ग्रेटर नोएडा। विश्व भारती महिला कल्याण संस्थान के तत्वावधान में विश्व भारती पब्लिक स्कूल ने अपनी 75वीं जयंती समारोह के हिस्से के रूप में 22 अप्रैल को वृक्षारोपण अभियान का आयोजन किया, जिसमें पर्यावरण जागरूकता और सतत जीवन शैली के महत्व पर प्रकाश डाला गया। कार्यक्रम में प्रख्यात बागवानी विशेषज्ञ और ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के उप महाप्रबंधक (बागवानी विशेषज्ञ) एस. के. जैन, प्रबंधन समिति के महासचिव डॉ. वी. के. गंजू, उपाध्यक्ष एम. एल. नक्काशी , सचिव संजीव भट्ट, कोषाध्यक्ष वीरेंद्र सहगल और अन्य विशिष्ट सदस्य उपस्थित थे, जिनकी विशेषज्ञता ने इस पहल को और भी महत्वपूर्ण बना दिया। सभा को संबोधित करते हुए उन्होंने पर्यावरण संरक्षण और दैनिक जीवन में पर्यावरण-अनुकूल प्रथाओं को अपनाने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने छात्रों को सक्रिय जिम्मेदारी लेने और पर्यावरण संरक्षण में योगदान देने के लिए प्रोत्साहित किया और विद्यालय की प्रधानाचार्य डॉ. शालू पिल्लई, छात्रों और समर्पित कर्मचारियों के साथ मिलकर परिसर के अंदर और बाहर दोनों जगह पौधे लगाकर उत्साहपूर्वक भाग लिया। इस गतिविधि ने विद्यार्थियों को व्यावहारिक शिक्षण का अनुभव प्रदान किया, जिससे उन्हें पारिस्थितिक संतुलन बनाए रखने में हरियाली के महत्व को समझने में मदद मिली और उन्हें हरित भविष्य की दिशा में छोटे-छोटे लेकिन सार्थक कदम उठाने के लिए प्रेरित किया।
1951 में स्थापित विश्व भारती महिला कल्याण संस्थान साहस, दूरदर्शिता और शिक्षा के प्रति प्रतिबद्धता का प्रतीक बन गया है। सात दशकों से अधिक की उत्कृष्टता का जश्न मनाते हुए, यह संस्थान युवा प्रतिभाओं का पोषण करने और जिम्मेदार, आत्मविश्वासी नागरिकों को आकार देने का कार्य जारी रखे हुए है। वैश्विक उत्कृष्टता को बढ़ावा देने की इसकी परिकल्पना और युवाओं को सशक्त बनाने का इसका मिशन इसकी सभी पहलों का केंद्रबिंदु बना हुआ है।
प्लेटिनम जयंती के अवसर पर अपने संदेश में अध्यक्ष डॉ. एस. के. कौल ने संस्था की उल्लेखनीय यात्रा में योगदान देने वाले छात्रों, शिक्षकों, अभिभावकों और शुभचिंतकों की पीढ़ियों के प्रति गहरी कृतज्ञता व्यक्त की। उन्होंने एक सशक्त और प्रबुद्ध भारत के निर्माण में उत्कृष्टता, समावेशिता और करुणा के प्रति प्रतिबद्धता को दोहराया। वृक्षारोपण अभियान ने न केवल संस्थान की यात्रा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित किया, बल्कि शिक्षा के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण और राष्ट्र निर्माण के प्रति इसकी प्रतिबद्धता को भी मजबूत किया। यह यात्रा आत्मविश्वास, करुणा और आशा के साथ मिलकर जारी है।






