जी .डी .गोयंका पब्लिक स्कूल में वार्षिक खेल उत्सव में बच्चों ने अपनी प्रतिभा का किया प्रदर्शन

Children showcased their talent at the annual sports festival at G.D. Goenka Public School.

ग्रेटर नोएडा। जी. डी. गोयंका पब्लिक स्कूल, स्वर्ण नगरी में विद्यालय का वार्षिक खेल दिवस आयोजित किया गया। इस वर्ष खेल दिवस को “चैंपियन चैलेंज 2026” नाम दिया गया, जिसका उद्देश्य विद्यार्थियों में आत्मविश्वास, अनुशासन, नेतृत्व क्षमता तथा खेल भावना का विकास करना था। इस अवसर पर कार्यक्रम की शोभा बढ़ाने हेतु गौतम बुद्ध विवि के डीन डॉ. अर्पित भारद्वाज मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। उन्होंने अपने उद्बोधन में इस खेल महोत्सव में बच्चों को प्रोत्साहित किया। इसके पश्चात विद्यालय की प्रधानाचार्या डॉ. रेनू सहगल ने स्वागत संबोधन में मुख्य अतिथि एवं समस्त अतिथियों का हार्दिक अभिनंदन करते हुए कहा कि खेल विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास का एक अभिन्न अंग हैं। उन्होंने इस अवसर पर विद्यार्थियों को अनुशासन, समर्पण एवं खेल भावना के साथ आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।

Children showcased their talent at the annual sports festival at G.D. Goenka Public School.

कार्यक्रम का शुभारंभ विद्यार्थियों द्वारा प्रस्तुत रंगारंग नृत्य कार्यक्रम से हुआ, जिसने समस्त उपस्थित अतिथियों, अभिभावकों एवं दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। इसके उपरांत कक्षा तीसरी से नौवीं तक के विद्यार्थियों ने अत्यंत उत्साह एवं खेल भावना के साथ विभिन्न खेल प्रतियोगिताओं में सहभागिता की। वार्षिक खेल दिवस के अंतर्गत बास्केटबॉल, वॉलीबॉल, क्रिकेट, टेबल टेनिस, फुटबॉल, लॉन टेनिस, लॉन्ग जंप, हाई जंप तथा कैरम जैसी अनेक प्रतियोगिताओं का सफल आयोजन किया गया। विद्यार्थियों ने अपनी शारीरिक क्षमता, टीम भावना एवं प्रतिस्पर्धात्मक कौशल का उत्कृष्ट प्रदर्शन कर सभी को प्रभावित किया। कार्यक्रम का एक विशेष एवं आकर्षक क्षण अभिभावकों के लिए आयोजित रेस रही, जिसने वातावरण को उल्लास और आनंद से भर दिया। कार्यक्रम के अंत में पुरस्कार वितरण समारोह आयोजित किया गया, जिसमें विभिन्न खेल प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को सम्मानित किया गया।मुख्य अतिथि डॉ. अर्पित भारद्वाज ने अपने प्रेरणादायक संबोधन में खेलों के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि खेल न केवल शारीरिक विकास को सुदृढ़ करता है, बल्कि विद्यार्थियों में अनुशासन, नेतृत्व क्षमता, आत्मविश्वास एवं सकारात्मक दृष्टिकोण का भी विकास करता है।उन्होंने विद्यालय प्रबंधन, प्रधानाचार्या, शिक्षकों एवं विद्यार्थियों के प्रयासों की भूरी-भूरी प्रशंसा की।

Spread the love
RELATED ARTICLES