केसीसी संस्थान में वोकल फॉर लोकल, मेकिंग इंडिया की ओर कदम पर अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन

International Conference on Vocal for Local, Step towards Making India at KCC Institute

-आत्म निर्भर भारत की भावना की सराहना करते हुए सभी क्षेत्रों में इनोवेशन पर दिया जोर

-सम्मेलन में देश व विदेशी विश्वविद्यालयों के छात्रों ने प्रस्तुत किए अपने शोध-पत्र

ग्रेटर नोएडा। केसीसी इंस्टिट्यूट ऑफ लीगल एण्ड हायर एजुकेशन ने नाइजीरिया की नाइल यूनिवर्सिटी के सहयोग से शनिवार को एक अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन का आयोजन किया, जिसका विषय था वोकल फॉर लोकल बनाम ग्लोबल एस्पिरेशंस ऑफ इंडिया(मेक इन इंडिया की ओर कदम)। सम्मेलन में विभिन्न क्षेत्रों के प्रोफेशनल्स, शिक्षाविदों और शोध-छात्रों ने भाग लिया। अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन का उद्देश्य ‘वोकल फॉर लोकल’ और ‘मेक इन इंडिया’ जैसे नारों के संदर्भ में आत्मनिर्भर भारत की दिशा में चर्चा-परिचर्चा और ज्ञान का आदान-प्रदान था। देसी उद्योगों की उत्पादकता और उनके ब्रांड्स के प्रति लोगों की जागरूकता बढ़ाने, स्टार्टअप्स और औद्योगिक इकोसिस्टम की नई जरूरतों को समझने और इनोवेटिव विचारों को आगे लाने पर भी चर्चा हुई। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि और डिक्शन टेक्नॉलजीज इंडिया लिमिटेड के प्रेसिडेंट और सीओओ कमलेश मिश्रा ने सम्मेलन को संबोधित करते हुए ‘वोकल फॉर लोकल’ की मानसिकता विकसित करने और स्थानीय उत्पादों और आपूर्ति श्रृंखला को बढ़ावा देने पर जोर दिया।

International Conference on Vocal for Local, Step towards Making India at KCC Institute

सम्मेलन को कई भारतीय व विदेशी वक्ताओं और विशेषज्ञों ने संबोधित किया। इनमें नाइजीरिया की नाइल यूनिवर्सिटी के डिप्टी वाइस चांसलर (डॉ.) दिलीप कुमार,  ब्रातिस्लावा यूनिवर्सिटी (स्लोवाकिया) से अर्थशास्त्र में पीएचडी प्रोफेसर एनेटा कैपलानोवा, ऑसिफाई इंडस्ट्रीज प्राइवेट लिमिटेड के सीईओ अमिताभ तिवारी शामिल थे। इन सभी ने आत्म निर्भर भारत की भावना की सराहना की और इसके लिए सभी क्षेत्रों में इनोवेशन पर जोर दिया। कार्यक्रम की शुरुआत पारंपरिक दीप प्रज्जवलन के साथ हुई। केसीसी इंस्टिट्यूट ऑफ लीगल एंड हायर एजुकेशन की डायरेक्टर प्रो. (डॉ.) भावना अग्रवाल ने अतिथियों और वक्ताओं का स्वागत करते हुए अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन के उद्देश्यों और मूल भावना पर प्रकाश डाला, उन्होंने कहा कि भारत को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में सभी सेक्टर्स और स्टेकहोल्डर्स को आगे आना होगा। सम्मेलन में देश के कई शहरों और विश्वविद्यालयों के विद्वानों और शोध छात्रों ने अपने शोध-पत्र प्रस्तुत किए। अधिकांश विद्वानों ने प्रधानमंत्री के वोकल फॉर लोकल और आत्म निर्भर भारत मिशन को महत्वाकांक्षी और राष्ट्र निर्माण की दिशा में बड़ा कदम बताते हुए उसके अनुरूप उठाए जा सकने वाले कदमों की चर्चा की।

 

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