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जीबीयू के अन्तर्राष्ट्रीय कॉन्फ़्रेन्स के लिए वियतनाम के विद्वानों का दल पहुंचा

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ग्रेटर नोएडा,30 जनवरी। गौतमबुद्ध विश्वविद्यालय एवं कुमारी मायावती गवर्न्मंट पीजी डिग्री कॉलेज के साथ मिलकर के अन्तर्राष्ट्रीय कॉन्फ़्रेन्स का आयोजन कर रहा है जो की 31 जनवरी से दो फ़रवरी तक होना है। यह कार्यक्रम अखिल भारतीय इतिहास अनुसंधान परिषद एवं उच्च शिक्षा विभाग उत्तर प्रदेश सरकार के सहयोग से हो रहा है। इस कार्यक्रम का मुख्य विषय है प्राचीन ज्ञान, सभ्यता के पुरावशेष एवं वर्तमान विश्व के परिदृश्य है। भारतीय शास्त्र ज्ञान, आध्यात्मिकता, वास्तुकला और कला प्राचीन और आधुनिक दुनिया में मौजूद है। खगोल विज्ञान, योग, ज्योतिष, आयुर्वेद, प्राकृतिक चिकित्सा, वेदांत, बौद्ध-जैन धर्म सहित भारतीय षड्दर्शन, हमारे जीवन के सभी पहलुओं को बेहतर बनाने की क्षमता रखते हैं। भारत भविष्य के लिए एक समग्र दृष्टि के साथ एक शानदार अतीत भी है। यह बाकी सभ्यताओं के लिए भी सच है क्योंकि उनके पास कुछ अनोखी विरासतें भी हैं। भारत जैसा एक सभ्य राज्य, शहरी विकास, सामाजिक स्तरीकरण, संचार की प्रतीकात्मक प्रणाली, और सभ्यता धर्मों की विशेषता वाला एक समाज है। ऐतिहासिक रूप से, सभ्यता को अक्सर छोटी, माना आदिम संस्कृतियों के विपरीत, एक बड़ी और अधिक उन्नत संस्कृति के रूप में समझा जाता है। कुछ विद्वानों ने वर्णन किया है कि यह आवश्यक रूप से बहुसांस्कृतिक है। भारत, मिस्र, मेसोपोटामिया, एंडीज, चीन, मेसोअमेरिका और ग्रीक, आदि सहित सांस्कृतिक राज्य स्वतंत्र रूप से उत्पन्न हुए हैं और उनमें से प्रत्येक के पास अद्वितीय प्राचीन अतीत है।

इस तरह के विषयों पर विचार हमारे सुनहरे अतीत के इन खजानों को पुनर्जीवित करने और उन्हें आधुनिक संदर्भ में उपयोग करने के लिए समय की आवश्यकता है। वर्तमान दुनिया को इस तरह की चर्चाओं की बहुत आवश्यकता है ताकि हमारे अतीत की कीमत आज की हमारी दुनिया में दिखाई जा सके एवम् इसे अच्छी तरह से लोगों के समक्ष प्रस्तुत किया जाय। आज बहस करने और उनकी प्रासंगिकता का विश्लेषण करने के लिए, इन अद्वितीय पुरावशेषों को धरातल पर लाना इस कोन्फ़्रेन्स का मुख्य उद्देश्य है, जिसे यह सम्मेलन लक्षित करना चाहता है। इस तीन दिवसीय अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य दुनिया भर के बुद्धिजीवियों-शोधकर्ताओं को विषय पर चर्चा और वर्तमान दिन की दुनिया में उनकी प्रासंगिकता लाकर विचार-विमर्श के लिए एक उपयोगी और तालमेल वातावरण बनाना है हेतु आमंत्रित किया गया है। आयोजन समिति के एक सदस्य के अनुसार यह कार्यक्रम में वियतनाम के ह्यू सिटी में अवस्थित वीयट्नाम बुद्धिस्ट विश्वविद्यालय विदेशी सहयोगी है। अतः इस वीबीयू के नौ विद्वानों का समूह इस अन्तर्राष्ट्रीय कोन्फ़्रेन्स में भाग लेने आज गौतम बुद्ध विश्वविद्यालय पहुंच गए हैं। यहाँ आने पर उनका भारतीय परंपरा अनुसार स्वागत किया गया। कॉन्फ़्रेन्स में और भी विदेशी विद्वानों के भाग लेने की उम्मीद की जा रही है साथ ही भारतवर्ष के सभी मुख्य विश्वविद्यालय से विद्वान भाग लेने आ रहे हैं। आयोजकों के अनुसार लगभग 400 विद्वानों के भाग लेने की संभावना है।

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