं के छात्रों ने कई प्रेरणादाई गीत, नृत्य संगीत आदि प्रस्तुत किए। इस अवसर पर सभी विद्यार्थियों ने स्कूल में रखे गए पहले कदम से लेकर आज तक की यात्रा के अनेकों अनुभव साझा किये। उन्होंने कहा कि आज का दिन ठहरा हुआ सा लग रहा है और बताया कि जीवन के वह भी पल थे जब वह अपने अभिभावकों की उंगलियां पड़कर कभी घबराहट के साथ, कभी मुस्कुराते हुए, खिल -खिलाते हुए स्कूल की तरफ अपने नन्हें क़दमों से आया करते थे तथा जीवन की अनेकों बाधाओं को पार करते हुए आज कक्षा 12 वीं के अंत तक पहुंच रहे हैं तथा स्कूल से विदाई लेने का समय आ गया है।

इस अवसर पर उन्होंने  अपने  जीवन के अनेकों अनुभव भी साझा किए तथा  कहा जब किसी कारणवस विद्यालय में आना बंद करना पड़ा तो अपना घर ही दूसरा विद्यालय बन गया था,उन्होंने  विद्यालय प्रबंधन और  अध्यापकों की खुलकर प्रशंसा करते हुए कहा कि हर अच्छे बुरे समय में  इन्होंने  उनको ज्ञान के दीप से प्रकाशित करने का अवसर नहीं छोड़ा और उसी का परिणाम है कि आज में यहां से बाहर निकल कर दुनिया के हर कोने में अपने प्रकाश को बिखरने के लिए तैयार खड़े हैं। उन्होंने अपने विद्यालय के प्रधानाचार्य, अध्यापकों अध्यापिकाओं आदि सभी का खुले हृदय से आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इन्होंने उनको एक अच्छा विद्यार्थी,अच्छा शिष्य, अच्छा नागरिक बनाने के लिए भरपूर मेहनत की तथा विश्वास दिलाया कि वे अपने बड़ों की छवि धूमिल नहीं होने देंगे।

कार्यक्रम के अंत में अध्यापकों अध्यापिकाओं  व प्रधानाचार्य ने शुभकामना संदेश दिए तथा विशेषकर विद्यालय के प्रधानाचार्य ने अपने शुभकामना संदेश के साथ कहा कि विद्यार्थियों के द्वारा उठाया गया हर कदम उनके विद्यालय और माता पिता सभी की छवि को समाज के सामने प्रस्तुत करेगा तथा देश उत्थान मैं भी सहायक होगा क्योंकि आपकी पीढ़ी ही कल का भारत है। अब वे स्वतंत्र रुप से अग्रसर होने के मुक्त तो हैं लेकिन दुनिया  के इस बाजार में हर तरह की सामग्री मिलेगी लेकिन क्या हमारे लिए लाभदायक है और क्या नहीं, इसका चुनाव करने पहले खुद अपने,अपने माता-पिता, देश एवम् शुभचिंतकों के बारे में अवश्य सोचें तत्पश्चात ही निष्कर्ष लें तथा कहा कि आपकी सफलता ही हमारा पारितोषिक है और प्रधानाचार्य ने उज्ज्वल भविष्य की अनंत शुभकामनाएं भी दी।

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