“मोदी जी, योगी जी…प्लीज हमारी सड़क बनवा दीजिए!” बच्चों ने की भावुक अपील

"Modi ji, Yogi ji... please get our road built!" the children made an emotional appeal.

-सड़क नहीं तो वोट नहीं! घुटने भर पानी और कीचड़ में उतरकर निवासियों ने दर्ज कराया विरोध

-मार्च के दौरान पानी से भरे गड्ढे में गिरे सुप्रीम कोर्ट के वकील

ग्रेटर नोएडा,01 नवम्बर। किंग्सन ग्रीन विला, ग्रीन रेजिडेंसी, आलयम विला, जीआर गार्डन, नॉवेल वैली और चिपियाना बुजुर्ग, ग्रेटर नोएडा वेस्ट (सेक्टर 16बी) स्थित  के 5000 से अधिक परिवारों का सब्र का बांध आज टूट गया। जर्जर सड़क और जलभराव की समस्या से त्रस्त लगभग 500 निवासियों ने रविवार सुबह एकजुट होकर एक विशाल शांतिपूर्ण विरोध मार्च निकाला। हाथों में बैनर और पोस्टर लिए निवासियों ने ग्रीन रेजिडेंसी (शशि किराना स्टोर) से ‘बिहारी मार्केट’ तक लगभग 500 मीटर के रास्ते में घुटने भर पानी और कीचड़ के बीच से पैदल मार्च किया और बिल्डर व स्थानीय प्रशासन के खिलाफ  नारेबाजी की। प्रदर्शन के दौरान सड़क की बदहाली का भयानक मंजर तब सामने आया जब किंग्सन ग्रीन विला आरडब्ल्यूए के अध्यक्ष एवं सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता अतहर आलम  पानी से भरी जर्जर सड़क पर चलते समय अचानक संतुलन खोकर गड्ढे में गिर पड़े। अपना रोष व्यक्त करते हुए अतहर आलम ने कहा कि “यह बेहद शर्मनाक और अफसोसजनक है कि महज 1 से 1.5 किलोमीटर लंबी सड़क को बिल्डर और स्थानीय प्रतिनिधि मिलकर आज तक नहीं बनवा पाए हैं। 5000 से ज्यादा परिवारों को रोज़ नारकीय जीवन जीने के लिए मजबूर किया जा रहा है। इस विरोध प्रदर्शन में महिलाओं, बुजुर्गों और स्कूली बच्चों की अभूतपूर्व भागीदारी देखने को मिली। इस बदहाल सड़क से सबसे ज्यादा प्रभावित स्कूली बच्चों ने अग्रिम पंक्ति में खड़े होकर बड़े बैनर के साथ मार्च का नेतृत्व किया। मासूम बच्चों ने हाथ जोड़कर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से गुहार लगाते हुए कहा कि “मोदी जी, योगी जी… प्लीज हमारी सड़क बनवा दीजिए!”

प्रदर्शन के दौरान स्थानीय निवासियों का गुस्सा और दर्द साफ छलक पड़ा

एक महिला निवासी अपनी आपबीती बताते हुए भावुक हो गईं। उन्होंने कहा, “रोज सुबह बच्चे को स्कूल छोड़ना एक भयानक जंग जैसा है। एक बार गड्ढे और कीचड़ की वजह से मेरी स्कूटी फिसल गई और मैं अपने बच्चे के साथ गिरते-गिरते बची। हम लोगों ने करोड़ों रुपये खर्च करके विला  खरीदे हैं, लेकिन सड़क की इतनी बदतर हालत है कि हम किसी रिश्तेदार या मेहमान को घर बुलाने में भी शर्मिंदगी महसूस करते हैं। बुजुर्गों ने बताया कि जलभराव के कारण उनका सुबह-शाम टहलना बंद हो चुका है। निवासियों ने डर जताया कि किसी मेडिकल इमरजेंसी की स्थिति में एम्बुलेंस या फायर ब्रिगेड का पहुँच पाना भी नामुमकिन है।

 

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