ग्रेटर नोएडा। कोरोना संक्रमण के कारण ने आर्थिक रूप से कमजोर वंचित बच्चों की मुश्किल और भी बढ़ गयी है। आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के दो वक्त के भोजन के प्रबंधन के लिए संघर्ष करने के कारण, उनके बच्चे बुनियादी पोषण और स्वास्थ्य सेवाओं से वंचित हैं। हालात को बदतर बनाने के लिए स्कूलों को बंद कर दिया गया है, जिससे शिक्षा ठप हो गई है। स्मार्टफोन, इंटरनेट कनेक्टिविटी और आर्थिक साधन उपलब्ध न होने के कारण इन बच्चों को पढ़ाई छोड़ने के लिए मजबूर होना पड़ा है। इस विकट स्थिति में, ग्रेटर नोएडा स्थित वेदम प्लेस्कूल पिछले दो महीनों से प्रतिदिन मध्याह्न भोजन उपलब्ध कराकर वंचित बच्चों की मदद करने के लिए हर संभव प्रयास कर रहा है। इनमें से अधिकतर बच्चों के माता-पिता निर्माण कार्य में लगे दिहाड़ी मजदूर हैं।

वेदम प्लेस्कूल इन बच्चों को न केवल भोजन उपलब्ध करा रहा है, बल्कि अध्ययन सामग्री और स्टेशनरी की वस्तुओं के साथ उनकी मदद भी कर रहा है। इतना ही नहीं वो इन बच्चों को ओपन स्कूलों में दाखिला दिलाने में मदद कर रहे हैं। इससे पहले, IMT स्नातक अंकित और प्रियंका जैन द्वारा संचालित वेदम प्रीस्कूल ने COVID+ रोगियों को निः शुल्क भोजन उपलब्ध कराया। जब दूसरी लहर अपने चरम पर थी, तब उन्होंने दो महीने की अवधि में 2,000 से अधिक भोजन की थालियां लोगो तक पहुचायी। वेदम प्लेस्कूल की संस्थापक प्रियंका जैन के अनुसार, “संयुक्त राष्ट्र के आंकड़ों के अनुसार, भारतीय बच्चे भयंकर रूप से कुपोषण का सामना कर रहे हैं। महामारी ने स्थिति को और खराब कर दिया है। इससे हर स्तर पर निपटने की जरूरत है। आगे बढ़ते हुए, हम वंचित बच्चों को बुनियादी स्वास्थ्य सेवाएं आसानी से प्राप्त करने में मदद करना चाहते हैं। हम अपनी ओर से कुछ करने की कोशिश कर रहे हैं और अपनी सेवाओं के दायरे का और विस्तार करने के लिए तत्पर हैं। हम बड़ी आबादी तक पहुंचने में हमारी मदद करने के लिए सक्रिय रूप से स्वयंसेवकों की तलाश कर रहे हैं।
वेदम प्ले स्कूल गरीब असहाय बच्चों को दे रहा है भोजन व शिक्षण सामग्री






