जीबीयू में नई शिक्षा नीति में नियामक निकायों की भूमिका’ विषय पर  परिचर्चा का आयोजन

ग्रेटर नोएडा। गौतम बुद्ध विश्वविद्यालय के स्कूल ऑफ़ लॉ जस्टिस एंड गवर्नेंस द्वारा ‘नई शिक्षा नीति में नियामक निकायों की भूमिका’ विषय पर २ अगस्त २०२० को एक पैनल परिचर्चा का सफल आयोजन किया गया I इस कार्यक्रम का मुख्य बिंदु रहा – नयी शिक्षा नीति में विनियामक निकायों की भूमिका का पुनर्गठन कैसे किया गया है और यह परिवर्तन शिक्षा प्रणाली में चल रहे मामलों को निम्न से उच्चतर तक किस सीमा तक प्रभावित करेगाी Iकार्यक्रम का शुभारम्भ कार्यक्रम के कन्वीनर तथा स्कूल के असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ.अक्षय कुमार द्वारा वैदिक मंत्र के साथ शुरू किया गया ,साथ ही उन्होनें कार्यक्रम में आमंत्रित सभी विद्वतजनों
का परिचय दिया I आगे स्कूल के डीन प्रो.(डॉ.)एस. के.सिंह ने सभी विद्वान वक्ताओं का हार्दिक स्वागत करते हुए कहा की – नयी शिक्षा नीति बहुत ही उत्कृष्ट और अच्छी प्रणाली है और उन्होने इसके एक महत्वपूर्ण पक्ष को रेखांकित करते हुए कहा की इसके नियामक प्राधिकारी सार्वजनिक वितरण प्रणाली पर काम करेंगे I इसके उपरांत गौतम बुद्ध विश्वविद्यालय के माननीय कुलपति प्रो.भगवती प्रकाश शर्मा ने अपनी बात रखते हुए कहा की – अन्य देशों की तुलना में हमारे देश में उच्च शिक्षा अधिक विनियमित है I आगे उन्होंने इस बात को रेखांकित किया की – नियामक को विश्वविद्यालओं में किस सीमा तक अनुशासनात्मक रूप में कार्य करना चाहिए ताकि लक्ष्यों को प्राप्त किया जा सके I कार्यक्रम के अगले वक्ता के रूप में प्रो. बी.के.कुठियाला, चेयरपर्सन ,हरियाणा स्टेट हायर एजुकेशन कौंसिल द्वारा अपने वक्तव्य में कहा गया की यह शिक्षा नीति नए भारत और नए प्रणाली की शुरुआत है I आगे उन्होनें बताया की इस शिक्षा नीति में सेंट्रल एडविसर्य बोर्ड और सेक्रेटेरिएट होगा I इस सेक्रेटेरिएट के उद्देश्य और कार्य में मेंटरिंग और फेलिसिटटिंग की प्रक्रिया शामिल होगी I कार्यक्रम को आगे बढ़ाते हुए अगले वक्तव्य के रूप में प्रो.डी.एस चौहान, भूतपूर्व कुलपति , ऐ पी जे ऐ के टी यू लखनऊ उपस्थित रहे जिन्होंने कहा की – भय और शोध साथ साथ नहीं चल सकते I इस शिक्षा नीति में मार्गदर्शिकाएँ हमारे समक्ष रहेंगी और हमें नियमों का पालन करना है तथा उन्होनें कहा की शिक्षा ऐसी होनी चाहिए जो समाज का समर्थन करे I उन्होनें कहा की वह देश मुस्कुराता है जहाँ के शिक्षक मुस्कुराते हैं I कार्यक्रम की अगली वक्ता प्रो.श्रीमती विनय कपूर मेहरा, माननीय कुलपति बी आर ऐ ऐन एल यू , सोनीपत रही जिन्होंने नयी शिक्षा नीति के विज़न पर विस्तार से प्रकाश डाला और कहा की हमें एक शिक्षक और विद्यार्थी के तौर पर अनुसाशन का पालन करना चाहिए और बतौर शिक्षक हमारे कंधों
पर बड़ा दायित्व है I आगे उन्होनें कहा की शिक्षा कोई वस्तु नहीं है और इसे व्यक्ति के सर्वांगीण विकास की और उन्मुख होना चाहिए I
अंत में कार्यक्रम की को-कनवीनर तथा विभागाध्यक्ष डॉ. ममता शर्मा द्वारा धन्यवाद ज्ञापन दिया गया I
इस कार्यक्रम के चीफ पैट्रन, कुलपति, गौतम बुद्ध विश्वविद्यालय, प्रो. भगवती प्रकाश शर्मा एवं पैट्रन, डीन, स्कूल ऑफ़ लॉ, जस्टिस एण्ड गवर्नेंस, प्रो. (डॉ.) एस. के. सिंह हैं। कार्यक्रम के कन्वीनर
स्कूल के सहायक शिक्षक डॉ. अक्षय सिंह तथा को -कन्वीनर डॉ. ममता शर्मा तथा डॉ. रमा शर्मा हैं। इस अवसर पर विभिन्न स्कूल के संकाय सदस्यों द्वारा भी भाग लिया गया।

.

Spread the love
RELATED ARTICLES

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Most Viewed