पर्यटन  के साथ बढ़ी होटल इंडस्ट्री में युवाओं के लिए रोजगार का बड़ा अवसर,FHRAI में होटल मैनेजमेंट के युवाओं के लिए संभावना

With the increase in tourism, there is a huge employment opportunity for the youth in the hotel industry, interest shown among the youth for hotel management in FHRAI.

– ग्रेटर नोएडा के नॉलेज पार्क में  एफएचआरएआई होटल मैनेजमेंट  संस्थान में छात्रों की रुचि

– कोर्स पूरा करते ही मिल रहे रोजगार के बेहतर अवसर

ग्रेटर नोएडा। भारत में पर्यटन उद्योग के लगातार विस्तार के साथ होटल और हॉस्पिटैलिटी सेक्टर भी तेज़ी से आगे बढ़ रहा है। घरेलू पर्यटन में बढ़ोतरी, विदेशी पर्यटकों की संख्या में लगातार इजाफा और सरकार द्वारा पर्यटन को बढ़ावा देने की नीतियों के कारण होटल उद्योग में प्रशिक्षित युवाओं की मांग तेजी से बढ़ी है। विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले वर्षों में भारत दुनिया के प्रमुख पर्यटन केंद्रों में शामिल होगा, जिससे होटल मैनेजमेंट के क्षेत्र में रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। एफएचआरएआई इंस्टीट्यूट ऑफ हॉस्पिटैलिटी मैनेजमेंट, ग्रेटर नोएडा के निदेशक डॉ. सितेश श्रीवास्तव के अनुसार भारत में पर्यटन उद्योग का भविष्य बेहद उज्ज्वल है। उनका कहना है कि घरेलू और अंतरराष्ट्रीय पर्यटन दोनों क्षेत्रों में तेज़ी से वृद्धि हो रही है। अनुमान है कि अगले कुछ वर्षों में भारत आने वाले विदेशी पर्यटकों की संख्या 10 करोड़ तक पहुंच सकती है। इतनी बड़ी संख्या में आने वाले पर्यटकों के लिए गुणवत्तापूर्ण होटल, रेस्टोरेंट और हॉस्पिटैलिटी सेवाओं की आवश्यकता होगी, जिसके चलते इस क्षेत्र में प्रशिक्षित मानव संसाधन की मांग लगातार बढ़ रही है।

Dr. Sitesh Sriwastav,Director, FHRAI-IHM..Greater Noida

डॉ. श्रीवास्तव बताते हैं कि देश के छोटे और बड़े शहरों में हर वर्ष 40 से 50 नए पंचसितारा होटल स्थापित हो रहे हैं। प्रत्येक होटल में फ्रंट ऑफिस, फूड एंड बेवरेज, हाउसकीपिंग, किचन, बेकरी, इवेंट मैनेजमेंट और होटल संचालन से जुड़े विभिन्न विभागों के लिए बड़ी संख्या में प्रशिक्षित कर्मचारियों की आवश्यकता होती है। ऐसे में होटल मैनेजमेंट का कोर्स करने वाले छात्रों को पढ़ाई पूरी करते ही रोजगार के अच्छे अवसर मिल जाते हैं। उनका कहना है कि आज भी बड़ी संख्या में युवाओं और अभिभावकों को होटल मैनेजमेंट को लेकर पर्याप्त जानकारी नहीं है। अधिकांश लोग इसे केवल शेफ बनने तक सीमित समझते हैं, जबकि इस क्षेत्र में होटल संचालन, क्रूज, एयरलाइन कैटरिंग, पर्यटन, रिसॉर्ट, इवेंट मैनेजमेंट, कॉरपोरेट हॉस्पिटैलिटी और अंतरराष्ट्रीय होटल श्रृंखलाओं में भी आकर्षक करियर बनाया जा सकता है। इस उद्योग में प्रतिभा और मेहनत के आधार पर पदोन्नति भी अपेक्षाकृत तेज़ी से होती है।

डॉ. श्रीवास्तव ने बताया कि फेडरेशन ऑफ होटल एंड रेस्टोरेंट एसोसिएशंस ऑफ इंडिया (एफएचआरएआई)-https://www.fhrai-ihm.com/ देश के लगभग आठ हजार होटल और रेस्टोरेंट उद्यमियों का प्रमुख संगठन है। यह संस्था होटल उद्योग की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए प्रशिक्षण कार्यक्रम संचालित करती है। चूंकि इस संस्थान का संचालन स्वयं होटल उद्योग से जुड़े विशेषज्ञों द्वारा किया जाता है, इसलिए यहां का पाठ्यक्रम उद्योग की वास्तविक जरूरतों के अनुरूप तैयार किया जाता है, जिससे छात्रों को व्यावहारिक प्रशिक्षण और रोजगार दोनों में लाभ मिलता है। उन्होंने बताया कि एफएचआरएआई इंस्टीट्यूट ऑफ हॉस्पिटैलिटी मैनेजमेंट, ग्रेटर नोएडा में तीन वर्षीय ग्रेजुएशन प्रोग्राम संचालित किया जाता है, जिसकी डिग्री जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय से प्रदान की जाती है। इसके अलावा डेढ़ वर्षीय डिप्लोमा कार्यक्रम भी संचालित है, जिसमें फूड प्रोडक्शन, बेकरी, कन्फेक्शनरी और अन्य व्यावसायिक कौशलों का विशेष प्रशिक्षण दिया जाता है।

With the increase in tourism, there is a huge employment opportunity for the youth in the hotel industry, interest shown among the youth for hotel management in FHRAI.

ग्रेटर नोएडा का नॉलेज पार्क अब शिक्षा के साथ-साथ हॉस्पिटैलिटी शिक्षा का भी प्रमुख केंद्र बनता जा रहा है। यहां लगभग नौ से बारह प्रमुख संस्थान होटल मैनेजमेंट और हॉस्पिटैलिटी से जुड़े विभिन्न पाठ्यक्रम संचालित कर रहे हैं। इनमें गलगोटियास विश्वविद्यालय, रिग इंस्टीट्यूट ऑफ हॉस्पिटैलिटी एंड मैनेजमेंट, एफएचआरएआई इंस्टीट्यूट ऑफ हॉस्पिटैलिटी मैनेजमेंट-https://www.fhrai-ihm.com/, आईईसी इंस्टीट्यूट ऑफ होटल मैनेजमेंट तथा ब्रिटिश कोलंबिया कॉलेज ऑफ मैनेजमेंट जैसे संस्थान शामिल हैं।

With the increase in tourism, there is a huge employment opportunity for the youth in the hotel industry, interest shown among the youth for hotel management in FHRAI.

होटल मैनेजमेंट के स्नातक पाठ्यक्रम की फीस सामान्यतः तीन से चार लाख रुपये तक होती है, जबकि डिप्लोमा कार्यक्रम लगभग एक लाख रुपये में पूरा किया जा सकता है। इन पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए विद्यार्थी सीयूईटी और एनसीएचएमसीटी जेईई जैसी प्रवेश परीक्षाओं के माध्यम से आवेदन कर सकते हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि जिस गति से देश में पर्यटन और होटल उद्योग का विस्तार हो रहा है, उसे देखते हुए आने वाले वर्षों में होटल मैनेजमेंट केवल एक वैकल्पिक कोर्स नहीं, बल्कि युवाओं के लिए रोजगार और वैश्विक करियर का मजबूत माध्यम बनकर उभरा है। इससे ग्रेटर नोएडा जैसे शिक्षा केंद्रों में हॉस्पिटैलिटी शिक्षा की मांग भी लगातार बढ़ने की संभावना है।

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