रबूपुरा। एक तरफ जिला प्रशासन जनपद में खनन माफियाओं पर शिकंजा कसने व बालू खनन बंद होने के दावे करता है तो दूसरी तरफ रबूपुरा क्षेत्र अंर्तगत रात के अंधेरे से लेकर सुबह के उजाले तक नियमों को ताक पर रख सड़कों पर फर्राटे भरते बालू से लदे वाहन इसकी हकीकत बयां करते हैं। कोर्ट की सख्ती के बावजूद भी नियमों को दरकिनार कर यहां हरियाणा निकटवर्ती पुरानी यमुना नदी से बालू का खनन बड़े पैमाने पर किया जाता है। उच्चाधिकारियों की आंखों में धूल झोंकने के लिए कारोबार को रात के अंधेरे में अंजाम दिया जा रहा है और शाम से लेकर सुबह तक सड़कों पर खनन वाहनों का राज चलता है जिनकी तेज गति से कभी-कभी तो बच पाना भी मुश्किल हो जाता है। माफिया टैक्टर-ट्रालियों में भरकर गांव की सीमा में खड़े कर देते हैं तथा रात होने पर मांग अनुसार बालू को खुर्जा, बुलंदशहर, सिकन्द्राबाद समेत आस-पास पहुंचाया जाता है। जिला प्रशासन के उच्चाधिकारियों की अनदेखी के कारण खनन माफियाओं के हौंसले बुलंद हो रहे हैं। वहीं सूत्रों की मानें तो खनन माफियाओं को स्थानीय प्रशासन का खुला संरक्षण है तथा कभी प्रशासन छापेमारी, चैकिंग करना भी चाहे तो इसकी सूचना तत्काल माफियाओं तक पहुंचा दी जाती है। फिर भी धंधे मेें लिप्त लोग कोई रिस्क नहीं लेना चाहते और गुर्गो द्वारा रेकी के बाद ही कारोबार को अंजाम दिया जाता है। उधर तहसीलदार दुर्गेश कुमार का कहना है कि क्षेत्र में खनन होने का मामला जानकारी में नहीं है। गहनता से जांच कराकर कार्रवाई की जायेगी।
रात व दिन चल रहा है खनन का कारोबार, पड़ोस के जिले में पहुंचाया जा रहा है बालू






