सांस्कृतिक उत्सव में बच्चों ने गंगा अवतरण पर आधारित भव्य नाट्य प्रस्तुति से किया मुग्ध

In the cultural festival, children were mesmerized by a grand theatrical presentation based on the descent of the Ganga.

ग्रेटर नोएडा। राम-ईश इंटरनेशनल स्कूल में दो दिवसीय विद्यालय के वार्षिक सांस्कृतिक उत्सव के अंतर्गत गंगा अवतरण पर आधारित एक भव्य नाट्य प्रस्तुति का आयोजन किया गया, जिसे देखने के लिए विद्यालय का सभागार, छात्रों, अभिभावकों एवं शिक्षकों से पूर्णतः भरा रहा। संपूर्ण वातावरण श्रद्धा, उत्साह एवं सांस्कृतिक गरिमा से ओत-प्रोत दिखाई दिया। नाट्य प्रस्तुति का शुभारंभ राजा भगीरथ की कठोर तपस्या के मार्मिक दृश्य से हुआ। कलाकारों ने अपनी सशक्त भाव-भंगिमाओं, प्रभावशाली संवादों एवं सजीव मंच-सज्जा के माध्यम से तपस्या की कठिनता को दर्शकों के समक्ष अत्यंत प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया। इसके पश्चात ब्रह्मा जी द्वारा गंगा को पृथ्वी पर भेजने का वरदान तथा भगवान शिव द्वारा गंगा के प्रचंड वेग को अपनी जटाओं में धारण करने का दृश्य दर्शकों के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र रहा।

In the cultural festival, children were mesmerized by a grand theatrical presentation based on the descent of the Ganga.

प्रकाश एवं ध्वनि प्रभावों ने नाटक को और भी सजीव एवं यथार्थपरक बना दिया। नाटक का चरम बिंदु गंगा के पृथ्वी पर अवतरण का दृश्य रहा, जिसमें विद्यार्थियों ने न केवल उत्कृष्ट अभिनय कौशल का प्रदर्शन किया, बल्कि गंगा की पवित्रता, जल के महत्व एवं पर्यावरण संरक्षण का गहन और सार्थक संदेश भी दिया। संगीत, वेश-भूषा एवं मंच-सज्जा विषयानुकूल एवं अत्यंत प्रभावशाली रही, जिसने प्रस्तुति की गरिमा को और अधिक बढ़ा दिया।

In the cultural festival, children were mesmerized by a grand theatrical presentation based on the descent of the Ganga.

कार्यक्रम के उपरांत विद्यालय के चेयरमैन रमेशचंद्र शर्मा ने विद्यार्थियों की मुक्त कंठ से प्रशंसा करते हुए कहा कि ऐसे नाट्य मंचन छात्रों के सर्वांगीण विकास में सहायक होते हैं तथा उन्हें भारतीय संस्कृति, परंपराओं एवं नैतिक मूल्यों से जोड़ने का कार्य करते हैं। उन्होंने शिक्षकों के मार्गदर्शन एवं विद्यार्थियों के परिश्रम की भी सराहना की। विद्यालय की प्रबंध निदेशिका प्रतिभा शर्मा ने अपने उद्बोधन में कहा कि सांस्कृतिक कार्यक्रम विद्यार्थियों की सृजनात्मकता को निखारने के साथ-साथ उनमें सामाजिक और पर्यावरणीय चेतना का विकास करते हैं। उन्होंने नाटक के माध्यम से दिए गए जल संरक्षण के संदेश को आज के समय में अत्यंत प्रासंगिक बताया। कार्यक्रम के अंत में दर्शकों ने कलाकारों को जोरदार तालियों से सम्मानित किया। कुल मिलाकर गंगा अवतरण पर आधारित यह नाट्य प्रस्तुति अत्यंत सफल, शिक्षाप्रद एवं स्मरणीय रही, जिसने पौराणिक कथा को जीवंत रूप में प्रस्तुत करते हुए सभी दर्शकों के मन में गहरी छाप छोड़ी।

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