ग्रेटर नोएडा। ग्रेटर नोएडा स्थित जीएनआईओटी ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस के एमबीए संस्थान द्वारा नवप्रवेशित विद्यार्थियों की नई शैक्षणिक एवं व्यावसायिक यात्रा को प्रेरणादायक शुरुआत देने के उद्देश्य से “नवांकुर २०२६ – अभिमुखीकरण कार्यक्रम” का भव्य आयोजन किया गया। “नई शुरुआत, नई आकांक्षाएं” की प्रेरणादायक थीम पर आयोजित इस कार्यक्रम में लगभग १,००० नवप्रवेशित एमबीए एवं इंटीग्रेटेड एमबीए विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। इसके साथ ही जीएनआईओटी ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस द्वारा आयोजित तीन दिवसीय ‘नवांकुर २०२६’ अभिमुखीकरण कार्यक्रम का भव्य समापन हुआ* ।
तीन दिनों तक चले इस आयोजन में विद्यार्थियों को अकादमिक शिक्षा के साथ उद्योग जगत की बदलती आवश्यकताओं, नेतृत्व, नवाचार, तकनीकी बदलाव, व्यावसायिक कौशल, व्यक्तित्व विकास तथा भविष्य के रोजगार एवं करियर अवसरों से परिचित कराया गया।
कार्यक्रम में अनुराग सिंह ठाकुर, पांचवीं बार लोकसभा सांसद, कोयला, खान एवं इस्पात संबंधी संसदीय स्थायी समिति के अध्यक्ष, पूर्व केंद्रीय मंत्री तथा भारतीय जनता युवा मोर्चा के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष, की गरिमामयी उपस्थिति रही।
विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए अनुराग सिंह ठाकुर ने कहा कि आज से विद्यार्थियों के जीवन में एक नए अध्याय की शुरुआत हो रही है। उन्होंने कहा कि विद्यार्थी संस्थान में केवल डिग्री हासिल करने के लिए नहीं आए हैं, बल्कि उन्हें अपने व्यक्तित्व, सोच, नेतृत्व क्षमता और भविष्य को आकार देने का अवसर मिला है।
उन्होंने कहा कि आज के प्रतिस्पर्धी दौर में केवल डिग्री प्राप्त करना पर्याप्त नहीं है। युवाओं को ज्ञान के साथ कौशल, अनुशासन, नेतृत्व क्षमता, संचार कौशल, नवाचार और राष्ट्र के प्रति जिम्मेदारी की भावना विकसित करनी होगी। उन्होंने विद्यार्थियों से बड़े लक्ष्य निर्धारित करने और उन लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए निरंतर मेहनत करने का आह्वान किया।
श्री ठाकुर ने कहा कि वर्तमान समय में तकनीक, कृत्रिम बुद्धिमत्ता, डिजिटल परिवर्तन और वैश्विक प्रतिस्पर्धा ने कार्य करने के तरीकों में तेजी से बदलाव किया है। ऐसे में विद्यार्थियों को केवल पाठ्यक्रम तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि उन्हें नई तकनीकों को समझने, नए विचारों को स्वीकार करने, प्रश्न पूछने और लगातार सीखने की आदत विकसित करनी चाहिए।
उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि जीवन की परीक्षा किसी निर्धारित पाठ्यक्रम के अनुसार नहीं होती, इसलिए उन्हें केवल परीक्षाओं के लिए नहीं, बल्कि जीवन की वास्तविक चुनौतियों के लिए स्वयं को तैयार करना चाहिए। उन्होंने विद्यार्थियों को जिज्ञासु बने रहने और प्रत्येक अनुभव से सीखने की प्रेरणा दी।
युवाओं की भूमिका पर प्रकाश डालते हुए श्री अनुराग सिंह ठाकुर ने कहा कि भारत आज विकास और परिवर्तन के महत्वपूर्ण दौर से गुजर रहा है और देश की सबसे बड़ी शक्ति उसकी युवा आबादी है। उन्होंने विद्यार्थियों से विकसित भारत के निर्माण में सक्रिय भागीदारी निभाने का आह्वान किया।
