ग्रेटर नोएडा। आर्मी इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट एंड टेक्नोलॉजी, ग्रेटर नोएडा ने एचआर कॉन्क्लेव का आयोजन किया, जिसका विषय था “पीपल-फ़र्स्ट ट्रांसफ़ॉर्मेशन: आर्किटेक्टिंग द फ़्यूचर ऑफ़ वर्क”। इस कॉन्क्लेव में देशभर के विभिन्न प्रोफ़ेशनल एचआर ने भाग लिया और भविष्य के नेचर ऑफ वर्क पर अपने विचार साझा किए। कार्यक्रम की शुरुआत श्लोक पाठ और दीप प्रज्वलन के साथ हुई, जिसके बाद एआईएमटी के डायरेक्टर मेजर जनरल (डॉ.) राजेंद्र बाना (सेवानिवृत्त) ने सभी गणमान्य अतिथियों का स्वागत किया। इंट्रोडक्टरी स्टेटमेंट में मेजर जनरल नवराज ढिल्लों, वीएसएम, चीफ़ ऑफ़ स्टाफ़ दिल्ली क्षेत्र एवं चेयरमैन, एआईएमटी ने कहा कि प्रौद्योगिकी की प्रगति अवश्यंभावी है और हमें इसके साथ कदम मिलाकर चलना होगा। राकेश शर्मा, डीजीएम, नेशनल स्किल डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन ने कहा कि काम का भविष्य उन्हीं लोगों का है जो सीखने और बदलते समय के साथ आगे बढ़ने के लिए तैयार हैं। हमें तकनीक के साथ-साथ मानवीय मूल्यों को भी केंद्र में रखना होगा। गीतु चक्रवर्ती, वीपी-रिक्रूटमेंट, टेलीपरफॉरमेंस ने कहा कि आज के हाइब्रिड वर्किंग एनवायरनमेंट में, जहाँ लोग रिक्रूटमेंट ऑफ़िस और घर दोनों से काम करते हैं, एम्प्लॉई वेलफेयर एंड पॉज़िटिव वर्क कल्चर को बनाए रखना अत्यंत आवश्यक है।
कृष्णा कुमार, एजीएम, एचआर-एलएसी, मारुति सुजुकी इंडिया लिमिटेड ने कहा कि आज की दुनिया तेज़ी से बदल रही है-यह बीएएनआई दुनिया है। नई तकनीक अपनाकर और बदलाव को अवसर मानकर ही हम आगे बढ़ सकते हैं-यही सच्ची प्रगति है। पंकज सिंह, डीजीएम टैलेंट मैनेजमेंट, जेके सीमेंट ने कहा कि इंक्लूसिव इनोवेशन का अर्थ है ऐसा नवाचार जो सभी को साथ लेकर चले। जब हर व्यक्ति को सीखने, बढ़ने और योगदान देने का अवसर मिलता है, तभी एक मजबूत और सक्षम कार्यबल तैयार होता है। कार्यक्रम के अंत में डॉ. अनुभव वर्मा, अकादमिक हेड, एआईएमटी ने सभी अतिथियों, वक्ताओं और प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया तथा ऑर्गेनाइज़र टीम की सराहना की।






