ग्रेटर नोएडा,26 सितम्बर। आईटीएस डेंटल कॉलेज में ‘‘रिसर्च मैथडोलोजी’’ पर वेबिनार का आयोजन किया गया। वेबिनार की मुख्य वक्ता ईएसआईसी डेंटल कॉलेज, रोहिणी के पब्लिक हेल्थ डेंटिस्ट्री विभाग की एसोशिएट प्रोफेसर डॉ. मानसी अत्री ने दंत चिकित्सा के क्षेत्र में शोध की सम्भावनाओं एवं इससे मरीजों को होने वाले लाभ के बारे में विस्तापूर्वक प्रकाश डालते हुए सभी शिक्षकों एवं छात्रों को बताते हुए कहा कि निरंतर छोटे से छोटे इलाजों के तरीकों पर भी नियमित रूप से इलाज के तरीकों एवं मरीजों को दी जाने वाली दवाओं पर बराबर शोध करते रहने चाहिए जिससे इलाजों के नए-नए तरीकों का ज्ञान होता है और इससे मरीजों को काफी फायदा होता है।
डॉ. अत्री ने शोध के विभिन्न प्रकारों एवं शोध करने के आसान तरीकों पर प्रकाश डालते हुए सभी शिक्षकों एवं विद्यार्थियों को समझाया कि शोध करना तब तक बंद नहीं करना चाहिए, जब तक वांछित परिणाम न मिले। डॉ. अरोरा ने बताया कि संस्थान द्वारा अब तक विभिन्न विषयों के विशेषज्ञों द्वारा कई वेबिनार का आयोजन किया जा चुका है। इस अवसर पर संस्थान के वाइस चेयरमैन सोहिल चड्ढा ने शिक्षकों की सराहना करते हुए कहा कि लॉकडाउन के दौरान सभी छात्रों को अपने अथक प्रयासों द्वारा न केवल ऑनलाइन कक्षाएं लगाई बल्कि विभिन्न विषयों पर पीपीटी, पीडीएफ तथा यूट्यूब लिंक के माध्यम से रोचक पाठ्य सामग्री भी उपलब्ध करायी जिससे छात्रों को काफी फायदा हुआ। चडढा ने कहा कि इस तरह के वेबिनार के माध्यम से शिक्षकों एवं छात्र छात्राओं को ख्याति प्राप्त विशेषज्ञों द्वारा आधुनिक विषयों पर जानकारी प्राप्त होती है जिससे सभी को काफी फायदा होता है। इस अवसर पर आईटीएस- द एजूकेशन ग्रुप के अध्यक्ष डॉ. आर. पी. चडढा ने इस तरह के साइंटिफिक कार्यक्रम की सराहना की तथा इसके सफल आयोजन के लिए आयोजकों को बधाई दी।
ग्रेटर नोएडा। इंडस्ट्रियल एंटरप्रेन्योर्स एसोसिएशन (IEA) के प्रतिनिधिमंडल ने आज जिलाधिकारी गौतम बुद्ध नगर श्रीमती…
क्वीन्स कार्मेल स्कूल में स्नेह, संस्कार और परंपराओं के साथ मनाया गया ग्रैंडपेरेंट्स डे ग्रेटर…
ग्रेटर नोएडा। कैलाश इंस्टीट्यूट ऑफ नर्सिंग एंड पैरामेडिकल साइंसेज, ग्रेटर नोएडा में विश्व रोगी सुरक्षा…
ग्रेटर नोएडा। दिल्ली वर्ल्ड पब्लिक स्कूल, के.पी.-III, ग्रेटर नोएडा, अपनी प्रिय प्रधानाचार्या दिवंगत डॉ. हीमा…
विषय-फार्मास्यूटिकल अनुसंधान और स्वास्थ्य सेवा अभ्यास में एआई की उभरती भूमिकाएँ: आगामी चुनौतियाँ पर हुई…
- 1,000 से अधिक मातृशक्ति की सहभागिता के साथ ‘नारी शक्ति राष्ट्र वंदन यज्ञ’ से…