उन्होंने कहा कि युवाओं को केवल नौकरी तलाशने वाला नहीं, बल्कि रोजगार सृजित करने वाला, नवाचार करने वाला और समाज की समस्याओं के समाधान खोजने वाला युवा बनना चाहिए। उन्होंने कहा कि प्रबंधन के विद्यार्थियों के सामने विशेष जिम्मेदारी है, क्योंकि आने वाले समय में उद्योगों, व्यवसायों और संस्थानों का नेतृत्व आज के विद्यार्थी ही करेंगे।
श्री ठाकुर ने विद्यार्थियों को नेतृत्व क्षमता विकसित करने, टीम के साथ काम करने, संवाद कौशल मजबूत करने और प्रभावी निर्णय लेने की क्षमता विकसित करने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि एक अच्छे नेता की पहचान केवल उसके पद से नहीं, बल्कि कठिन परिस्थितियों में सही निर्णय लेने, दूसरों को साथ लेकर चलने और स्वयं उदाहरण प्रस्तुत करने की क्षमता से होती है।
उन्होंने असफलता को सफलता की यात्रा का महत्वपूर्ण हिस्सा बताते हुए कहा कि विद्यार्थियों को असफलताओं से घबराना नहीं चाहिए। उन्होंने कहा कि असफलता अंत नहीं, बल्कि सीखने और स्वयं को बेहतर बनाने का अवसर है। विद्यार्थियों को अपनी गलतियों का विश्लेषण कर उनसे सीखना चाहिए और प्रत्येक चुनौती के बाद पहले से अधिक मजबूत होकर आगे बढ़ना चाहिए।
श्री अनुराग सिंह ठाकुर ने विद्यार्थियों को डिजिटल माध्यमों और सोशल मीडिया का सकारात्मक एवं रचनात्मक उपयोग करने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि डिजिटल युग में युवाओं के सामने सीखने और आगे बढ़ने के अनगिनत अवसर उपलब्ध हैं। आवश्यकता इस बात की है कि युवा तकनीक को अपनी क्षमता बढ़ाने का माध्यम बनाएं और अपने समय का सदुपयोग करें।
उन्होंने कहा कि आज कंपनियां ऐसे युवाओं की तलाश कर रही हैं जिनमें अकादमिक ज्ञान के साथ समस्या समाधान की क्षमता, रचनात्मक सोच, नेतृत्व, संचार, अनुकूलनशीलता और टीम भावना हो। इसलिए विद्यार्थियों को अपनी डिग्री के साथ-साथ ऐसे कौशल विकसित करने चाहिए जो उन्हें वास्तविक कार्यस्थल के लिए तैयार करें।
श्री ठाकुर ने विद्यार्थियों से अपने माता-पिता, शिक्षकों और संस्थान का सम्मान करने तथा अपने जीवन में ऐसे लक्ष्य निर्धारित करने का आह्वान किया जिनसे व्यक्तिगत सफलता के साथ समाज और राष्ट्र के विकास में भी योगदान दिया जा सके।
उन्होंने विद्यार्थियों को प्रेरित करते हुए कहा कि बड़े सपने देखें, बड़े लक्ष्य बनाएं और उन्हें हासिल करने के लिए उससे भी बड़ी मेहनत करें। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यदि युवा अपने लक्ष्य के प्रति ईमानदार रहें, निरंतर सीखते रहें और अनुशासन के साथ आगे बढ़ें तो कोई भी चुनौती उन्हें सफलता से दूर नहीं रख सकती।
अपने संबोधन के अंत में श्री अनुराग सिंह ठाकुर ने कहा कि ‘नवांकुर २०२६’ केवल एक अभिमुखीकरण कार्यक्रम नहीं, बल्कि विद्यार्थियों की नई शैक्षणिक एवं व्यावसायिक यात्रा का पहला महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने विद्यार्थियों को ज्ञान, अनुशासन, नवाचार, नेतृत्व और राष्ट्र निर्माण की भावना के साथ आगे बढ़ने की शुभकामनाएं दीं। उनके प्रेरणादायक संबोधन से विद्यार्थियों में उत्साह और ऊर्जा का संचार हुआ तथा सभागार तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा।
