वाग्देवी का आशीर्वाद लेकर बटुकों ने वसंत पंचमी के अवसर पर गुरुकुल में मनाया गया वार्षिकोत्सव

Taking blessings of Goddess Vagdevi, the students celebrated the annual festival in Gurukul on the occasion of Vasant Panchami.

ग्रेटर नोएडा। महर्षि पाणिनि वेद-वेदांग विद्यापीठ गुरुकुल सेक्टर ईटा-1 ग्रेटर नोएडा में गुरुकुल का स्थापना दिवस, वसंत पंचमी महोत्सव के रूप में मनाया गया। इस अवसर पर गुरुकुल प्रांगण में प्रातःकाल देव पूजन कर नए छात्रों का वैदिक परंपरा के साथ यज्ञोपवीत संस्कार, संत प्रवचन एवं भंडारे का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में गुरुकुल के संस्थापक आचार्य रविकान्त दीक्षित  ने कहा कि सरस्वती जी वाणी की देवी है और वाणी ही हम सब की संसार में सबसे अधिक सहायक होती हैं। पूर्व में संसाधन कम थे लेकिन सरस्वती उपासक होने के कारण सभी शांति तथा सुख के साथ जीवन व्यतीत करते थे। धर्म से विमुख होने के कारण आज मनुष्य सर्व संसाधन उपलब्ध होने के बाद भी शांति विहीन है इसका मुख्य कारण है हमारा धर्म में आस्था न रहना। गुरुकुल के माध्यम से हमें यहां पढ़ने वाले बच्चों से धर्म संबंधी उपदेश यथा योग्य ज्ञान इसके माध्यम से यहां आने वाले महापुरुषों का सहयोग हम सभी के जीवन को निश्चित रूप से ही सफल बनाने में सहायक होगा। मेरा सभी से आग्रह है कि इस गुरुकुल को पूर्ण रूप देने में हम सब तन मन धन से सहयोग देते रहें।

Taking blessings of Goddess Vagdevi, the students celebrated the annual festival in Gurukul on the occasion of Vasant Panchami.

मुख्य अतिथि रूप में पधारे बच्चू सिंह ( एडीएम-भू.रा.)  ने गुरुकुल के संस्थापक  एवं 13 वर्ष  की यात्रा के लिए गुरुकुल परिवार के लिए बहुत-बहुत साधुवाद देते हुए गुरुकुल में यथाशक्ति सहयोग देने का आश्वासन दिया और सभी का आह्वान किया कि संकल्प लेकर कुछ ना कुछ अवश्य गुरुकुल के लिए दें। प्राचीन शिक्षा पद्धति के साथ-साथ हमें आधुनिक शिक्षा में भी अपने विद्यार्थियों को उत्कृष्टतम ज्ञान देने की आवश्यकता है। गुरुकुल हो केवल  सशक्त माध्यम है। विशिष्टतली के रूप में पधारे श्याम शंकर शुक्ला (सलाहकार चुनाव आयोग) ने भी प्राचीन शिक्षा पद्धति के महत्व पर बताया कि हम सभी को गुरुकुलीय शिक्षा केवल पाठ्य पुस्तक व शिक्षा नहीं अपितु जीवन जीने की कला सिखाती है, समाज से उपेक्षित होने के कारण आज धर्म विशेष की भाषा संस्कृत रही है लेकिन ऐसा नहीं है हम सभी को इसके गौरव के लिए सार्थक प्रयास करने चाहिए।

गुरुकुल संचालन समिति के अध्यक्ष वेद प्रकाश शर्मा और गुरुकुल निर्माण समिति के अध्यक्ष रविशंकर शर्मा के साथ अन्य सदस्यों ने भी सभी सदस्यों का आभार व्यक्त जताते हुए कहा कि आगे की यात्रा भी आप सभी के सहयोग के बिना संभव नहीं है।  अतः आप समाज के विभिन्न वर्गों के लोगों के साथ नियमित रूप से संपर्क साधते हुए इस परिवार को और बढ़ाने एवं भारतीय संस्कृति को पल्लवित करने में हमारे सहयोग करते रहें। धन्यवाद ज्ञापन करते हुए गुरुकुल के प्रधानाचार्य श्री प्रेमकान्त शर्मा जी ने कार्यक्रम में पधारे सभी लोगों का धन्यवाद दिया और सभी से आह्वान किया कि जो पौधा हमने लगाया है उसको हम सब मिलकर सीचें तो निश्चित रूप से हम सभी के भागीदारी से ही यह गुरुकुल कुछ समय बाद अपने पूर्ण स्वरूप में होगा इसके लिए हम सभी को एक साथ मिलकर कार्य करना होगा। इस अवसर पर पधारे अन्य सदस्यों ने भी अपने विचार प्रकट किए। अंत में गुरुकुल के बटुकों ने कार्यक्रम प्रस्तुत किए और विशाल भंडारे के साथ कार्यक्रम संपन्न हुआ। इस अवसर पर गुरुकुल के बटुकों के साथ- साथ शहर के गणमान्य सहित अनिल शुक्ला, पी.पी. मिश्रा, कुलदीप शर्मा, प्रवीन, महेश, उमेश परमार, हर्ष चौधरी आदि महानुभाव उपस्थित रहे।

 

 

Spread the love