ग्रेटर नोएडा,15 सितम्बर। एनआईईटी ग्रेटर नोएडा के कम्प्यूटर साइंस एण्ड इंजीनियरिंग विभाग द्वारा एआईसीटीई से प्रायोजित इंटरनेट ऑफ थिंग्स विषय पर छः दिवसीय अल्पकालिक प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ 14 सितम्बर को मुख्य अतिथि डॉ एम. पी. पुनिया-उपाध्यक्ष-एआईसीटीई, रमन बत्रा-कार्यकारी उपाध्यक्ष-एनआईईटी, प्रवीण सोनेजा-महानिदेशक-एनआईईटी, डॉ. विनोद कापसे-निदेशक एनआईईटी, डॉ. सी.एस. यादव-विभागाध्यक्ष-सीएसई, शिक्षकगण तथा प्रतिभागियों की उपस्थिति में ऑनलाइन माध्यम से किया गया। इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में देश के विभिन्न राज्यों से उद्योग एवं शिक्षण जगत के प्रतिनिधियों तथा शोधार्थियों समेत 50 प्रतिभागी शामिल हुये हैं। इस छः दिवसीय अल्पकालिक प्रशिक्षण कार्यक्रम में देश के नामचीन शिक्षण संस्थानों के प्रोफेसर तथा उद्योग जगत के विशेषज्ञ इंटरनेट ऑफ थिंग्स विषय पर प्रतिभागियों को प्रशिक्षित करेंगे। डॉ. सी. एस. यादव-विभागाध्यक्ष-सीएसई ने अपने उद्बोधन में मुख्य अतिथि, सभी गणमान्य व्यक्तियों तथा प्रतिभागियों का स्वागत किया एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम की विषय वस्तु तथा वक्ताओं एवं विशेषज्ञों के विषय में अवगत कराया। डॉ. विनोद कापसे-निदेशक- एनआईईटी ने कार्यक्रम के सफल आयोजन हेतु शुभकामानाएं दी। प्रवीण सोनेजा-महानिदेशक-एनआईईटी ने कहा कि आज इंटरनेट ऑफ थिंग्स उद्योग जगत में संचालन गतिविधियों तथा व्यवस्था का मुख्य केंद्र बनता जा रहा है तथा इस प्रकार के प्रशिक्षण कार्यक्रमों से हम निश्चित ही भविष्य की आवश्यकतों को पूरा करने की ओर कदम बढ़ा पाएंगे।
रमन बत्रा-कार्यकारी उपाध्यक्ष-एनआईईटी ने कहा कि आज इंटरनेट ऑफ थिंग्स (आईओटी) अर्थव्यवस्थों के विकास में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। बत्रा ने कहा कि हमारे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आत्म निर्भर तथा डिजिटल भारत के सपने को साकार करने में आईओटी एक महत्त्वपूर्ण स्तम्भ के रूप में सहयोग दे रहा है। उन्होने कहा कि आईओटी ने तकनीक के विकास तथा प्रयोग को बहुत बड़े पैमाने पर प्रभावित किया है। उन्होंने इस प्रशिक्षण कार्यक्रम के आयोजन के लिए कम्प्यूटर साइंस एण्ड इंजीनियरिंग विभाग के प्रयासों की सराहना की तथा इस प्रशिक्षण कार्यक्रम को प्रायोजित करने के लिए एआईसीटीई के सहयोग तथा मार्गदर्शन के लिए धन्यवाद दिया।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि डॉ. एम.पी. पुनिया-उपाध्यक्ष-एआईसीटीई ने अपने उद्बोधन में एनआईईटी ग्रेटर नोएडा को उत्तर प्रदेश का पहला निजी ऑटोनामस शिक्षण संस्थान बनने पर शुभकामनाएं दी। डॉ. पुनिया ने प्रशिक्षण कार्यक्रम के संदर्भ में कहा कि इंटरनेट ऑफ थिंग्स आज विश्व में बहुचर्चित अध्ययन एवं शोध का विषय बन गया है। डॉ. पुनिया ने कहा कि इस प्रकार के कार्यक्रमों तथा शिक्षण में ऐसे विषयों को शामिल करके न केवल इंजीनीयरिंग ग्रेजुएट्स के कौशल में वृद्धि की जा सकेगी बल्कि उनकी उद्योगजगत की आवश्यकताओं के अनुसार रोजगार प्राप्त करने की क्षमताओं का भी विकास किया जा सकेगा। उन्होंने इस दिशा में एआईसीटीई द्वारा किया गए प्रयासों की जानकारी दी तथा आगे आने वाले प्रशिक्षण कार्यक्रमों के बारे में बताया। डॉ. पुनिया ने विद्यार्थियों को उद्योगजगत की समस्याओं पर आधारित प्रोजेक्ट्स पर काम करने के लिए प्रेरित करने पर ज़ोर दिया जिससे हमारे ग्रेजुएट्स वैश्विक स्तर की गुणवत्ता के साथ प्रतिस्पर्धा में आगे बने रह सकें। उन्होने नयी शिक्षा नीति के अंतर्गत शिक्षा में इन्नोवेशन पर ज़ोर देते हुये कहा कि एआईसीटीई तकनीकी शिक्षा को गुणवत्तापूर्ण बनाने के लिए शिक्षण जगत के हितधारकों को हर आवश्यक सहायता देने के लिए प्रतिबद्ध है।
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