हर तहसील ऊर्जा उत्पादक बने तो खत्म हो सकती है बिजली कटौती: विनीत मित्तल

If every tehsil becomes an energy producer, power cuts can be eliminated: Vineet Mittal

REI Expo 2026 में बोले अवादा चेयरमैन, रूफटॉप सोलर को बताया बिजली बिल और आयात निर्भरता घटाने का रास्ता

अभिनेता-सांसद रवि किशन अवादा के स्टॉल पर ‘ग्राहक’ बनकर पहुंचे, गोरखपुर कार्यालय के लिए सोलर लेने की जताई इच्छा

ग्रेटर नोएडा। देश की हर तहसील अगर अपनी ऊर्जा खुद पैदा करने लगे, तो बिजली कटौती की समस्या हमेशा के लिए खत्म की जा सकती है। साथ ही आयातित तेल और गैस पर भारत की निर्भरता भी काफी कम हो सकती है। यह बात अवादा ग्रुप के चेयरमैन विनीत मित्तल ने रिन्यूवल इनर्जी इंडिया एक्सपो(आरईआई) 2026 में कही। ग्रेटर नोएडा के इंडिया एक्सपो मार्ट में आयोजित एक्सपो में मित्तल ने कहा, “यदि हर तहसील एक पावर जेनरेटर बन जाए, तो बिजली कटौती की समस्या खत्म हो जाएगी, ग्रिड की समस्या खत्म हो जाएगी और हर कोई वास्तव में आत्मनिर्भर बन जाएगा।” मित्तल के अनुसार, देश की करीब 6,000 तहसीलों में सालभर पर्याप्त धूप उपलब्ध है, जबकि लगभग 3,000 तहसीलों में विंड पोटेंशियल है। सोलर, विंड और बैटरी स्टोरेज को मिलाकर स्थानीय स्तर पर लगभग 24 घंटे बिजली उपलब्ध कराई जा सकती है। उन्होंने भारत को ‘पेट्रो-स्टेट’ से ‘इलेक्ट्रो-स्टेट’ की ओर ले जाने की जरूरत बताते हुए कहा कि ऊर्जा के लिए दूसरे देशों पर निर्भरता वैश्विक संकट के समय बड़ी चुनौती बन सकती है।

2008 का सोलर विजन, आज बना ऊर्जा परिवर्तन

मित्तल ने गुजरात के तत्कालीन मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ 2008 की एक बैठक का जिक्र करते हुए बताया कि उस समय थर्मल पावर करीब ₹3 प्रति यूनिट थी, जबकि गुजरात ने सोलर के लिए ₹15 प्रति यूनिट का टैरिफ ऑफर किया था। उनके अनुसार, उस शुरुआती प्रोत्साहन ने भारत में सोलर ऊर्जा के विकास की मजबूत नींव रखी। उन्होंने कहा कि 2022 में 100 GW के लक्ष्य के मुकाबले भारत की गैर-जीवाश्म ऊर्जा क्षमता अब करीब 300 GW तक पहुंच चुकी है।

हर छत बने पावर स्टेशन

रूफटॉप सोलर पर जोर देते हुए मित्तल ने कहा कि उत्तर प्रदेश के हर जिले और हर छत को ऊर्जा उत्पादक बनाने की दिशा में काम होना चाहिए। उन्होंने बताया कि बैटरी स्टोरेज दिन में पैदा हुई सौर ऊर्जा को शाम और रात के उपयोग के लिए सुरक्षित रख सकता है। वहीं, नेट मीटरिंग के जरिए अतिरिक्त बिजली को ग्रिड में भेजकर बिजली बिल में समायोजित किया जा सकता है। उन्होंने दावा किया कि डीजल जनरेटर की जगह सोलर अपनाने वाला परिवार लगभग डेढ़ साल में अपनी लागत वसूल कर सकता है और सही व्यवस्था के साथ बिजली बिल को लगभग शून्य तक लाया जा सकता है।

 

720 Wp से 800 Wp तक मॉड्यूल

मित्तल ने बताया कि अवादा फिलहाल 720 Wp मॉड्यूल तैयार कर रहा है और सीमित जगह वाली छतों तथा कृषि क्षेत्रों के लिए जल्द ही 750 और 800 Wp मॉड्यूल भी पेश किए जाएंगे। उन्होंने बताया कि नोएडा कैंपस और दादरी ऑपरेशन्स में करीब 4,000 लोग कार्यरत हैं। अवादा इलेक्ट्रो ने 2025 में नोएडा में 1.5 GW की मॉड्यूल फैसिलिटी शुरू की थी, जबकि ग्रेटर नोएडा के इकोटेक में 5 GW की इंटीग्रेटेड सेल एवं मॉड्यूल फैसिलिटी विकसित की जा रही है।

रवि किशन बोले—“मैं ग्राहक बनकर आया हूं”

इस दौरान अभिनेता और गोरखपुर सांसद रवि किशन अवादा के स्टॉल पर सोलर खरीदने में रुचि रखने वाले ग्राहक के रूप में पहुंचे। उन्होंने बताया कि उनके घर पर सोलर पहले ही लग चुका है और अब वे गोरखपुर कार्यालय के लिए भी सोलर लेने आए हैं। किशन ने उत्तर प्रदेश की सोलर सब्सिडी योजना के बारे में जागरूकता बढ़ाने की जरूरत बताते हुए कहा कि बहुत से लोग अभी इसके बारे में नहीं जानते। उन्होंने गोरखपुर के चिलुआ ताल में प्रस्तावित 20 MW फ्लोटिंग सोलर प्लांट का भी उल्लेख किया। साथ ही उन्होंने रेलवे स्टेशनों की छतों पर सोलर लगाने के लिए रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव को पत्र लिखने और संसद में मुद्दा उठाने की जानकारी दी। रवि किशन ने कहा, “यही भविष्य है। यह आपके पैसे बचाएगा, देश को बचाएगा और हमें आयात पर निर्भरता से मुक्ति दिलाएगा।”

कार्यक्रम में माहौल उस समय हल्का-फुल्का हो गया जब विनीत मित्तल ने मजाक में कहा कि रवि किशन को आमंत्रित करना स्वाभाविक था, क्योंकि “सूर्य का एक नाम रवि भी है।” किशन ने भी अपने चिर-परिचित अंदाज में कहा कि वह मीम्स के दौर से काफी पहले, ‘बिग बॉस’ के समय ही वायरल हो चुके थे। उन्होंने Gen Z को “भारत की आत्मा” बताते हुए उनके प्यार के लिए धन्यवाद दिया।

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