राम-ईश इंटरनेशनल  स्कूल में  सीबीएसई द्वारा प्रस्तावित दो दिवसीय जिला स्तरीय  विज्ञान प्रदर्शनी आयोजित

Two day district level science exhibition proposed by CBSE organized at Ram-ish International School

ग्रेटर नोएडा। राम -ईश इंटरनेशनल  स्कूल ग्रेटर नोएडा में  सीबीएसई द्वारा प्रस्तावित ‘ खेल-खेल में विज्ञान’ विषय पर आधारित  दो दिवसीय जिला स्तरीय  विज्ञान प्रदर्शनी  आयोजित की गई। इस प्रदर्शनी में विभिन्न क्षेत्रों से  आए  प्रतिभागी  के रूप में 59 स्कूलों द्वारा विज्ञान के विभिन्न विभिन्न मॉडलों को प्रस्तुत किया गया। विद्यार्थियों ने अपनी उत्कृष्ट प्रतिभा का प्रदर्शन  सांस्कृतिक कार्यक्रम से भी किया। विज्ञान प्रदर्शनी में  विद्यार्थियों ने एक तरफ जहां वॉशिंग मशीन विदाउट इलेक्ट्रिसिटी,  रिमोट कंट्रोल बुश कटर, मल्टीपरपज सीड ड्रायर, सोलरटाउनशिप, एंटी काउंट फीट परफॉर्म आर्टिकल्स  इलेक्ट्रिसिटी फ्रॉम हाईवे टू विलेज एंड मशीन टूल्स टू रेन वाटर, एक्सरसाइज एंड टेक्नोलॉजी एण्ड टॉयज का प्रयोग किया, हार्वेस्ट कलेक्शन  ऑटोमेटिक रेट सेंसर क्लॉथ हैंगर जैसे उत्कृष्ट मॉडलों के विभिन्न विद्यालय के बच्चों ने  एक से बढ़कर एक प्रोजेक्ट का स्टॉल लगाकर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। कार्यक्रम का उद्घाटन  मनोज श्रीवास्तव सीबीएसई के डायरेक्टर, विद्यालय के चेयरमैन डॉ. आर.सी. शर्मा,  मैनेजिंग डायरेक्टर प्रतिभा शर्मा तथा प्रधानाचार्य शिखा सिंह ने संयुक्त रूप से दीप जलाकर किया।

Two day district level science exhibition proposed by CBSE organized at Ram-ish International School

इस मौके पर मनोज श्रीवास्तव ने कहा कि बच्चों द्वारा एक से बढ़कर एक माडल बनाया गया है। बाल वैज्ञानिक भविष्य के वैज्ञानिक हैं। बच्चों को निरंतर नई सोच के प्रति प्रेरित करने एवं अवसर प्रदान करने की जरूरत हैं। प्रधानाचार्य  शिखा सिंह  ने  कहा कि वर्तमान समय विज्ञान का समय है। इसके बिना जीवन संभव नहीं है। 59 स्कूलों द्वारा विज्ञान के विभिन्न विभिन्न मॉडलों को प्रस्तुत किया गया।

Two day district level science exhibition proposed by CBSE organized at Ram-ish International School

निर्णायक मंडल समूह प्रोफ़ेसर हुकुम सिंह, तानिया गुप्ता, डॉ. गौरव कुमार, डॉक्टर तेजपाल धेवा, डॉक्टर पिंटू दास, डॉक्टर संजय कुमार ने विद्यार्थियों की प्रतिभा से अभिभूत होकर कहा कि विज्ञान प्रदर्शनी एक अवसर है, जहां छात्र- छात्राओं की क्षमता एवं दक्षता का बेहतर मूल्यांकन होता है। उन्होंने कहा कि विद्यालय में इस तरह के कार्यक्रम के आयोजन का उद्देश्य विद्यार्थियों में ज्ञान विज्ञान के प्रति अभिरूचि पैदा करना एवं अंधविश्वास से मुक्ति दिलाते हुए वैज्ञानिक चेतना का संचार करना है। उन्होंने कहा कि विज्ञान ने हमारी जीवन शैली को आसान बना दिया है। स्कूल में इस तरह के पहल  बच्चों में वैज्ञानिक सोच, उत्साह और अनुसंधान की मानसिकता के दृष्टिकोण  को विकसित करता है। प्रधानाचार्य ने कहा विद्यालय के विकास के लिए हर पहलुओं पर प्रबंधन द्वारा हमेशा ध्यान दिया जाता रहा है, ताकि बच्चों का सर्वागिण विकास हो सके।

 

 

Spread the love
RELATED ARTICLES