*विधायक एवं पूर्व आईपीएस अधिकारी श्री आनंद मिश्रा ने दिया नेतृत्व और सेवा का संदेश*
बक्सर, बिहार के माननीय विधायक एवं पूर्व आईपीएस अधिकारी श्री आनंद मिश्रा ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए नेतृत्व, अनुशासन, दृढ़ संकल्प और सामाजिक जिम्मेदारी के महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला।
उन्होंने कहा कि विद्यार्थी जीवन केवल डिग्री प्राप्त करने का समय नहीं, बल्कि चरित्र, दृष्टिकोण और नेतृत्व क्षमता विकसित करने का सबसे महत्वपूर्ण चरण है। उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि परिस्थितियों का इंतजार करने के बजाय स्वयं अवसरों का निर्माण करने की मानसिकता विकसित करनी चाहिए।
अपने प्रशासनिक अनुभवों को साझा करते हुए श्री आनंद मिश्रा ने कहा कि वास्तविक नेतृत्व केवल दूसरों को दिशा देने का नाम नहीं है, बल्कि स्वयं उदाहरण प्रस्तुत करने और जिम्मेदारी स्वीकार करने का नाम है। उन्होंने विद्यार्थियों को समय का सम्मान करने, अनुशासन को जीवन का हिस्सा बनाने और अपने निर्णयों की जिम्मेदारी लेने के लिए प्रेरित किया।
उन्होंने कहा कि कॉर्पोरेट जगत में भी वही व्यक्ति लंबे समय तक सफल रहता है जो कठिन परिस्थितियों में शांत रहकर निर्णय ले सके, टीम को साथ लेकर चल सके और लगातार सीखने की क्षमता रखता हो। उन्होंने विद्यार्थियों से असफलताओं से घबराने के बजाय उन्हें सीखने का अवसर मानने की अपील की।
श्री आनंद मिश्रा ने युवाओं को ईमानदारी, राष्ट्र निर्माण, सामाजिक संवेदनशीलता और जिम्मेदार नागरिकता के मूल्यों को अपने जीवन का हिस्सा बनाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि भारत के भविष्य को मजबूत बनाने में युवाओं की भूमिका निर्णायक है।
उन्होंने विशेष रूप से प्रबंधन के विद्यार्थियों से कहा कि वे केवल नौकरी पाने की मानसिकता तक सीमित न रहें, बल्कि रोजगार सृजन, उद्यमिता और नवाचार की दिशा में भी सोचें। उन्होंने विद्यार्थियों से अपनी नेतृत्व क्षमता, संवाद कौशल और समस्या समाधान की क्षमता को लगातार बेहतर बनाने का आह्वान किया।
उन्होंने कहा कि सही दिशा में लगातार किया गया प्रयास ही सफलता को स्थायी बनाता है। उन्होंने विद्यार्थियों को अपने लक्ष्य स्पष्ट रखने, अपनी क्षमताओं पर विश्वास करने और चुनौतियों का आत्मविश्वास के साथ सामना करने के लिए प्रेरित किया।
विभिन्न क्षेत्रों के प्रतिष्ठित विशेषज्ञों ने विद्यार्थियों को किया प्रेरित
कार्यक्रम में विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े प्रतिष्ठित व्यक्तित्वों एवं उद्योग विशेषज्ञों ने विद्यार्थियों के साथ संवाद किया और उन्हें भविष्य की चुनौतियों एवं अवसरों से परिचित कराया।
*श्री हर्षवर्धन जैन, मोटिवेशनल स्पीकर, बिजनेस कोच एवं डिजिटल कंटेंट क्रिएटर, ने विद्यार्थियों के साथ संवाद* करते हुए सकारात्मक सोच, निरंतर प्रयास और सही दृष्टिकोण को सफलता की महत्वपूर्ण कुंजी बताया।
