सेवा से संकल्प तक-जन-जन के द्वार पहुँचेगा राष्ट्रसेवा का संदेश

From service to resolution – the message of national service will reach every person.

सेवा-संस्कार, युवा शक्ति और मातृशक्ति के समन्वय से राष्ट्र निर्माण की ओर बढ़ता सार्थक संकल्प
—भगवत प्रसाद शर्मा की कलम से ✍️ “नर सेवा ही नारायण सेवा है।”

भारतीय संस्कृति में ‘सेवा’ केवल शब्द नहीं, बल्कि जीवन-दर्शन है। सेवा वह भावना है, जिसमें व्यक्ति अपने सुख से ऊपर समाज के सुख, स्वार्थ से ऊपर राष्ट्रहित और अधिकार से पहले कर्तव्य को स्थान देता है। इसी भावना को समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुँचाने के उद्देश्य से भारतीय जनता पार्टी गौतमबुद्धनगर द्वारा ‘सेवा संकल्प अभियान’ के अंतर्गत जिला कार्यालय, तिलपता चौक पर जिला स्तरीय कार्यशाला आयोजित की गई। कार्यक्रम में प्रदेश उपाध्यक्ष माननीय श्री राजेश यादव जी मुख्य अतिथि रहे तथा अध्यक्षता जिलाध्यक्ष माननीय श्री अभिषेक शर्मा जी ने की। बड़ी संख्या में पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं की सहभागिता ने यह स्पष्ट किया कि संगठन की वास्तविक शक्ति उसकी संरचना में नहीं, बल्कि कार्यकर्ताओं की सेवा-भावना, निष्ठा और जनसमर्पण में निहित है।

सेवा जब संस्कार बन जाए
कहा जाता है—“जहाँ चाह, वहाँ राह।” लेकिन राष्ट्रसेवा की राह केवल इच्छा से नहीं बनती; इसके लिए संकल्प, संवेदना, अनुशासन और निरंतर कर्म आवश्यक हैं। श्री राजेश यादव जी ने अभियान की रूपरेखा बताते हुए स्पष्ट किया कि सेवा किसी एक आयोजन तक सीमित नहीं है। जरूरतमंद की सहायता करना, पीड़ित की बात सुनना, पात्र व्यक्ति को सरकारी योजनाओं की जानकारी देना और सामाजिक समस्याओं के समाधान में सहयोग करना—सेवा के यही वास्तविक स्वरूप हैं।
समाज परिवर्तन बड़े नारों से नहीं, छोटे-छोटे सत्कर्मों की निरंतर श्रृंखला से होता है।
युवा शक्ति और मातृशक्ति—राष्ट्र निर्माण की आधारशिला

भारत की युवा शक्ति राष्ट्र की सबसे बड़ी ऊर्जा है। यदि युवाओं की प्रतिभा और सामर्थ्य को सेवा तथा राष्ट्र निर्माण से जोड़ दिया जाए तो परिवर्तन की गति कई गुना बढ़ सकती है। सेवा युवाओं को संवेदनशील, अनुशासित और जिम्मेदार नागरिक बनाती है।

वहीं मातृशक्ति संस्कारों की प्रथम पाठशाला है। माँ अपने बच्चों को केवल जीवन नहीं देती, बल्कि उन्हें मूल्य, मर्यादा, त्याग और कर्तव्य का बोध कराती है। भारतीय संस्कृति का अमर संदेश है—

“यत्र नार्यस्तु पूज्यन्ते रमन्ते तत्र देवताः।”

जब युवा ऊर्जा और मातृशक्ति के संस्कार एक साथ राष्ट्रहित में प्रवाहित होते हैं, तब सेवा अभियान जनचेतना का रूप ले सकता है।

अंतिम व्यक्ति तक पहुँचे सेवा का प्रकाश

From service to resolution – the message of national service will reach every person.

भाजपा जिलाध्यक्ष  अभिषेक शर्मा जी ने कार्यकर्ताओं से समाज के प्रत्येक वर्ग के बीच पहुँचकर उनकी समस्याओं को समझने और यथासंभव सहयोग करने का आह्वान किया। दादरी विधायक श्री तेजपाल नागर जी ने भी अभियान को जन-जन तक पहुँचाने का संदेश दिया। जिला महामंत्री एवं अभियान संयोजक श्री वीरेन्द्र भाटी जी ने सभी अतिथियों और कार्यकर्ताओं का आभार व्यक्त किया। सहसंयोजक श्री विकास चौधरी जी, श्रीमती रजनी तोमर जी एवं श्री राज नागर जी सहित बड़ी संख्या में पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

भगवत प्रसाद शर्मा ने कहा कि
मेरे विचार में सेवा का वास्तविक अर्थ है—जिसकी आवाज नहीं, उसकी आवाज बनना; जिसे जानकारी नहीं, उसे जानकारी देना और जिसे सहारे की आवश्यकता है, उसके साथ खड़ा होना। राष्ट्र केवल सरकारों से नहीं बनता; राष्ट्र नागरिकों के चरित्र, संवेदना और कर्म से बनता है। आज आवश्यकता है कि युवा अपनी ऊर्जा राष्ट्र को दें, मातृशक्ति संस्कारों का दीप जलाए और प्रत्येक नागरिक अपने आसपास के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाने का संकल्प ले।
सेवा बने कर्म, संकल्प बने पहचान;
इसी से सशक्त होगा भारत महान।

—भगवत प्रसाद शर्मा
मीडिया एक्जीक्यूटिव (भाजपा)
डॉक्टरेट की मानद उपाधि से सम्मानित

Spread the love
RELATED ARTICLES