स्वयंसेवी संस्था असिस्ट ने दिव्यांग छात्रों के लिए बास्केटबॉल टूर्नामेंट का सफल आयोजन किया

असिस्ट ने ग्रेटर नोएडा औद्योगिक विकास प्राधिकरण के सहयोग से नोएडा कार्निवल, 2020 के दौरान 3X3 बास्केटबॉल टूर्नामेंट आयोजित किया।
— लड़कों के वर्ग में सेंट जोसेफ स्कूल के साथ कड़ी प्रतिस्पर्धा में डीपीएस एनटीपीसी में विजेता बना, अंतिम स्कोर 14-12 का था।
— बालिका वर्ग में जेपी पब्लिक स्कूल ने बाजी मारी जिसने फाइनल में डीपीएस एनटीपीसी स्कूल को 6-1 से हराया
— इंक्लुसिव जोन बास्केटबॉल एक्जिविशन मैच में अन्य छात्रों के साथ-साथ दिव्यांग छात्रों ने भी भाग लिया।
नई दिल्ली। दिव्ययंगो के लिए काम करने वाले स्वयंसेवी संगठन असिस्ट ने ग्रेटर नोएडा इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट अथॉरिटी (जीएनआईडीए) के साथ मिलकर ग्रेटर नोएडा कार्निवल 2020 के दौरान आज शनिवार 25 जनवरी 2020 को 3X3 बास्केटबॉल टूर्नामेंट का आयोजन किया। खेलों के माध्यम से समावेश की भावना और वातावरण को बढ़ावा देने के लिए असिस्ट की टीम ने भी इनक्लूसिव जोन बास्केटबॉल के कुछ प्रदर्शनी मैच खेले।
यह पहला मौका था जब असिस्ट ने स्कूली छात्रों के लिए 3X3 बास्केटबॉल टूर्नामेंट का आयोजन जीएनआईडीए के साथ मिलकर किया।

इस टूर्नामेंट में 22 टीमों ने भाग लिया। असिस्ट इस साल अप्रैल में भारत का पहला इंक्लुसिव बास्केटबाल लीग का आयोजन करने की योजना बना रहा है।
लड़कों के वर्ग में टूर्नामेंट का अंतिम मैच डीपीएस एनटीपीसी और सेंट जोसेफ स्कूल के बीच खेला गया, जिसमें डीपीएस एनटीपीसी 14-12 के स्कोर के साथ विजेता बना। लड़कियों के वर्ग में, जेपी पब्लिक स्कूल ने डीपीएस एनटीपीसी को 6-1 से हराया। जेवर के विधायक श्री धीरेन्द्र सिंह ने मुख्य अतिथि के रूप में अपनी उपस्थिति से इस आयोजन की शोभा बढ़ाई।
टूर्नामेंट का आयोजन समावेशी जोन बास्केटबॉल मैचों के तौर पर हुआ जिसमें अलग-अलग शारीरिक और मानसिक क्षमता वाले छात्रों ने हिस्सा लिया। ये मैच शहीद विजय सिंह पथिक स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में आयोजित हुए।
जीएनआईडी ने समावेशी खेलों के माध्यम से विविधता में एकता के संदेश को फैलाने की अनूठी पहल के लिए असिस्ट के संस्थापक कार्तिकेय गोयल तथा सह संस्थापक पार्थ सारथी को सम्मानित किया।
असिस्ट के संस्थापक कार्तिकेय गोयल ने कहा, ‘‘समाज से भेदभाव की भावना को खत्म करने की जरूरत को लेकर आम लोगों को जागरूक बनाने के लिए असिस्ट ने उन दिव्यांग बच्चों को भी इस टूर्नामेंट में भाग लेने के लिए प्रोत्साहित किया जिनका जीवन व्हील चेयर के सहारे हैं। ये दिव्यांग बच्चे सेरेब्रल पाल्सी, आटिज्म और बहरेपन से पीड़ित हैं लेकिन इन बच्चों ने सामान्य छात्रों के साथ मैच खेले। खेल एक ऐसी गतिविधि है जो भारत को जोड़ती है और बास्केट बाल के जरिए सभी प्रतिभागियों ने इस भावना को व्यक्त किया। हम भारतीय समाज के सभी वर्गों को एकजुट करना चाहते हैं।’’

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