1857 की स्वतंत्रता संग्राम के नायक धन सिंह कोतवाल के बलिदान को किया याद

1857 की स्वतंत्रता संग्राम सेनानी धन सिंह कोतवाल के बलिदान को किया याद

ग्रेटर नोएडा,10 मई। सेक्टर अल्फा-दो में 1857 क्रांति के जनक धनसिंह कोतवाल बलिदान दिवस पर किसान एकता संघ के पदाधिकारियों ने श्रद्धांजलि अर्पित की। इस मौके पर किसान एकता संघ के प्रदेश अध्यक्ष जतन प्रधान ने बताया कि मेरठ से शुरू हुए 1857 प्रथम स्वतंत्रता संग्राम में धन सिंह कोतवाल का नाम प्रमुखता के साथ लिया जाता है। सही मायनों में उन्हें मई 1857 की क्रांति का जनक कहा जाता है। किसान एकता संघ के प्रदेश मीडिया प्रभारी आलोक नागर ने बताया कि धन सिंह कोतवाल गुर्जर बिरादरी से ताल्लुक रखते थे और मेरठ के पांचली गांव के निवासी थे। वह मई 1857 में मेरठ की सदर कोतवाली में तैनात थे। सदर बाजार कोतवाली के कोतवाल रहते हुए धनसिंह गुर्जर ने अंग्रेजों के खिलाफ आजादी का बिगुल फूंका था। किसान एकता संघ के जिला अध्यक्ष कृष्ण नागर ने बताया धन सिंह कोतवाल के नेतृत्व में जेल पर हमला बोलकर चर्बीयुक्त कारतूसों को विरोध करने वाले 85 भारतीय सैनिकों समेत 836 कैदियों को छुड़ाया गया था। धन सिंह कोतवाल के आहवान पर उनके अपने गांव पांचली सहित गांव नंगला, गगोल, नूरनगर, लिसाड़ी, चुड़ियाला, डोलना आदि गांवों के हजारों लोग सदर कोतवाली में एकत्र हुए। इस मौके पर बच्चन भाटी ने बताया कि धन सिंह कोतवाल के नेतृत्व में 10 मई 1857 की रात मेरठ में बनाई गई अंग्रेजों की नई जेल में बंद भारतीय सैनिकों और क्रांतिकारियों छुड़ा लिया गया और इसके बाद जेल में आग लगा दी थी। इस मौके पर जतन प्रधान बच्चन भाटी, आलोक नागर कृष्ण नागर, प्रदीप भाटी, राजवीर खारी मौजूद रहे।

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