ग्रेटर नोएडा । गुरुकुल फाउंडेशन ने शिक्षा एवं भोजन सेवा कार्यक्रम का भव्य आयोजन साईं अक्षरधाम मंदिर विद्यापीठ विद्यालय, डेल्टा-3, ग्रेटर नोएडा में किया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य समाज के गरीब एवं वंचित वर्ग के बच्चों को शिक्षा के प्रति प्रेरित करना तथा उनकी मूलभूत आवश्यकताओं को पूरा करना रहा। साईं अक्षरधाम पाठशाला लक्ष्मी सूर्यकला प्रधानाचार्या के नेतृत्व में चल रहा है। कार्यक्रम के अंतर्गत 150 से अधिक जरूरतमंद एवं निर्धन विद्यार्थियों को स्टेशनरी किट एवं पैक्ड भोजन वितरित किया गया। बच्चों के चेहरों पर खुशी और उत्साह देखने लायक था। आयोजन में गुरुकुल फाउंडेशन के ट्रस्टी एवं अध्यक्ष डॉ. गौरव तिवारी ने अपने संबोधन में कहा कि “आज के समय में विद्यार्थी निरंतर प्रबुद्ध सोच के साथ आगे बढ़ रहे हैं और तकनीकी रूप से भी मजबूत हो रहे हैं। हमारा उद्देश्य है कि कोई भी बच्चा संसाधनों के अभाव में शिक्षा से वंचित न रहे।” वहीं सह संस्थापक डॉ. प्रो. मोहिनी तिवारी ने वैदिक एवं पारंपरिक शिक्षा के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि “वैदिक ज्ञान आज भी आधुनिक जीवन में उतना ही प्रासंगिक है जितना प्राचीन काल में था। जब परंपरा और आधुनिकता का समन्वय होता है, तभी सशक्त समाज का निर्माण संभव होता है।”

इस अवसर पर डॉ गौरव तिवारी द्वारा विद्यालय की कर्मठ संस्थापक एवं शिक्षिका लक्ष्मी सूर्यकला को अयोध्या श्रीराम जी की प्रतिमा एवं अंगवस्त्र भेंट कर सम्मानित किया। कार्यक्रम में विनोद कुमार तिवारी एडवोकेट, डॉ भूपेंद्र कुमार, वैभव कुमार एडवोकेट, प्रिया पाठक, रागिनी सिंह सहित अनेक गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

गुरुकुल फाउंडेशन द्वारा आयोजित यह कार्यक्रम सामाजिक सेवा, शिक्षा जागरूकता और मानवता की मिसाल बनकर सामने आया। गुरुकुल फाउंडेशन द्वारा वर्तमान में अयोध्या जी एवं वृन्दावन में निःसहाय साधु संतो एवं विधवा माताओं हेतु अन्नदान कम्बल वितरण एवं राशन किट वितरण सेवा निरंतर चल रही है । वृन्दवान, हरिद्वार, प्रयागराज, अयोध्या जी, गौतमबुद्धनगर की गौशालाओं में गौ सेवा के साथ वृन्दावन, मथुरा, जैतपुर गौतमबुद्धनगर, ग्वालपहाड़ी दिल्ली में वानर भोजन सेवा की जा रही है। गुरुकुल द्वारा विशेष “श्री खाटू श्याम निर्धन एवं दिव्यांग” सेवा भी नए साल पर शुरू की गयी है जिसका प्रमुख लक्ष्य समाज के अति गरीब, बीमार एवं निर्धन दिव्यांगजानों की सेवा करना है । आयोजकों ने इस अवसर पर संकल्प व्यक्त किया कि भविष्य में भी ऐसे सेवा अभियानों को और व्यापक स्तर पर निरंतर जारी रखा जाएगा, ताकि समाज के अंतिम पंक्ति में खड़े जरूरतमंद बच्चों तक गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, पोषण एवं आवश्यक संसाधन पहुँचाए जा सकें और उन्हें आत्मनिर्भर व सशक्त नागरिक के रूप में विकसित किया जा सके।






