जीबीयू में आर्टिफिशियल इंटलिजेन्स इंटरवेशन सत्र में नौ देशों से 325 शोध पत्र हुए प्रस्तुत

ग्रेटर नोएडा,2 मई। गौतमबुद्ध विश्वविद्याल के कंप्यूटर विज्ञान और इंजीनियरिंग विभाग ने दो दिन चलने वाली प्रथम ऑनलाइन इंटरनेशनल कॉन्फ्रेंस “कोविद-19 के बाद आर्टिफिशियल इंटलिजेन्स इंटरवेशन के साथ भारत का पुनर्निर्माण” की शुरुवात हुई। 325 शोधकर्ताओं ने अपने शोध को प्रस्तुत किया जिसमें 9 देशों जैसे कि इटली, यूनाइटेड किंगडम, मलेशिया, ताइवान, वियतनाम, कोरिया, डेनमार्क, दुबई, मोरको के शोधार्थियों शोध प्रस्तुत किया। पहले दिन 16 सत्र में 150 से अधिक विश्वविद्यालयों-संस्थानों के प्रतिभागियों लाइव, पॉवरपॉइंट और विडियों शोध को प्रस्तुत किया और 32 सत्र चेयर द्वारा शोध पत्रों का मूल्यांकन कर पूर्ण भागीदारी की गयी है ओर ऑनलाइन व्याख्यान प्रस्तुत किया। ऑनलाइन इंटरनेशनल कॉन्फ्रेंस का आयोजन जीबीयू के कुलपति प्रो.बी.पी. शर्मा के मार्गदर्शन में आयोजित की गयी है। प्रो. संजय शर्मा, डीन आईसीटी,ने सक्रिय रूप से इस कॉन्फ्रेंस के संचालन के लिए मार्गदर्शन दिया हैं। कॉन्फ्रेंस आयोजक डॉ. प्रदीप तोमर (एचओडी – सीएस ई), डॉ अरुण सोलंकी ओर डॉ. संध्या तरार ने कॉन्फ्रेंस को सफल बनाने मे योगदान दिया। डॉ. प्रदीप तोमर ने बताया कि 3 मई को कांफ्रेंस की थीम पर एक पैनल डिस्कशन रखा गया है, जिसमे इंटरनॅशनल ओर नेशनल लेवल से एकेडमिशियन एंड इंडस्ट्री प्रोफेशनल चर्चा करेंगे और 16 ओर टेक्निकल सेशन का संचालन किया जाएगा। कंप्यूटर विज्ञान और इंजीनियरिंग विभाग के समस्त संकाय सदस्य ने सत्रों में सक्रिय रूप से भाग लिया और कॉन्फ्रेंस के पहले दिन को सफल बनाया। डॉ. प्रदीप तोमर, एचओडी सीएसई  ने बताया की राधिका गुप्ता जो कि एमटेक सीएसई की विद्यार्थी है कोविद 19 डैशबोर्ड बनाया है। कोविड्-19 डैशबोर्ड- वैश्विक महामारी कोरोना से जूझ रहे संसार की हालत दिखाता है। यह डैशबोर्ड कोरोना से सबसे अधिक प्रभवित देशों की परख करता है एवं हर दिन होने वाले कोरोना कैसेस और मृतकों का विवरण लाइव डेटा से प्रस्तुत करता है।

रैपिड टेस्टिंग व इम्युनिटी बढ़ाकर कोविड-19 से बचा जा सकता है

जीबीयू के विद्युत अभियांत्रिकी विभाग ने कोविड-19 से निपटने के लिये तकनीकि भूमिका के विषय पर वेबिनार का आयोजन किया। वीडियो कांफ्रेसिंग के माध्यम से इस कार्यक्रम के मुख्य प्रवक्ता डॉ. शशांक सक्सेना ने चर्चा करते हुए यह बताया कि इस महामारी से तकनीकी तरह से कैसे निपटा जाये। जिसमें रैपिड टेस्टिंग किट की उपलब्धता बढ़ा कर और साथ ही साथ थर्मल इमेजिंग कैमरों को ड्रोन में उपयोग करके इससे बचा जा सकता है तथा हम अपनी इम्युनिटी को बढ़ा कर कोविड-19 से बचाव कर सकते है। इस कार्यक्रम का आयोजन शनिवार को आयोजित हुआ। प्रो. पी.के.यादव, (डीन एस.ओ.ई) ने सक्रिय रूप से इस श्रृंखला के संचालन का मार्गदर्शन किया। डॉ. ओमवीर सिंह (एस.ओ.ई.) के द्वारा इस कार्यक्रम का संयोजन किया गया।

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