सीबीआरई साउथ एशिया को फिल्म सिटी का डीपीआर तैयार करने की मिली जिम्मेदारी,एक हजार एकड़ में बनेगी फिल्म सिटी

एक हजार एकड़ में बनेगी फिल्म सिटी सीबीआरई साउथ एशिया को डीपीआर तैयार करने की मिली जिम्मेदारी

ग्रेटर नोएडा,14 दिसम्बर। यमुना प्राधिकरण क्षेत्र के रबूपुरा व जेवर क्षेत्र में फिल्म सिटी के निर्माण के लिए शुक्रवार को टेक्निकल बिड में चार कंपनियों को चुना गया था. यमुना प्राधिकरण की ओर से एक हजार एकड़ में दुनिया की सबसे बेहतरीन फिल्म सिटी के निर्माण कराने की योजना है. यह मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का ड्रीम प्रोजेक्ट भी है।शुक्रवार को डीपीआर बनाने के लिए एनडीएस आर्ट व‌र्ल्ड प्राइवेट लिमिटेड, सीपी कुकरेजा आर्किटेक्ट्स, सीबीआरई साउथ एशिया प्रिवा व एगिस इंडिया कंसलटिंग इंजीनियर्स प्राइवेट लिमिटेड ने निविदा डाली थीं। इसके अलावा शुक्रवार को कंपनियों ने अपना पीपीटी प्रेजेंटेशन भी दिया था। इस संबंध में यमुना अथॉरिटी के सीईओ डॉक्टर अरुण वीर सिंह ने बताया कि टेंडर प्रक्रिया में शामिल कंपनियों ने प्रेजेंटेशन दे दिया है। सीबीआरई साउथ एशिया कंपनी को डीपीआर तैयार करने की मिली जिम्मेदारी। 60 दिन में प्राधिकरण में डीपीआर शौंपना है।फिल्म सिटी के लिए यमुना एक्सप्रेस वे औद्योगिक विकास प्राधिकरण क्षेत्र के सेक्टर-21 में औद्योगिक भूखंडों के लिए 780 एकड़ और व्यावसायिक भूखंड के लिए 220 एकड़ यानि कुल 1000 एकड़ भूमि उपलब्ध है।
यमुना प्राधिकरण की आज 69 वी बोर्ड बैठक आयोजित की गई। जिसमें कई बड़े प्रस्तावों पर बोर्ड ने मुहर लगाई है। आयोजित बोर्ड बैठक में किसानों के हित में कई बड़े फैसले लिए गए हैं। जिसमें किसानों की जमीन के सापेक्ष मुआवजा दरों में बढ़ोतरी है , जिसको शामिल किया गया है। मुआवजा लेने के लिए किसानों को दो विकल्प भी दिए गए हैं। यमुना प्राधिकरण क्षेत्र में 7 थाने बनाने का प्रस्ताव रखा गया था, जिसमें बोर्ड ने पहले फेज में 5 थाने बनाने पर मंजूरी दी है। वहीं 2 थाने दूसरे फेज में बनाए जाएंगे। किसानों के लिए भी अच्छी खबर है। अब जेवर इंटरनेशनल एयरपोर्ट में हुए भूमि अधिग्रहण की दरों के बराबर सभी किसानों को मुआवजा दिया जाएगा। इसके अलावा विकास प्राधिकरण ने लीजबैक के पुराने मामलों में किसानों को बड़ी राहत दे दी है। नए आवेदन अगले एक महीने के दौरान किए जा सकते हैं। उत्तर प्रदेश के औद्योगिक विकास आयुक्त और यमुना एक्सप्रेस-वे औद्योगिक विकास प्राधिकरण के चेयरमैन आलोक टंडन की अध्यक्षता मे बैठक का आयोजन किया गया है। बोर्ड बैठक में कई महत्वपूर्ण एजेंडों पर विचार हुआ और मंजूरी दी गई है। इनमें सबसे महत्वपूर्ण किसानों की मुआवजा दरों में बढ़ोतरी है।
प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालक अधिकारी डॉ.अरुणवीर सिंह ने बताया कि प्राधिकरण क्षेत्र के 96 गांवों में किसानों को दिया जाने वाला मुआवजा बढ़ा दिया गया है। जेवर इंटरनेशनल एयरपोर्ट के लिए 2300 रुपये प्रति वर्ग मीटर की दर से किसानों की सहमति पर जमीन खरीदी गई है। अब इन गांवों में भी इन्हीं दरों पर जमीन ली जाएगी। किसानों को दो विकल्प दिए गए हैं। पहले विकल्प के तहत 2068 प्रति वर्ग मीटर की दर से मुआवजा और 7% विकसित भूमि का आवासीय भूखंड दिया जाएगा। अगर कोई किसान 7% आवासीय भूखंड नहीं लेना चाहता है तो उसे सीधे 2300 प्रति वर्ग मीटर की दर से मुआवजा दे दिया जाएगा।

Spread the love
RELATED ARTICLES
Most Viewed