जीएनआईओटी इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट स्टडीज में नव प्रवेशित विद्यार्थियों का स्वागत, सोनू शर्मा व शुभंकर मिश्र ने किया प्रोत्साहित

Newly admitted students welcomed at GNIOt Institute of Management Studies, Sonu Sharma and Shubhankar Mishra encouraged them

 एक युवा अगर अपने उद्देश्य के प्रति स्पष्ट और समर्पित है, तो वह असाधारण बदलाव ला सकता  – आईपीएस निधिन वाल्सन

ग्रेटर नोएडा। जीएनआईओटी इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट स्टडीज द्वारा इंडिया एक्सपो मार्ट सेंटर में पीजीडीएम कोर्स में नवप्रवेशित विद्यार्थियों के लिए भव्य नेतृत्व एवं प्रेरणा आधारित ओरिएंटेशन कार्यक्रम मेराकी का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का शुभारंभ आईपीएस निधिन वाल्सन, संस्था के चेयरमैन डॉ. राजेश कुमार गुप्ता, वाइस चेयरमैन गौरव गुप्ता, संस्थान के एडवाइजर सदस्य मिथिलेश कुमार सिंह, सीईओ स्वदेश कुमार सिंह, एडवाइजर सत्यप्रकाश सिंह, संस्था के  निदेशक डॉ. भूपेंद्र सोम एवं अन्य गणमान्य व्यक्तियों द्वारा दीप प्रज्वलन एवं मां सरस्वती की प्रतिमा पर माल्यार्पण के साथ किया गया। तत्पश्चात गणेश वंदना के साथ कार्यक्रम की विधिवत शुरुआत हुई।

कार्यक्रम में देश की प्रमुख युवा हस्तियों और प्रेरक वक्ताओं ने भाग लिया, जिन्होंने विद्यार्थियों के साथ अपने अनुभव साझा किए और उन्हें जीवन के विभिन्न पहलुओं पर मार्गदर्शन प्रदान किया। रोजियर और बिस्ट लाइफ के को-फाउंडर गौरव तनेजा जो एक सफल पायलट, फिटनेस आइकन और सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर के रूप में प्रसिद्ध हैं, ने युवाओं को मानसिक और शारीरिक रूप से फिट रहने की प्रेरणा दी तथा बताया कि आज के युग में स्वस्थ जीवनशैली और डिजिटल ब्रांडिंग का कितना महत्व है। बेलाविटा के फाउंडर एवं सीईओ आकाश आनंद ने अपनी उद्यमिता यात्रा साझा करते हुए बताया कि स्थानीय सोच और वैश्विक दृष्टिकोण से कैसे एक ब्रांड को अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुँचाया जा सकता है। उन्होंने विद्यार्थियों को स्वावलंबन और नवाचार की राह अपनाने की प्रेरणा दी। वहीं जिप इलेक्ट्रिक के को-फाउंडर एवं सीईओ आकाश गुप्ता ने पर्यावरण के प्रति जागरूकता और इलेक्ट्रिक मोबिलिटी के बढ़ते प्रभाव पर प्रकाश डालते हुए कहा कि आने वाला भविष्य सस्टेनेबल टेक्नोलॉजी का है, और युवाओं को इसी दिशा में सोचने और काम करने की आवश्यकता है। चाय सुटा बार के को-फाउंडर अनुभव दुबे ने अपनी संघर्ष यात्रा का उल्लेख करते हुए बताया कि किस प्रकार एक सामान्य से विचार ने लाखों लोगों को रोजगार देने वाला स्टार्टअप बना लिया। उन्होंने कहा कि असली पूंजी जुनून और निरंतर प्रयास है, संसाधन तो रास्ते में जुड़ते चले जाते हैं। रीडर्स बुक्स क्लब के फाउंडर डॉ. अमिएत्त कुमार ने युवाओं को पढ़ने की आदत विकसित करने का संदेश दिया और बताया कि किताबें किसी व्यक्ति के विचारों का निर्माण करती हैं, जो आगे चलकर उनके निर्णयों को आकार देती हैं।

