एनआईईटी फार्मेसी संस्थान में ए.के.टी.यू. प्रायोजित अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन का हुआ शुभारम्भ

AKTU sponsored International Conference inaugurated at NIET Institute of Pharmacy

विषय-फार्मास्यूटिकल अनुसंधान और स्वास्थ्य सेवा अभ्यास में एआई की उभरती भूमिकाएँ: आगामी चुनौतियाँ पर हुई चर्चा शुरु

ग्रेटर नोएडा। नोएडा इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी (एनआईईटी फार्मेसी इंस्टीट्यूट) ने ए.पी.जे. अब्दुल कलाम तकनीकी विश्वविद्यालय  द्वारा प्रायोजित तीन दिवसीय अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन फार्मास्युटिकल अनुसंधान और स्वास्थ्य देखभाल अभ्यास में एआई की उभरती भूमिकाएं: आगे की चुनौतियां शुभारंभ किया गया। इस ऐतिहासिक आयोजन में देश-विदेश के प्रमुख शिक्षाविदों, वैज्ञानिकों और उद्योग विशेषज्ञों ने भाग लिया। उद्घाटन एवं मुख्य अतिथि का संबोधन: संस्थान के निदेशक डॉ. अभिजीत मजूमदार ने अकादमिक उत्कृष्टता और एनआईआरएफ (NIRF) रैंकिंग के महत्व पर प्रकाश डाला। मुख्य अतिथि डॉ. अनुज कुमार शर्मा (डीन, एकेटीयू लखनऊ) ने एआई को ‘समय की आवश्यकता’ बताते हुए एआई एक्सीलेंस सेंटर की स्थापना की योजना साझा की तथा इसके नैतिक उपयोग पर जोर दिया। उद्योग में एआई का बढ़ता प्रभाव: टीसीएस (TCS) के एआई विशेषज्ञ डॉ. पंकज भारद्वाज ने पारंपरिक प्रेडिक्टिव एआई और जेनरेटिव एआई (GenAI) के अंतर को समझाया। उन्होंने फॉरवर्ड डिप्लॉयड इंजीनियर (FDE) और एआई/एजेंट इंजीनियर जैसे नए करियर अवसरों और लाइफ साइंसेज सप्लाई चेन में एआई के अनुप्रयोगों पर चर्चा की।

हरित रसायन (Green Chemistry) और एआई: दिल्ली फार्मास्युटिकल साइंसेज एंड रिसर्च यूनिवर्सिटी (DPSRU) के डॉ. प्रबोध चंद्र शर्मा ने आइबुप्रोफेन और लेटरमोवीर के हरित संश्लेषण के केस स्टडीज प्रस्तुत किए और बताया कि कैसे एआई अपशिष्ट प्रबंधन एवं पर्यावरण-अनुकूल प्रक्रियाओं को गति दे सकता है।

स्वास्थ्य देखभाल एवं क्लिनिकल नवाचार: जीआईएमएस (GIMS) के सेंटर फॉर मेडिकल इनोवेशन के सीईओ डॉ. राहुल सिंह ने क्लिनिकल डेटा के निरंतर सत्यापन पर जोर दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि एआई क्लिनिकल परीक्षणों को गति देता है, परंतु यह मानव-केंद्रित मूल्यांकन और क्लिनिकल ट्रायल्स का विकल्प नहीं हो सकता।

दवा खोज में जेनरेटिव एआई (GenAI): जामिया हमदर्द की प्रोफेसर डॉ. मयमूना अख्तर ने बताया कि कैसे जेनरेटिव एआई नए अणुओं की संरचना का निर्माण करके महीनों का काम हफ्तों में पूरा कर रहा है, तथा एडीएमईटी (ADMET) गुणों के पूर्वानुमान व फार्माकोविजिलेंस में क्रांतिकारी सुधार ला रहा है। सम्मेलन के पहले दिन यह संदेश स्पष्ट रूप से उभर कर आया कि एआई और आधुनिक तकनीकें फार्मास्युटिकल अनुसंधान के भविष्य को नया आकार दे रही हैं, लेकिन उनका जिम्मेदार और नैतिक कार्यान्वयन ही टिकाऊ सफलता की कुंजी है।

 

Spread the love
RELATED ARTICLES