रबूपुरा। जो लोग गौ रक्षा और गौ सेवा करते हैं उन्हें 33 करोड़ देवी देवताओं को प्रसन्न करने का फल मिलता है। हिंदू धर्म में गाय को माता के स्थान पर माना गया है। जो व्यक्ति गाय व माता-पिता की सेवा करता है उसका जीवन तर जाता है और उसे ही मोक्ष की प्राप्ति होती है। भगवान कृष्ण ने अपनी गायों के साथ ही पूरा समय व्यतीत किया था और लोगों के साथ गायों को सुरक्षित रखने के लिए उन्होंने गोवर्धन पर्वत को अपनी अंगुली पर उठाया था। इसलिए भगवान श्री कृष्ण को प्रसन्न करने के लिए प्रत्येक मानव को गौ रक्षा और गौ सेवा करनी होगी। उक्त शब्द कथा वाचक हरिकृष्ण कौशिक ने गांव चांदपुर-शाहपुर स्थित सिद्ध मंदिर परिसर में चल रही श्रीमद भागवद कथा के दौरान कहे। इसके साथ ही उन्होंने रुकमणी विवाह का प्रसंग बड़े ही सुंदर श्लोकों व संगीत के माध्यम से प्रस्तुत किया। भक्तिमय संगीत की धुनों ने प्रांगण में उपस्थित श्रोताओं को थिरकने पर विवश कर दिया। कथा आयोजक रमेश चंद शर्मा ने बताया कि मंगलवार को प्रसाद वितरण के साथ कथा का समापन किया जाएगा। इस मौके पर भीकचंद शर्मा, जयपाल शर्मा, चमन सिंह, अशोक, सुनील, अंकित, पीयूष, विक्रम, दीपक, कलिया, दुष्यंत, रामकुमार, अनिल, गोवर्धन, रजनी, सरस्वती, नरेश, दयावती, रामवीर, कुसुम आदि सैकड़ो श्रोता मौजूद रहे।
गौ रक्षा और गौ सेवा से ही होती है मोक्ष की प्राप्ति- पंडित हरिकृष्ण






