ग्रेटर नोएडा,14 अक्टूबर। प्रधानमंत्री उज्जवला योजना व मातृ वंदन योजना में सुधार की मांग को लेकर सामाजिक कार्यकर्ता हरेन्दर शर्मा ने प्रधानमंत्री से गुहार लगायी है। ग्रेटर नोएडा प्रेस क्लब में प्रेस वार्ता करते हुए हरेन्दर शर्मा ने कहा कि देश के हजारों-हजार, लाखों-लाख गरीब, जरूरत मंद एकल पुरुष नागरिक प्रधानमंत्री उज्जवला योजना के लाभ से – पर्ण रूप से वंचित है, अत: जिस प्रकार गरीब, जरूरतमंद परिवार महिला को उज्जवला- योजना का पात्र मानते हुए भोजन बनाने के लिए धुंआ मुक्त निःशुल्क कनेक्शन दिया जा रहा है, उसी प्रकार संविधान की समता व समानता की नीति, जीने के अधिकार, और भोजन के अधिकार के तहत देश के सभी गरीब, जरूरतमंद एकल पुरुष नागरिक को भी उज्जवला योजना का पात्र घोषित करके, भोजन बनाने के लिए स्वच्छ बेवन, धुंआ मुक्त रसोई उपलब्ध कराने हेतु निशुल्क गैस कनेक्शन, चूल्हा, सिलेंडर दिये जाय।
इस मांग को लेकर प्रधानमंत्री कार्यालय से पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय के सचिव को भेजा गया, लेकिन अभी तक कोई कार्रवाई नही हुई है। दूसरा- प्रधानमंत्री मातृ वंदन योजना के तहत गर्भवती महिलाओं, स्तनपान कराने वाली माताओं और उनके बच्चे को कुपोषण से बचाने के लिए भारत सरकार तीन चरणों में 6000 रुपये की आर्थिक मदद केवल एक बार प्रदान करती है, लेकिन अभी हाल ही में भारत सरकार द्वारा बालिका शिशु प्रोत्साहन हेतु दूसरी संतान बालिका शिशु के जन्म पर इस योजना का दोबारा लाभ लिया जा सकेगा। यह नया नियम एक अप्रैल 22 से लागू कर दिया गया है। लेकिन मैंने मांग की है, दूसरी संतान बालका शिशु होने पर भी जननी और बालक शिशु को कुपोषण से बचाव के लिए इन्हें भी नये नियम में शामिल करके 6000 रु० की आर्थिक मदद दी जाय, क्योंकि बालक शिशु को भी कुपोषण से बचाव की उतनी ही जरूरत है, जितनी बालिका शिशु को, इसलिए भारत सरकार को निर्देषित दूसरी संतान बालक शिशु के साथ सामाजिक अन्याय, भेदभाव व असमानता नहीं करनी चाहिए। अग्निवीर भर्ती योजना, उज्जवला योजना, मातृ वंदन योजना मे सुधार की मांग पर मोदी सरकार से करवाई करवाने के लिए अब मुझे सुप्रीम कोर्ट जाना है। मैं अपने जनपद गौतमबुद्ध नगर के सभी समाज सेवियों, सामाजिक कार्यकताओं से भी अपील करता हूँ, सामाजिक न्याय के लिए सुप्रीम कोर्ट जाने मे मुझे अपना सहयोग प्रदान करें।






