बीपीई समूह ने वित्त वर्ष 2028 तक 700 करोड़ रुपये के राजस्व का रोडमैप किया प्रस्तुत,’मेक इन इंडिया’ अभियान में आएगी तेजी

BPE Group presents roadmap for revenue of INR 700 crore by FY 2028, accelerating 'Make in India' campaign

उत्तर प्रदेश सरकार के आईटी एवं इलेक्ट्रॉनिक्स मंत्रालय के कैबिनेट मंत्री सुनील कुमार शर्मा ने बीपीई की 26वीं वर्षगांठ समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में की शिरकत

-ग्रेटर नोएडा में बीपीई की नई 4,000 वर्ग फुट विनिर्माण इकाई का शुभारंभ,कुल उत्पादन क्षमता बढ़कर 1,50,000 वर्ग फुट हुई।

-महत्वपूर्ण अवसंरचना (क्रिटिकल इंफ्रास्ट्रक्चर) के लिए स्मार्ट पावर समाधानों के साथ एशिया, मध्य पूर्व और अफ्रीका में वैश्विक उपस्थिति को सुदृढ़ एवं विस्तारित करने पर कंपनी का फोकस।

-‘मेक इन इंडिया’ अभियान की गति और तेजी से बढ़ते वैश्विक बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम (BESS) बाजार में मजबूत रणनीति के दम पर निर्यात कारोबार को लेकर कंपनी आशावादी।

ग्रेटर नोएडा,24 जुलाई। स्मार्ट पावर एवं ऊर्जा समाधान क्षेत्र की अग्रणी कंपनी बेस्ट पावर इक्विपमेंट्स (इंडिया) प्राइवेट लिमिटेड (बीपीई) ने अपनी 26वीं वर्षगांठ के अवसर पर कंपनी साइट पर विधिवत हवन पूजन किया गया, जिसमें परिवार के लोग शामिल हुए। कंपनी ने   वित्त वर्ष 2028 तक समूह का राजस्व 700 करोड़ रुपये तक पहुंचाने का रोडमैप प्रस्तुत किया। इस अवसर पर उत्तर प्रदेश सरकार के आईटी एवं इलेक्ट्रॉनिक्स मंत्रालय के कैबिनेट मंत्री सुनील कुमार शर्मा मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे और उन्होंने वर्चुअल माध्यम से ग्रेटर नोएडा स्थित बीपीई की नई 4,000 वर्ग फुट विनिर्माण इकाई का शुभारंभ किया। इसके साथ ही कंपनी की छह विनिर्माण इकाइयों में कुल उत्पादन क्षमता बढ़कर लगभग 1,50,000 वर्ग फुट हो गई है। समूह ने वित्त वर्ष 2026 का समापन 400 करोड़ रुपये के राजस्व के साथ किया। मंत्री ने ‘मेक इन इंडिया’ अभियान के तहत नई विनिर्माण इकाई की शुरुआत के लिए बीपीई प्रबंधन को बधाई देते हुए कहा कि यह भारत को वैश्विक विनिर्माण केंद्र के रूप में और अधिक सशक्त बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।

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कंपनी घरेलू और अंतरराष्ट्रीय दोनों बाजारों में अपने विस्तार के साथ तेज़ गति से विकास कर रही है, जो उसके मजबूत व्यावसायिक आधार को दर्शाता है। विकास के अगले चरण में बीपीई का प्रमुख फोकस निर्यात-आधारित विस्तार, उन्नत विनिर्माण और स्वच्छ ऊर्जा समाधानों—विशेषकर लिथियम-आयन प्रौद्योगिकी तथा बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम (BESS) पर रहेगा। डेटा सेंटर, औद्योगिक प्रतिष्ठान, दूरसंचार कंपनियां तथा विभिन्न अवसंरचना परियोजनाओं से बढ़ती मांग के कारण डीजल आधारित बैकअप पावर की जगह बैटरी आधारित समाधान तेजी से अपनाए जा रहे हैं। वैश्विक और घरेलू स्तर पर स्मार्ट पावर समाधानों की बढ़ती मांग को देखते हुए बीपीई स्वयं को इन क्षेत्रों का एक रणनीतिक साझेदार बनाने की दिशा में कार्य कर रही है।

कंपनी की विकास यात्रा पर अपने विचार साझा करते हुए बीपीई के संस्थापक एवं समूह प्रबंध निदेशक अमितांसु सतपथी ने कहा कि “बीपीई के लिए यह केवल राजस्व का लक्ष्य नहीं है, बल्कि एक स्व-वित्तपोषित भारतीय इंजीनियरिंग कंपनी के रूप में हमारी क्षमताओं और विकास का प्रतिबिंब है। विश्वभर में विश्वसनीय पावर और ऊर्जा भंडारण समाधानों की बढ़ती मांग को देखते हुए हमारी प्राथमिकता अपनी विनिर्माण क्षमता को और मजबूत करना, अंतरराष्ट्रीय साझेदारियों का विस्तार करना तथा महत्वपूर्ण अवसंरचना के लिए स्मार्ट पावर समाधानों में भारत निर्मित उत्पादों की वैश्विक भूमिका को और सशक्त बनाना है।

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बीपीई का निर्यात कारोबार लगातार मजबूत हो रहा है, जिसे वैश्विक साझेदारों के साथ हुए विभिन्न समझौतों का समर्थन प्राप्त है। कंपनी की प्रत्यक्ष उपस्थिति सिंगापुर, इंडोनेशिया, संयुक्त अरब अमीरात (यूएई), मलेशिया और केन्या में है। इसके अलावा दुबई में नए कार्यालय की स्थापना, यूनाइटेड किंगडम में साझेदारियां, इंडोनेशिया में विनिर्माण सहयोग तथा रूस, रोमानिया और सीआईएस देशों में प्रस्तावित विस्तार के माध्यम से कंपनी उभरते वैश्विक बाजारों में अपने निर्यात-आधारित कारोबार को और मजबूत कर रही है। बीपीई वर्तमान में 25 से अधिक देशों में ग्राहकों को सेवाएं प्रदान कर रही है। कंपनी में 500 से अधिक इंजीनियर कार्यरत हैं तथा उसके समाधान विश्वभर में 50 लाख से अधिक इंस्टॉलेशन में उपयोग किए जा रहे हैं। वैश्विक स्तर पर ब्लूमबर्ग एनईएफ (BloombergNEF) की एनर्जी स्टोरेज मार्केट आउटलुक (प्रथम छमाही 2026) रिपोर्ट के अनुसार वर्ष 2026 में वार्षिक ऊर्जा भंडारण क्षमता की तैनाती 158 गीगावाट / 459 गीगावाट-घंटे तक पहुंचने का अनुमान है, जबकि वर्ष 2036 तक इसकी संचयी क्षमता 2.9 टेरावाट / 10.5 टेरावाट-घंटे तक पहुंच सकती है। यह विश्वभर में बैटरी आधारित ऊर्जा भंडारण समाधानों की ओर तेजी से बढ़ते रुझान को दर्शाता है।

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