*डॉ. स्वर्णप्रीत सिंह, एवीपी (एचआर) एवं कैंपस लीड, आईसीआईसीआई लोम्बार्ड,* ने विद्यार्थियों को कॉर्पोरेट जगत की आवश्यकताओं, रोजगार योग्य कौशल, संचार क्षमता और पेशेवर विकास से जुड़े महत्वपूर्ण पहलुओं की जानकारी दी।
*श्री राजीव नैथानी, मुख्य जन अधिकारी, पर्सिस्टेंट सिस्टम्स* , ने विद्यार्थियों को तकनीकी बदलाव, नेतृत्व, मानव संसाधन प्रबंधन और भविष्य के कार्यस्थल की बदलती आवश्यकताओं के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी प्रदान की।
*सुश्री निमिषा पाठक, महाप्रबंधक, सैमसंग इलेक्ट्रॉनिक्स* , ने विद्यार्थियों को कॉर्पोरेट संस्कृति, डिजिटल परिवर्तन, नवाचार और पेशेवर विकास से जुड़े विभिन्न पहलुओं से अवगत कराया।
*श्री दिनेश बावरा, अभिनेता एवं कवि* , ने कविता, हास्य और अभिनय के अनूठे संगम के माध्यम से विद्यार्थियों का मनोरंजन किया तथा कार्यक्रम में ऊर्जा एवं उत्साह का संचार किया।
*निदेशक डॉ. अंशुल शर्मा ने किया विद्यार्थियों का स्वागत*
जीएनआईओटी ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस के एमबीए संस्थान के निदेशक डॉ. अंशुल शर्मा ने नवप्रवेशित विद्यार्थियों का स्वागत करते हुए संस्थान की शैक्षणिक दृष्टि, उद्योग-अकादमिक जुड़ाव, आधुनिक शिक्षण पद्धतियों तथा विद्यार्थियों के समग्र विकास के लिए किए जा रहे प्रयासों की जानकारी साझा की।
उन्होंने कहा कि प्रबंधन शिक्षा केवल कक्षा तक सीमित नहीं है, बल्कि यह विद्यार्थियों को वास्तविक व्यावसायिक परिस्थितियों को समझने, समस्याओं का समाधान खोजने, टीम का नेतृत्व करने और बदलते कॉर्पोरेट वातावरण में प्रभावी निर्णय लेने के लिए तैयार करती है।
*अध्यक्ष डॉ. राजेश कुमार गुप्ता ने विद्यार्थियों को किया प्रेरित*
जीएनआईओटी ग्रुप के अध्यक्ष डॉ. राजेश कुमार गुप्ता ने नवप्रवेशित विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि प्रबंधन शिक्षा का उद्देश्य केवल डिग्री प्रदान करना नहीं, बल्कि ऐसे युवा तैयार करना है जो नेतृत्व करने, नवाचार को अपनाने और समाज एवं राष्ट्र के विकास में योगदान देने में सक्षम हों।
उन्होंने विद्यार्थियों से अपने लक्ष्य निर्धारित कर पूरी लगन एवं समर्पण के साथ आगे बढ़ने तथा बदलती दुनिया के अनुरूप स्वयं को निरंतर विकसित करने का आह्वान किया।
*उपाध्यक्ष श्री गौरव गुप्ता ने किया विद्यार्थियों का स्वागत*
जीएनआईओटी ग्रुप के उपाध्यक्ष श्री गौरव गुप्ता ने नवप्रवेशित विद्यार्थियों का स्वागत करते हुए उन्हें संस्थान की समृद्ध शैक्षणिक परंपरा का हिस्सा बनने पर बधाई दी। उन्होंने विद्यार्थियों से अपनी प्रतिभा को पहचानने, नए कौशल सीखने तथा संस्थान द्वारा उपलब्ध कराए जा रहे शैक्षणिक, कॉर्पोरेट एवं सह-पाठ्यक्रमीय अवसरों का अधिकतम लाभ उठाने का आह्वान किया।
*मुख्य कार्यकारी अधिकारी श्री स्वदेश कुमार सिंह का प्रेरणादायक संबोधन*
जीएनआईओटी ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस के मुख्य कार्यकारी अधिकारी श्री स्वदेश कुमार सिंह ने विद्यार्थियों का स्वागत करते हुए कहा कि वर्तमान समय में प्रबंधन पेशेवरों के लिए अकादमिक ज्ञान के साथ-साथ संचार कौशल, नेतृत्व क्षमता, अनुकूलनशीलता, व्यावहारिक अनुभव और उद्योग की आवश्यकताओं की समझ अत्यंत महत्वपूर्ण है।