कार्यक्रम में प्रमुख आकर्षण रहे प्रसिद्ध मोटिवेशनल स्पीकर सोनू शर्मा एवं सामाजिक कार्यकर्ता और युवा प्रेरक शुभंकर मिश्रा। दोनों ने युवाओं को शिक्षा, रोजगार और उद्यमिता की दिशा में आगे बढ़ने के लिए प्रबल प्रेरणा दी। सोनू शर्मा ने शिक्षा प्रणाली में स्किल बेस्ड लर्निंग के महत्व पर जोर देते हुए कहा कि विद्यार्थियों को ऐसा व्यावहारिक ज्ञान प्राप्त करना चाहिए जो केवल नौकरी के लिए नहीं बल्कि खुद का व्यवसाय शुरू करने में भी सहायक हो। उन्होंने युवाओं को अनुभव, धैर्य और निरंतर प्रयास के साथ अपने लक्ष्यों को पाने का मार्ग दिखाया। वहीं शुभंकर मिश्रा ने सोशल मीडिया के सकारात्मक प्रभाव और सामाजिक जिम्मेदारी पर विशेष प्रकाश डालते हुए कहा कि आज का युवा समाज में बदलाव लाने वाला सबसे बड़ा स्रोत है। उन्होंने बताया कि सही सोच और उद्देश्य के साथ सोशल मीडिया का प्रयोग करके बड़े पैमाने पर सामाजिक सुधार किए जा सकते हैं। दोनों वक्ताओं ने युवाओं को यह संदेश दिया कि सफल भविष्य के लिए न केवल ज्ञान और कौशल बल्कि सही मानसिकता और प्रतिबद्धता भी आवश्यक है, जो उन्हें आत्मनिर्भर और सशक्त बना सकती है। वहीं, कार्यक्रम में उपस्थित रहे युवा आईपीएस अधिकारी कैंसर वॉरियर्स निधिन वलसन, जो अपने अनुशासन और नेतृत्व क्षमता के लिए जाने जाते हैं, ने विद्यार्थियों को कर्तव्यनिष्ठा, सेवा भावना और राष्ट्रीय उत्तरदायित्व की भावना से कार्य करने का संदेश दिया। उन्होंने अपने वक्तव्य में कहा कि “एक युवा अगर अपने उद्देश्य के प्रति स्पष्ट और समर्पित है, तो वह असाधारण बदलाव ला सकता है।

इस कार्यक्रम का उद्देश्य केवल औपचारिक स्वागत नहीं बल्कि विद्यार्थियों में आत्मविश्वास, नेटवर्किंग स्किल्स और नेतृत्व क्षमताओं का विकास करना था। इस अवसर पर संस्था के सीईओ स्वदेश कुमार सिंह ने कहा कि जीआईएमएस में विद्यार्थियों को ऐसे प्लेटफॉर्म प्रदान किए जाते हैं, जो उन्हें कॉरपोरेट और सामाजिक जीवन के लिए तैयार करते हैं। निदेशक डॉ. भूपेंद्र सोम ने बताया कि आज मेराकी कार्यक्रम से ओरिएंटेशन सप्ताह की शुरुआत हुई है और इस सप्ताह के दौरान कई प्रतिष्ठित कॉरपोरेट लीडर्स विद्यार्थियों से संवाद करेंगे।

कार्यक्रम का संचालन डॉ. शालिनी शर्मा एवं रानू सक्सेना द्वारा अत्यंत प्रभावशाली रूप से किया गया। कार्यक्रम को सफल बनाने में संस्थान के समस्त फैकल्टी एवं स्टाफ का योगदान सराहनीय रहा। कार्यक्रम का समापन एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर डॉ. रुचि रायत द्वारा धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ, जिन्होंने सभी अतिथियों, वक्ताओं, फैकल्टी एवं विद्यार्थियों का आभार व्यक्त किया और इस आयोजन की सफलता में सभी के सहयोग की सराहना की।

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