ग्रेटर नोएडा। ब्राहमण सभा उत्तर प्रदेश, ग्रेटर नोएडा के तत्वावधान में यूजीसी विनिमयम-26 को सरकार द्वारा वपस लेने का राष्ट्रपति एवं प्रधानमंत्री के नाम का एक ज्ञापन जिलाधिकारी को दिया। सभा के अध्यक्ष सुरेश चन्द्र पचौरी ने बताया कि यह अधिनियम लागू होने से यह सामान्य वर्ग के उत्पीड़न का सशक्त हथियार बन जायेगा। जो बिल्कुल न्यायोचित नहीं होगा। यह एक पक्षीय निर्णय है जो समाज में असमानता और भेदभाव को बढ़ावा देगा। ज्ञापन के माध्यम से सवर्ण समाज की यह मांग है कि इस एक पक्षीय, पक्षपातपूर्ण अधिनियम को पुन: परीक्षण हेतु वापस लिया जाए, क्योंकि उक्त अधिनियम लागू करने से हमारे देश की सनातन परंपरा को छिन्न-भिन्न करने व आपसी सौहार्द को समाप्त करने तथा सवर्णों के विरुद्ध दलित व पिछड़ों को खड़ा कने से देश के सामाजिक ताने-बाने को आघात पहुंचना अवश्यंभावी है।
भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के प्रयास में लगे हुए व भारत को विश्व गुरु बनते देखने की कल्पना को साकार होने में धक्का लगना निश्चित है। उक्त नियमों के प्रभावी बने रहने से सामान्य वर्ग के बच्चों की शैक्षिक प्रगति में बाधा डालने के प्रयास होंगे, जिससे सामान्य वर्गों की आने वाली पीढ़ी जो कि बिना किसी आरक्षण की वैशाखी के आगे बढ़ रहे हैं। ताकि हमारी सनातन परम्परा को कोई आघात न पहुंचे। भारत को एक विकसित राष्ट्र बनाने में इसका वापस लिया जाना न्यायोचित होगा। इस अवसर पर ब्राह्मण सभा के सभा के संयोजक जी.पी.गोस्वामी, धन प्रकाश शर्मा, कुलदीप शर्मा, वेद प्रकाश शर्मा, देवी शरण शर्मा, अशोक शर्मा, रिषीकेश त्रिपाठी, डा.एस.एन.शैली, अखिलेश पाठक, यतेन्द्र शर्मा, वेद कुमारी, रवींद्र शर्मा, प्रदीप उपाथ्थाय, कपिल शर्मा,ललित शर्मा, ममता तिवारी,गौरव उपाध्याय, प्रियंका उपाध्याय उपस्थित रहे।






