ग्रेटर नोएडा। ट्रिनिटी इंस्टीट्यूट ऑफ इनोवेशन्स इन प्रोफेशनल स्टडीज़ (टीआईआईपीएस), ग्रेटर नोएडा के प्रांगण में AICTE VAANI Scheme के अंतर्गत दो दिवसीय राष्ट्रीय सेमिनार का भव्य शुभारंभ हुआ। सेमिनार का विषय Emerging AI & Data Analytics Methods for NLP: Opportunities and Future Scope in Sanskrit” तथा इसकी थीम “संस्कृत का सार, तकनीक का विस्तार” है। सेमिनार का आयोजन 22 एवं 24 अगस्त 2026 को किया गया है। कार्यक्रम का शुभारंभ संस्थान के माननीय संस्थापक डॉ. वी. पी. टंडन के कर-कमलों द्वारा किया गया। इस अवसर पर मुख्य अतिथि डॉ. नवैद ज़फ़र रिज़वी, प्रोफेसर एवं विभागाध्यक्ष (ECE), जामिया मिल्लिया इस्लामिया विश्वविद्यालय, नई दिल्ली सहित विभिन्न प्रतिष्ठित शिक्षाविदों एवं विशेषज्ञों ने अपनी गरिमामयी उपस्थिति दर्ज कराई।
कार्यक्रम में प्रो. (डॉ.) गणेश टी. पंडित, एसोसिएट डीन (रिसर्च), केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय, नई दिल्ली, प्रो. (डॉ.) गिरीश नाथ झा, प्रोफेसर, जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) एवं पूर्व अध्यक्ष, वैज्ञानिक एवं तकनीकी शब्दावली आयोग, भारत सरकार, प्रो. (डॉ.) सुभाष चंद्र, प्रोफेसर, दिल्ली विश्वविद्यालय; डॉ. दीपक शर्मा, एसोसिएट डायरेक्टर, दिल्ली विश्वविद्यालय; इला शर्मा, ग्रुप प्रोजेक्ट मैनेजर, HCL Technologies Ltd.; तथा आशीष पांडे, हेड ऑफ बिज़नेस (डेटा एवं एनालिटिक्स), Blue Data Consulting ने अपनी गरिमामयी उपस्थिति से कार्यक्रम की शोभा बढ़ाई। इस अवसर पर संस्थान के डायरेक्टर डॉ. भास्कर गुप्ता, रजिस्ट्रार पवन कुमार, डीन एकेडमिक्स प्रो. (डॉ.) मीनाक्षी चतुर्वेदी, VAANI सेमिनार के कोऑर्डिनेटर डॉ. अंकित गंभीर, को-कोऑर्डिनेटर सुश्री किशोरी राधेय, सहित संस्थान के विभिन्न विभागों के शिक्षकगण एवं स्टाफ सदस्य उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के दौरान विशेषज्ञों एवं अतिथियों ने कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI), डेटा एनालिटिक्स, प्राकृतिक भाषा संसाधन (Natural Language Processing–NLP) तथा संस्कृत भाषा में आधुनिक तकनीकों के प्रयोग की संभावनाओं पर विस्तार से प्रकाश डाला। सेमिनार का मुख्य उद्देश्य संस्कृत जैसी समृद्ध एवं प्राचीन शास्त्रीय भाषा को आधुनिक AI एवं डेटा-आधारित तकनीकों से जोड़ते हुए शोध, नवाचार एवं भविष्य की संभावनाओं को नई दिशा प्रदान करना है। यह आयोजन TIIPS, ग्रेटर नोएडा के लिए अत्यंत गौरवपूर्ण एवं महत्वपूर्ण अवसर है। AICTE VAANI Scheme के अंतर्गत राष्ट्रीय स्तर के इस सेमिनार का आयोजन संस्थान की शैक्षणिक उत्कृष्टता, शोध एवं नवाचार के प्रति प्रतिबद्धता को प्रदर्शित करता है।कार्यक्रम का प्रथम दिवस अत्यंत उत्साह, गरिमा एवं ज्ञानवर्धक वातावरण में सम्पन्न हुआ। उपस्थित सभी अतिथियों, शिक्षकों, शोधार्थियों एवं प्रतिभागियों ने इस आयोजन को सफल बनाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया। निश्चित रूप से यह सेमिनार संस्कृत, कृत्रिम बुद्धिमत्ता और आधुनिक तकनीक के बीच एक सशक्त सेतु स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण एवं सार्थक पहल सिद्ध होगा।






