ग्रेटर नोएडा,24 अक्टूबर। महर्षि पाणिनि वेद-वेदांग विद्यापीठ (गुरुकुल) ग्रेटर नोएडा में चल रही रामकथा का समारोह के साथ समापन हुआ। कथाव्यास मानसरत्न रामगोपाल तिवारी ने बहुत ही उत्कृष्ट तरीके से केवल रामायण ही नहीं अपितु संपूर्ण रामाश्रय को अपनी वाणी से उद्घोषित कर भक्तों को भावविभोर होने पर मजबूर कर दिया। उन्होंने गुरुकुल के संस्थापक आचार्य रविकांत दीक्षित के बारे में कहते हुए कहा कि आप जैसे धर्म के प्रति समर्पित महानुभाव संत की तरह है इनके कारण ही गुरुकुल में सभी प्रकार की क्रियाकलाप सुचारू रूप से हो रही है। हम सभी को गुरुकुल संचालन में सहयोग किसी ना किसी प्रकार से अवश्य करना चाहिए। गुरुकुल में में रह रहे बटुकों- आचार्यों की भी भूरि-भूरि प्रशंसा की और कहा कि यही हमारे संस्कृति के वाहक बनेंगे। मर्यादा पुरुषोत्तम प्रभु श्रीराम की बाल लीलाओं से लेकर के राज्याभिषेक एवं राजा के कर्तव्य आदि प्रत्येक प्रसंग को एवं रामायण में आए हुए भक्त कथाओं के प्रसंगों को संक्षिप्त रूप से बताते हुए कहा कि हम सभी को श्रीराम आलोकिक छवि अपने हृदय में अंगीकृत करके अपने भौतिक तथा आध्यात्मिक जीवन को भी सफल बनाना चाहिए। गुरुकुल के संस्थापक आचार्य रविकांत दीक्षित ने ट्रस्ट एवं गुरुकुल में चल रहे विभिन्न प्रकल्पों के बारे में विस्तार पूर्वक बताया और सभी से आव्हान किया कि भारतीय संस्कृति को सुरक्षित एवं पुष्पित पल्लवित करने के लिए हम सभी को एकत्र होकर के कार्य करने होंगे, अधिक से अधिक लोगों को गुरुकुल के साथ जोड़ना होगा ताकि आने वाले समय में आधुनिकता के साथ-साथ हमारी वैदिक संस्कृति को संरक्षण मिल सके। कथा समापन के बाद भव्य भंडारे का आयोजन हुआ। इस अवसर पर वेदप्रकाश शर्मा, राजीव तिवारी, एस. एस. शुक्ला, उमाशंकर शर्मा, सूरजभान, प्रवीण सक्सेना, प्रभात शर्मा, आजाद सिंह, सतपाल,सुनील मिश्रा आदि के साथ शहर के गणमान्य उपस्थित रहें।
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