उन्होंने कहा कि संस्थान विद्यार्थियों को वैश्विक एवं प्रतिस्पर्धी कॉर्पोरेट वातावरण के लिए तैयार करने तथा उनके समग्र विकास पर विशेष ध्यान दे रहा है। उन्होंने विद्यार्थियों से निरंतर सीखने, नए अवसरों को स्वीकार करने और अपने लक्ष्यों के प्रति पूरी तरह समर्पित रहने का आह्वान किया।
*प्रबंधन सदस्य श्री वंश गुप्ता ने बढ़ाया विद्यार्थियों का उत्साह*
जीएनआईओटी ग्रुप के प्रबंधन सदस्य श्री वंश गुप्ता ने भी कार्यक्रम में अपनी उपस्थिति दर्ज कराते हुए नवप्रवेशित विद्यार्थियों को नई शैक्षणिक यात्रा के लिए शुभकामनाएं दीं। उन्होंने विद्यार्थियों से संस्थान में उपलब्ध विभिन्न अवसरों का लाभ उठाने तथा अपने व्यक्तित्व, नेतृत्व क्षमता एवं व्यावसायिक कौशल को निरंतर विकसित करने के लिए प्रेरित किया।
सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने बांधा समां
कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों द्वारा विभिन्न सांस्कृतिक एवं रचनात्मक प्रस्तुतियां प्रस्तुत की गईं। संगीत, नृत्य, कविता एवं मनोरंजन से जुड़ी प्रस्तुतियों ने पूरे कार्यक्रम को जीवंत बना दिया और नवप्रवेशित विद्यार्थियों में उत्साह एवं ऊर्जा का संचार किया।
*तीन दिवसीय ‘नवांकुर २०२६’ का भव्य समापन*
जीएनआईओटी ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस का तीन दिवसीय ‘नवांकुर २०२६’ अभिमुखीकरण कार्यक्रम विद्यार्थियों के लिए ज्ञान, प्रेरणा, संवाद और अनुभवों से भरपूर रहा। तीन दिनों के दौरान विद्यार्थियों को संस्थान की शैक्षणिक व्यवस्था, उद्योग जगत की अपेक्षाओं, करियर संभावनाओं, नेतृत्व, व्यक्तित्व विकास, नवाचार और बदलते पेशेवर वातावरण की व्यापक जानकारी मिली।
‘नवांकुर २०२६’ ने नवप्रवेशित विद्यार्थियों को अपनी नई शैक्षणिक एवं व्यावसायिक यात्रा की शुरुआत नई ऊर्जा, नए आत्मविश्वास और नई आकांक्षाओं के साथ करने का अवसर प्रदान किया।
कार्यक्रम ने विद्यार्थियों को यह संदेश दिया कि सफलता केवल शैक्षणिक उपलब्धियों तक सीमित नहीं है, बल्कि ज्ञान, कौशल, नवाचार, अनुशासन, नेतृत्व, सकारात्मक सोच, व्यावहारिक अनुभव और निरंतर सीखने की भावना के समन्वय से एक सफल एवं प्रभावशाली भविष्य का निर्माण होता है।
यह भव्य तीन दिवसीय आयोजन डॉ. राजेश कुमार गुप्ता, अध्यक्ष, जीएनआईओटी ग्रुप; गौरव गुप्ता, उपाध्यक्ष, जीएनआईओटी ग्रुप; श्री स्वदेश कुमार सिंह, मुख्य कार्यकारी अधिकारी, जीएनआईओटी ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस; श्री वंश गुप्ता, प्रबंधन सदस्य, जीएनआईओटी ग्रुप; एवं डॉ. अंशुल शर्मा, निदेशक, जीएनआईओटी ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस के एमबीए संस्थान के मार्गदर्शन एवं नेतृत्व में सफलतापूर्वक सम्पन्न हुआ।
जीएनआईओटी ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस गुणवत्तापूर्ण प्रबंधन शिक्षा, उद्योग-अकादमिक जुड़ाव, नवाचार, कौशल विकास तथा विद्यार्थियों के समग्र व्यक्तित्व एवं करियर विकास के लिए निरंतर प्रतिबद्ध है।






