ग्रेटर नोएडा। नोएडा इंस्टिट्यूट ऑफ़ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी ग्रेटर नोएडा (एनआईईटी ग्रेटर नोएडा) के मैकेनिकल इंजीनियरिंग डिपार्टमेंट के द्वारा 27-28 मार्च 2026 को एडवांस्ड मैटेरियल्स, मैन्युफैक्चरिंग एंड थर्मो फ्लूइड सिस्टम्स, विषय पर अंतरराष्ट्रीय कांफ्रेंस का आयोजन किया गया। इस अंतरराष्ट्रीय कांफ्रेंस में देश विदेश से प्रोफेसर्स, इंडस्ट्री डेलीगेट्स और शोधार्थियों ने भाग लिया। इस अवसर पर जल शक्ति मंत्रालय के नेशनल रिवर कांजेर्वेशन निदेशालय की निदेशिका डॉ. सबिता माधवी सिंह मुख्य अतिथि तथा आईआईटी (आईएसएम) धनबाद के मैकेनिकल इंजीनियरिंग डिपार्टमेंट के प्रोफेसर एवं हेड डॉ सोमनाथ चट्टोपाध्याय सम्माननीय अतिथि के रूप में तथा एनआईईटी ग्रेटर नोएडा के निदेशक डॉ. विनोद एम कापसे, कांफ्रेंस कन्वीनर डॉ अभिषेक प्रताप सिंह एवं अनंत प्रकाश अग्रवाल, कांफ्रेंस सेक्रेटरी डॉ. राजीव कुमार, डॉ शहजाद अली, प्रो संजय कुमार, शिक्षकगण, शोधार्थी तथा विद्यार्थीगण आदि उपस्थित रहे। कांफ्रेंस में 4 ट्रैक्स के अंतर्गत 107 शोध पत्र प्रस्तुत किए गए।
कांफ्रेंस के उद्घाटन सभी विशिष्ट अतिथियों तथा आयोजन समिति के सदस्यों द्वारा दीप प्रज्वलन तथा सरस्वती वंदना से किया गया। अपने स्वागत संबोधन में एनआईईटी ग्रेटर नोएडा के निदेशक डॉ विनोद एम. कापसे ने इस अंतरराष्ट्रीय कांफ्रेंस के आयोजन के महत्व के विषय में चर्चा की एवं आयोजन समिति के प्रयासों की सराहना की। कार्यक्रम की मुख्य अतिथि जल शक्ति मंत्रालय के नेशनल रिवर कांजेर्वेशन निदेशालय की निदेशिका डॉ. सबिता माधवी सिंह ने देश के सामने उपस्थित चुनौतियों के स्थायी एवं घरेलू समाधान विकसित करने की आवश्यकता पर ज़ोर देते हुए युवाओं से इन्नोनेशन तथा क्रिएटिविटी के साथ देश के विकास के लिए पूर्ण मनोयोग से अपना सहयोग देने की अपील की।
कार्यक्रम के सम्माननीय अतिथि आईआईटी(आईएसएम) धनबाद के मैकेनिकल इंजीनियरिंग डिपार्टमेंट के प्रोफेसर एवं हेड डॉ सोमनाथ चट्टोपाध्याय ने भारत की प्राचीन ज्ञान परंपरा के विषय में सारगर्भित तथ्यों को प्रस्तुत करते हुए तथा भारत की गुरु शिष्य परम्परा के उत्कृष्ट उदाहरणों के साथ सभी श्रोताओं एवं प्रतिभागियों के साथ भविष्य के सक्षम एवं सशक्त राष्ट्र निर्माण के संबंध में अपने विचार साझा किए। कांफ्रेंस के पहले दिन 28 मार्च 2026 को दो की-नोट एड्रेस आयोजित किए गए, जिसमें आईआईटी (आईएसएम) धनबाद के मैकेनिकल इंजीनियरिंग डिपार्टमेंट के प्रोफेसर एवं हेड डॉ सोमनाथ चट्टोपाध्याय के द्वारा “स्टडी ऑफ़ रॉक इरोज़न बाई पल्सेटिंग वाटर जेट” तथा वीबीएस टेक्निकल यूनिवर्सिटी, ओस्ट्रावा (चेक रिपब्लिक) के प्रोफेसर सर्जेई हॉच के द्वारा वाटर ड्रॉप: ब्लेसिंग ऑर कर्स” विषय पर ज्ञानवर्धक एवं प्रभावशाली व्याख्यान प्रस्तुत किया गया।
कांफ्रेंस के दूसरे दिन 29 मार्च को दिल्ली टेक्निकल यूनिवर्सिटी के मैकेनिकल इंजीनियरिंग डिपार्टमेंट के प्रोफेसर डॉ अनिल कुमार के द्वारा इंटीग्रेटेड ग्रीनहाउस ड्राइंग सिस्टम फॉर सस्टेनेबल डेवलपमेंट” तथा यूनिवर्सिटी ऑफ लेस्टर (यूनाइटेड किंगडम) के सेंटर फॉर सस्टेनेबल मैटेरियल्स की रिसर्च साइंटिस्ट डॉ दीपा ओबरॉय के द्वारा रीडिफ़ाइनिंग मैटेरियल्स लाइफ साइकिल: ए सर्कुलर इंजीनियरिंग एप्रोच बियोंड रिसाइक्लिंग” विषय पर प्रभावशाली की-नोट व्याख्यान प्रस्तुत किए गए।
कांफ्रेंस के वैलेडिक्टरी समारोह में शारदा यूनिवर्सिटी ग्रेटर नोएडा के डिपार्टमेंट ऑफ़ फिजिक्स एंड एनवायरमेंट साइंस के प्रोफेसर एवं हेड डॉ. प्रमोद कुमार सिंह मुख्य अतिथि तथा राजकीय पॉलिटेक्निक सिवान (बिहार) के प्राचार्य डॉ. प्रवीण पचौरी सम्माननीय अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। कांफ्रेंस कन्वीनर डॉ अनंत प्रकाश अग्रवाल ने कांफ्रेंस रिपोर्ट प्रस्तुत की। अतिथि डॉ प्रवीण पचौरी ने अपने ओजपूर्ण उद्बोधन में ज्ञानार्जन के साथ अर्जित ज्ञान का सदुपयोग करने पर बल दिया। मुख्य अतिथि डॉ प्रमोद कुमार सिंह ने कहा कि, “हम सभी के सामने चुनौतियाँ एवं समस्याएँ आती ही हैं। ऐसे में हमें अपने बड़ों और गुरुजनों के माध्यम से उनके समाधान के लिए सदैव प्रयासरत रहना चाहिए। वैलेडिक्टरी समारोह में कांफ्रेंस कन्वीनर डॉ. अभिषेक प्रताप सिंह ने धन्यवाद प्रस्ताव प्रस्तुत किया।






