ग्रेटर नोएडा। कृत्रिम बौद्धिकता से परिवर्तित होते हुए परिदृश्य में “सस्टेनेबल कंप्यूटिंग तथा एकीकृत संचार व्यवस्था और भविष्य की आपार संभावनाओं के विषय” पर आई ट्रिपल ई उत्तर प्रदेश चैप्टर द्वारा प्रायोजित दो दिवसीय सम्मलेन का शुभारम्भ शुक्रवार ग्रेटर नोएडा के आईआईटी रूडकी कैंपस में हुआ। सम्मलेन हेतु देश विदेश के शोधार्थियों, छात्रों, प्राध्यापकों के लगभग 250 शोध पेपर्स का चयन हुआ है तथा कुल 1500 शोध पेपर्स प्रेषित किये गए। चयनित लगभग 250 शोधार्थी अपने कार्य को सम्मलेन में प्रस्तुत कर रहे है। सम्मलेन का उद्घाटन अनुराग गोयल,(कॉर्पोरेट मामलों के मंत्रालय के भूतपूर्व सचिव), जयंत कृष्णा (पूर्व सीईओ, प्रधानमंत्री स्किल इंडिया मिशन तथा सीओओ राष्ट्रीय कौशल विकास निगम), डॉक्टर सतीश कुमार सिंह (डीन ट्रिपल आई टी प्रयागराज) ने किया।

इस दो दिवसीय सम्मलेन तथा कार्यशाला में आई टी सेक्टर तथा उद्योग जगत के विद्वान् भी अपने विचार रख रहे है। सम्मेलन में अनुज तिवारी (माइक्रोसॉफ्ट), अमन कौशिक (फुलक्रुम पुश), वरुण शर्मा (इनफ़ोसिस), सरोज पटनायक (पी डब्लू सी), तरुण गुप्ता (एल एन्ड टी माइंडट्री) , कार्तिकेय रमन (ग्रांट थॉर्नटन), नितिन चतुर्वेदी (डाटा फ्लो), रजनी सिंह (एक्सेंचर), डॉक्टर स्वेता सिन्हा, (कैंपस कैटेलिस्ट कंसल्टिंग) अभिषेक सिन्हा, डॉक्टर विकास द्विवेदी तथा कई अन्य दिग्गज भी इस विषय पर अपने विचार रख रहे है। कार्यक्रम में मंगलमय इंस्टिट्यूट ऑफ़ टेक्नोलॉजी के चेयरमैन डॉक्टर अतुल मंगल, लॉयड इंस्टिट्यूट के सीनियर डायरेक्टर डॉक्टर राजीव अग्रवाल तथा कई अन्य गणमान्य व्यक्ति भी उपस्थित रहे। सम्मलेन के संयोजक डॉक्टर ए.पी. श्रीवास्तव तथा पीयूष शंकर गर्ग ने बताया कि आई ट्रिपलई द्वारा प्रायोजित यह कांफ्रेंस शैक्षिक शोधार्थियों तथा इंडस्ट्री प्रतिनिधियों के विचार संगम का एक महत्वपूर्ण प्लेटफार्म है जिसमे भविष्य की आवश्यकतों को समझने और साथ कार्य करने के महत्वपूर्ण अवसर है जिससे शैक्षिक रिसर्च के व्यवसायिक और ज्यादा उपयोग की अपार संभावनाएं है।






